भारी बारिश से हरदोई में जलभराव: शिक्षक संघ अध्यक्ष योगेश त्यागी ने खोली नगर पालिका की पोल, जलभराव में डुबकी ले रहा है लखनऊ मंडल में नंबर एक नगर पालिका का विकास। 

Hardoi: उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर हरदोई, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, इन दिनों बारिश के बाद जलभराव ....

Aug 14, 2025 - 16:41
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भारी बारिश से हरदोई में जलभराव: शिक्षक संघ अध्यक्ष योगेश त्यागी ने खोली नगर पालिका की पोल, जलभराव में डुबकी ले रहा है लखनऊ मंडल में नंबर एक नगर पालिका का विकास। 
भारी बारिश से हरदोई में जलभराव: शिक्षक संघ अध्यक्ष योगेश त्यागी ने खोली नगर पालिका की पोल, जलभराव में डुबकी ले रहा है लखनऊ मंडल में नंबर एक नगर पालिका का विकास। 

Hardoi: उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर हरदोई, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, इन दिनों बारिश के बाद जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की सड़कों, गलियों और प्रमुख स्थानों को तालाब में तब्दील कर दिया। नघेटा रोड, कलेक्ट्रेट परिसर, और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति ने न केवल आम जनता की परेशानियों को बढ़ाया, बल्कि नगर पालिका हरदोई की जल निकासी व्यवस्था की नाकामी को भी दिखा दिया है। शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश त्यागी ने इस स्थिति को लेकर नगर पालिका पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह वही नगर पालिका है, जो लखनऊ मंडल में नंबर एक होने का दावा करती है।

अधिकारियों के बंगले में भरा पानी

हरदोई में बीती रात की बारिश ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। कुछ ही घंटों की बारिश में सड़कें तालाब बन गईं, नालियों का गंदा पानी घरों में घुस गया, और कई क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। नघेटा रोड, जो शहर का एक प्रमुख मार्ग है, जलमग्न हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कलेक्ट्रेट परिसर जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र भी जलभराव से अछूते नहीं रहे। यह स्थिति न केवल आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनी, बल्कि नगर पालिका की तैयारियों और दावों पर भी सवालिया निशान लगा रही है।

हर साल मानसून के दौरान शहर में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार स्थिति पहले से कहीं अधिक गंभीर है। नालियां चोक होने के कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा, और सड़कों पर गंदा पानी जमा होने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। कई मोहल्लों में नालियों का पानी घरों में घुस गया, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया। यह स्थिति न केवल नगर पालिका की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि आखिर बारिश से पहले जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।

नगर पालिका का दावा और हकीकत

नगर पालिका हरदोई ने बारिश से पहले जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने का दावा किया था। अधिकारियों ने कहा था कि नालों की सफाई, पंपिंग सेट की व्यवस्था, और जलभराव से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लेकिन पहली ही बारिश में ये दावे हवा-हवाई साबित हुए। जब बारिश से पहले काम करने की जरूरत महसूस नहीं हुई, तो अब आम जनता को बेवकूफ समझा जा रहा है। " यह कार्यशैली नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाती है।

नगर पालिका का कहना है कि जलभराव से निपटने के लिए पूरा अमला दिन-रात काम कर रहा है। अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह स्वयं सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं और लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही तय की जाए। इसके बावजूद, स्थानीय लोगों का कहना है कि ये प्रयास नाकाफी हैं और समस्या का मूल कारण नालियों की नियमित सफाई और रखरखाव की कमी है।

जिन नालों की सफाई बारिश से पहले होनी चाहिए थी वह बारिश के बाद करते हुए 

जलभराव के कारण

हरदोई में जलभराव की समस्या के कई कारण हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:

नालियों का चोक होना: शहर की अधिकांश नालियां कचरे और मलबे से भरी हुई हैं। नियमित सफाई न होने के कारण पानी का निकास रुक जाता है, जिससे सड़कों पर जलभराव हो जाता है।

अतिक्रमण: कई क्षेत्रों में नालों और नालियों पर अतिक्रमण ने जल निकासी के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। जिलाधिकारी ने अतिक्रमण हटाने और पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था: शहर की जल निकासी व्यवस्था पुरानी और अपर्याप्त है। नालों की ढाल ठीक नहीं होने के कारण पानी का प्रवाह अंतिम गंतव्य तक नहीं पहुंच पाता।

नगर पालिका की लापरवाही: बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कार्य योजना नहीं बनाई गई। यह लापरवाही हर साल जलभराव की समस्या को और गंभीर बनाती है।

जलभराव के कारण आम जनता को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर जमा पानी के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। स्कूल, दफ्तर, और बाजार जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसके अलावा, गंदा पानी घरों में घुसने से स्वच्छता की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण उनकी दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। हरदोई में जलभराव की समस्या ने नगर पालिका की कार्यशैली और तैयारियों की पोल खोल दी है। जब बारिश से पहले काम करने की जरूरत थी, तब कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब जब शहर जलमग्न है, तो नगर पालिका और प्रशासन के तात्कालिक प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।

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नघेटा रोड का हाल कैसे निकलेंगे वहां के लोग??

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