Prayagraj : वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरा होने पर राष्ट्रीय चित्रकार कार्यशाला, चित्र कला प्रदर्शनी में दिखी चित्रकारों की प्रतिभा
राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश और संस्कार भारती प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर एक राष्ट्रीय चित्रकार कार्यशाला का आयोजन किया गया। 24 और 26 ज
प्रयागराज। राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश और संस्कार भारती प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर एक राष्ट्रीय चित्रकार कार्यशाला का आयोजन किया गया। 24 और 26 जनवरी को दो दिन कार्यशाला चली। तीसरे दिन मंगलवार को पंडाल में चित्रों की कला प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें चित्रकारों ने अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा। प्रदर्शनी का उद्घाटन मॉडर्न आर्ट गैलरी दिल्ली के महानिदेशक डॉ संजीव किशोर गौतम ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि चित्रों में भारतीय दर्शन को बहुत ही खूबसूरती से चित्रित किया गया है जो भारतीय आध्यात्मिक दर्शन के अद्भुत दिव्य स्वरूप को प्रदर्शित करता है। चित्रकार कार्यशाला के संयोजक डॉ. सचिन सैनी, दृश्य कला विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने कहा कि वंदे मातरम हमारे देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है।
कलाकारों ने इस थीम पर चित्रण कर देश का मान बढ़ाया है। यह गर्व की बात है। राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष व अयोध्या के रामलला का रेखाचित्र बनाने वाले विख्यात कलाकार डॉ सुनील विश्वकर्मा ने सभी प्रतिभागी कलाकारों को प्रमाणपत्र, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र से सम्मनित किया। कार्यशाला के संरक्षक रवीन्द्रनाथ कुशवाहा सदस्य राज्य ललित कला अकादमी ने बताया कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला व कला प्रदर्शनी में देशभर से 20 चुनिंदा कलाकारों ने मां भारती का शानदार व भावपूर्ण चित्रण किया है। चित्रकार डॉ. सौमिक नंदी एवं शिवांशी विश्वकर्मा के चित्र काफी सराहे गए।
कार्यशाला में डॉ. सुरेशचन्द्र जाॅंगिड़, डॉ. अम्बरीष मिश्र, डॉ. उगेश रवि, डॉ. अजय पाठक, डॉ. दीपक कुमार विश्वकर्मा, सुमित कुमार, ऋचा कुमारी, अर्चना पांडे, आशुतोष त्रिपाठी, नितिन गुप्ता, शिवम्, प्रिया कुमारी उपाध्याय, विनोद कुमार, मनोज गोंड, एकांश वर्मा, सिद्धार्थ कुमार सिंह, भरत तिवारी, और कुलदीप शामिल थे। संस्कार भारती काशी प्रांत के संगठन मंत्री दीपक शर्मा और माघ मेला परिसर संस्कार भारती शिविर के संयोजक विभव शंकर मिश्र ने सभी चित्रकारों का सम्मान किया।
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