Sitapur : मखाना उत्पादन और उद्यमिता पर सेमिनार आयोजित, खेती के जरिए कमाई बढ़ाने पर दिया जोर
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने किसानों को खेत तालाब योजना के जरिए मखाना की खेती शुरू करने की सलाह दी। पादप रक्षा अधिकारी शिवशंकर ने जानकारी दी कि इस खेती में कीटों और बीमारियों का डर बहुत कम रहता है, जिससे किसा
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड भारत सरकार, कृषि विज्ञान केंद्र और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से सीतापुर के श्री कृष्णा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। "मखाना उत्पादन से उद्यमिता तक" विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किसानों और युवाओं को मखाना खेती के फायदों के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि और प्रवृद्ध फाउंडेशन के निदेशक पी एस ओझा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मखाना उत्पादन की बहुत संभावनाएं हैं, बस किसानों को जागरूक करने की जरूरत है। जिला उद्यान अधिकारी राजश्री ने बताया कि मखाना की खेती ग्रामीण महिलाओं और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने किसानों को खेत तालाब योजना के जरिए मखाना की खेती शुरू करने की सलाह दी। पादप रक्षा अधिकारी शिवशंकर ने जानकारी दी कि इस खेती में कीटों और बीमारियों का डर बहुत कम रहता है, जिससे किसानों को परेशानी नहीं होती। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक दया एस श्रीवास्तव ने मखाना को सेहत और मुनाफे का खजाना बताते हुए कहा कि कम लागत और कम समय में यह फसल अधिक लाभ देती है। कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर शुभम सिंह राठौर ने वीडियो के माध्यम से मखाना उगाने और उसे बाजार के लायक बनाने की तकनीक सिखाई। इस मौके पर मखाना तकनीक से जुड़ी एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया और छात्रों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को प्रेरित किया। सेमिनार में कुल 237 लोगों ने हिस्सा लिया और अंत में अरुण कुमार त्रिपाठी ने सभी का आभार जताया।
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