विजयन का बड़ा दावा- केरल विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमट जाएगी भाजपा

केरल के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा शासित केंद्र ने केरल के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने जीएसटी मुआवजे, आपदा राहत और वित्तीय सहायता के मामलों में भेदभाव का मुद्दा उठाया।

By INA News Desk
Mar 22, 2026 - 11:53
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विजयन का बड़ा दावा- केरल विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमट जाएगी भाजपा
विजयन का बड़ा दावा- केरल विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमट जाएगी भाजपा

  • तीसरी पारी के लिए वाम मोर्चे का शंखनाद: पिनाराई बोले- भाजपा का नहीं खुलेगा खाता
  • केरल की चुनावी जंग में तीखी बयानबाजी: मुख्यमंत्री ने भाजपा की उम्मीदों पर फेरा पानी

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने हाल ही में एक सार्वजनिक संबोधन और मीडिया चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को राज्य में एक भी सीट नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया है जब राज्य में चुनावी बिगुल बज चुका है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। विजयन ने तर्क दिया कि केरल की जनता धर्मनिरपेक्षता और विकास के मॉडल को प्राथमिकता देती है, जो भाजपा की विचारधारा के साथ मेल नहीं खाता। उन्होंने भाजपा की पिछली चुनावी असफलताओं की याद दिलाते हुए कहा कि राज्य की प्रगतिशील सोच के सामने सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान वामपंथी सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में किए गए विकास कार्यों का विवरण पेश किया। उन्होंने कहा कि केरल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में जो मानक स्थापित किए हैं, उन्हें देश और दुनिया भर में सराहा गया है। विजयन के अनुसार, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व केरल में कितनी भी रैलियां या प्रचार क्यों न कर ले, जमीन पर मतदाता वाम मोर्चे की उपलब्धियों से प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की विभाजनकारी नीतियों को केरल के लोग पहले भी नकार चुके हैं और इस बार भी परिणाम वही रहने वाला है। उनके अनुसार, भाजपा केवल शोर मचाती है लेकिन चुनावी गणित में वह हमेशा पिछड़ जाती है।

चुनावी परिदृश्य का विश्लेषण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पास केरल के लिए कोई ठोस वैकल्पिक एजेंडा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल ध्रुवीकरण की राजनीति के सहारे राज्य में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन केरल का सामाजिक ताना-बना इतना मजबूत है कि ऐसी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। विजयन ने स्थानीय निकायों के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि हालांकि भाजपा ने कुछ पॉकेट में अपना वोट शेयर बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन विधानसभा के स्तर पर यह वोट सीटों में तब्दील नहीं हो पाएगा। उनका मानना है कि भाजपा के प्रति जनता का अविश्वास कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। केरल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में होगा और मतगणना 4 मई, 2026 को की जाएगी। चुनाव आयोग ने राज्य की सभी 140 सीटों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

विजयन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) पर भी निशाना साधा और कहा कि मुख्य मुकाबला वामपंथी मोर्चे और यूडीएफ के बीच ही है। उन्होंने भाजपा को इस मुकाबले में कहीं भी नहीं देखा। मुख्यमंत्री के अनुसार, भाजपा का प्रभाव केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित है और वे वहां भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य की जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों की 'जनविरोधी' आर्थिक नीतियों को समझ चुकी है और उनके पास एलडीएफ के रूप में एक विश्वसनीय विकल्प मौजूद है। विजयन ने भाजपा को 'शून्य' पर रोकने के अपने संकल्प को दोहराते हुए इसे केरल की अस्मिता की रक्षा बताया।

केरल के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा शासित केंद्र ने केरल के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया है। उन्होंने जीएसटी मुआवजे, आपदा राहत और वित्तीय सहायता के मामलों में भेदभाव का मुद्दा उठाया। विजयन के अनुसार, भाजपा के स्थानीय नेता इन मुद्दों पर चुप्पी साधे रहते हैं, जिससे जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे दल की बनी है जो केरल के हितों की रक्षा करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि जो दल राज्य के अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ सकता, उसे जनता का समर्थन प्राप्त करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। इसी कारण उन्हें विश्वास है कि भाजपा को कोई भी सीट नहीं मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताएं और भाजपा के 'भ्रामक' प्रचार का खंडन करें। उन्होंने कहा कि चुनावी मैदान में लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं बल्कि विचारधारा की भी है। विजयन ने भरोसा जताया कि एलडीएफ इस बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीतियों को 'हवाई दावों' की संज्ञा दी और कहा कि वास्तविक परिणाम आने पर भाजपा के नेतृत्व को अपनी स्थिति का अहसास हो जाएगा। उनके अनुसार, केरल का राजनीतिक इतिहास गवाह है कि यहाँ केवल जन-हितैषी राजनीति ही टिक सकती है।

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