Sitapur : निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और यूनिफॉर्म को लेकर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश, नियमों की अनदेखी पर लगेगा भारी जुर्माना
अभिभावकों को राहत देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल एक साथ पूरे साल की फीस नहीं मांग सकते। मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर ही फीस ली जाएगी। इसके अलावा, किसी भी तरह का डोनेशन लेना अपराध माना
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर के राजकीय इंटर कॉलेज सभागार में जिलाधिकारी राजागणपति आर. की देखरेख में निजी स्कूलों की फीस और अन्य नियमों को लेकर एक खास बैठक हुई। इस बैठक में माध्यमिक, संस्कृत, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से जुड़े स्कूलों के प्रधानाचार्य और जिला शुल्क नियामक समिति के सदस्य मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया कि स्कूल अपनी मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि फीस केवल सरकारी नियमों के हिसाब से ही तय की जाए और नए सत्र की फीस का पूरा ब्यौरा स्कूल शुरू होने से पहले जमा करना होगा। बिना अनुमति के बीच सत्र में फीस बढ़ाना पूरी तरह गलत माना जाएगा।
अभिभावकों को राहत देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल एक साथ पूरे साल की फीस नहीं मांग सकते। मासिक, तिमाही या छमाही आधार पर ही फीस ली जाएगी। इसके अलावा, किसी भी तरह का डोनेशन लेना अपराध माना जाएगा और फीस लेने पर रसीद देना जरूरी होगा। स्कूलों पर यह भी पाबंदी लगाई गई है कि वे बच्चों के माता-पिता को किसी खास दुकान से ही किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। साथ ही, अगले 5 साल तक स्कूल अपनी यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं कर सकेंगे। अगर कोई स्कूल इन नियमों को तोड़ता है, तो पहली बार में 1 लाख और दूसरी बार में 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। तीसरी बार नियम तोड़ने पर स्कूल की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई की जाएगी।
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