Sultanpur : गौकशी मामले में बड़ी कार्रवाई: इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
पूरा मामला गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के राजापुर बाजार से जुड़ा है। यहाँ रात के समय गौ वध की सूचना मिलने पर हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने तालाब के पास से लगभग एक क्विंटल मांस, कटान के उपकरण, एक कार और एक पि
सुल्तानपुर जिले में गौकशी के एक मामले में लापरवाही और बरामदगी में हेरफेर करने के आरोप में पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने सख्त कदम उठाया है। इस मामले में इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय, उप निरीक्षक अनिल यादव और हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। राम आशीष उपाध्याय को बल्दीराय थाने का प्रभार संभाले अभी एक दिन ही हुआ था कि उन पर यह गाज गिरी।
पूरा मामला गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के राजापुर बाजार से जुड़ा है। यहाँ रात के समय गौ वध की सूचना मिलने पर हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने तालाब के पास से लगभग एक क्विंटल मांस, कटान के उपकरण, एक कार और एक पिकअप वाहन बरामद कर पुलिस को जानकारी दी थी। मौके से दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। इस मामले में यशदीप ठठेर की तहरीर पर कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अपनी लिखापढ़ी में चाकू, रस्सियां, तराजू और वाहन आदि की बरामदगी तो दिखाई, लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब मौके के वीडियो में दिख रहे भारी मात्रा में मांस का जिक्र पुलिस रिकॉर्ड में नहीं मिला।
पुलिस की इस बड़ी चूक का फायदा आरोपियों को अदालत में मिला और ठोस साक्ष्यों की कमी के कारण रिमांड खारिज होने पर सभी आरोपी रिहा हो गए। इस घटना से नाराज लोगों ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। जांच में पुलिसकर्मियों की ओर से बरती गई लापरवाही और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर एसपी ने तीनों को सस्पेंड कर दिया। यह पहली बार नहीं है जब संबंधित इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है, इससे पहले कोतवाली नगर में तैनाती के दौरान भी उन्हें निलंबन झेलना पड़ा था।
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