समंदर पार से चल रहा रंगदारी का काला साम्राज्य ध्वस्त: इंटरपोल और थाई पुलिस की मदद से दबोचा गया साहिल चौहान, भारत पहुंचते ही सलाखों के पीछे।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान को
- थाईलैंड में छिपे गैंगस्टर साहिल चौहान का हुआ अंत: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने प्रत्यर्पित कर दिल्ली लाया, कारोबारियों के लिए बना था सिरदर्द
- दिल्ली-एनसीआर के व्यापारियों को इंटरनेट कॉलिंग से धमकाने वाला शातिर अपराधी साहिल गिरफ्तार: थाईलैंड से भारत प्रत्यर्पण के बाद पुलिस की बड़ी कामयाबी
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान को थाईलैंड से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। साहिल चौहान पिछले काफी समय से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक और उसके आसपास के इलाकों में छिपकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहा था। वह मुख्य रूप से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बड़े कारोबारियों, बिल्डरों और रीयल एस्टेट व्यापारियों को निशाना बनाता था। विदेशी धरती पर बैठकर इंटरनेट कॉलिंग और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए वह करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगता था। भारत सरकार और थाईलैंड के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते और निरंतर कूटनीतिक दबाव के बाद इस शातिर अपराधी को शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, जहाँ पहले से तैनात पुलिस की टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। साहिल चौहान का नाम दिल्ली के अपराध जगत में तब तेजी से उभरा जब उसने लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी जैसे बड़े गैंग्स के साथ मिलकर काम करना शुरू किया। कुछ समय पहले वह फर्जी पासपोर्ट के सहारे नेपाल के रास्ते थाईलैंड भागने में सफल रहा था। विदेशी धरती पर पहुंचने के बाद उसे लगा कि वह भारतीय कानून की पहुंच से दूर हो गया है, जिसके बाद उसने और अधिक आक्रामक तरीके से दिल्ली के व्यापारियों को धमकाना शुरू किया। वह स्थानीय गुर्गों के जरिए पहले संबंधित व्यवसायी की रेकी करवाता था और फिर बैंकॉक के नंबरों से कॉल कर जान से मारने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग करता था। उसके इस बढ़ते आतंक के कारण दिल्ली के कई व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां उसे वापस लाने की योजना पर काम कर रही थीं।
गैंगस्टर साहिल चौहान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद इंटरपोल की मदद ली गई थी। भारतीय खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि साहिल बैंकॉक के एक आलीशान अपार्टमेंट में अपनी पहचान बदलकर रह रहा है। थाईलैंड की रॉयल पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर एक साझा अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे कुछ सप्ताह पहले ही हिरासत में लिया गया था। थाईलैंड की अदालत में चली कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे भारत को सौंपने का निर्णय लिया गया। यह प्रत्यर्पण भारतीय पुलिस के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है क्योंकि साहिल के पास दिल्ली और पंजाब के कई गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय लिंक और उनकी फंडिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद हैं। साहिल चौहान बेहद शातिर तरीके से 'वर्चुअल नंबरों' का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी लोकेशन का पता न लगाया जा सके। वह अक्सर वीपीएन (VPN) और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का सहारा लेता था। हालांकि, दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने उसके द्वारा किए गए कुछ कॉल डेटा को ट्रेस करने में कामयाबी हासिल की, जिससे उसके बैंकॉक में होने की पुख्ता पुष्टि हुई। इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने सक्रियता दिखाते हुए थाईलैंड प्रशासन से संपर्क साधा और उसे वापस लाने का मार्ग प्रशस्त किया।
पुलिस हिरासत में लेने के बाद साहिल चौहान से पूछताछ की एक लंबी प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों का मानना है कि साहिल केवल रंगदारी ही नहीं, बल्कि विदेशों से अवैध हथियारों की तस्करी और हवाला कारोबार में भी शामिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय कई छोटे गिरोह भी साहिल के इशारे पर काम कर रहे थे। उससे होने वाली पूछताछ के आधार पर पुलिस उन स्थानीय मददगारों की सूची तैयार कर रही है जो उसे व्यापारियों की गोपनीय जानकारियां और उनके घर-दफ्तर के पते मुहैया कराते थे। पुलिस का मुख्य उद्देश्य उस पूरे तंत्र को ध्वस्त करना है जो विदेशों में बैठे अपराधियों को भारत में दहशत फैलाने में मदद करता है। साहिल चौहान की गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों में राहत की लहर देखी जा रही है। हाल के महीनों में दिल्ली के कई प्रसिद्ध शोरूम मालिकों और व्यवसायियों को धमकी भरे कॉल आए थे, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी बुरा असर पड़ रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिपा हो, भारतीय कानून के लंबे हाथ उस तक पहुंच ही जाएंगे। साहिल को अब रिमांड पर लेकर विभिन्न आपराधिक मामलों में उसकी संलिप्तता की गहन जांच की जाएगी। उसके पास से बरामद डिजिटल दस्तावेजों और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि भविष्य में होने वाली ऐसी आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।
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