Lucknow: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न।
मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक
लखनऊ: मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी जिलाधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि सहकारी समितियां निर्धारित समय पर खुलें तथा विक्रय केन्द्रों पर खाद का स्टॉक कभी कम न हो। हर किसान को बिना किसी परेशानी के समय से उर्वरक मिले, इसके लिए स्टॉक कम होने पर तत्काल पुनः आवंटन किया जाए तथा जिलाधिकारी इसकी प्रतिदिन समीक्षा करें। पराली जलाने की घटनाओं पर मुख्य सचिव ने बताया कि सेटेलाइट के माध्यम से इसकी निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से इस संवेदनशील मुद्दे पर ध्यान देते हुए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में पराली जलाने की घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां किसानों को पराली के वैकल्पिक प्रबंधन प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
निराश्रित गोवंश संरक्षण के संबंध में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में 30 नवीन वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों का निर्माण प्रस्तावित है, इसके लिए संबंधित जनपद एक-एक हेक्टेयर भूमि शीघ्र चिन्हित कर पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही, प्रत्येक मंडल में एक-एक मॉडल गौशाला विकसित करने के लिए भी स्थल चिन्हित किया जाए। अच्छा कार्य करने वाले एनजीओ को गो-आश्रय स्थल आवंटित किए जाएं जो गोबर एवं गोमूत्र का मूल्य संवर्धन करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी गो-आश्रय स्थलों में कर्मचारियों की उपस्थिति, चारा-पानी की नियमित उपलब्धता तथा क्रियाशीलता की कड़ी निगरानी रखी जाए। निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण हेतु प्रति गोवंश प्रतिदिन पचास रुपये की दर निर्धारित की गई है, जिसके द्वारा गोवंश को हरा चारा, साइलेज एवं भूसा दिया जाए। वर्ष भर हरा चारा आपूर्ति के लिए चारा उत्पादक किसानों से अनुबंध किया जाए। सड़कों, राजमार्गों तथा खेतों से निराश्रित पशुओं को तत्काल संरक्षित कराया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि डीबीटी के माध्यम से भुगतान के लिए प्रत्येक माह की तीस तारीख तक फण्ड रिक्वेस्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए। शीत ऋतु को देखते हुए सभी गो-आश्रय स्थलों में ठंड से बचाव के लिए तिरपाल, बोरे एवं पुआल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। चारा नीति के अंतर्गत गो-आश्रय स्थलों को चारागाह भूमि आवंटित कर वहां हरा चारा उत्पादन कराया जाए। मुख्य सचिव ने बताया कि जैविक खाद के बदले पराली संग्रहण अभियान 01 नवम्बर 2025 से 15 दिसम्बर 2025 तक चलाया जा रहा है और इस अभियान को व्यापक प्रचार देकर अधिक से अधिक पराली का संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
खनन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में संचालित ईंट भट्टों से विनियमन शुल्क प्राथमिकता के साथ जमा कराया जाए, राजकीय एवं राष्ट्रीय निर्माण कार्यों में प्रयुक्त उपखनिज के बकाया रॉयल्टी की वसूली शीघ्र पूरी की जाए तथा साधारण मिट्टी के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मानसून सत्र समाप्ति के बाद सभी बालू-मोरंग खनन पट्टों की रीप्लेनिशमेंट स्टडी ईएमजीएसएम-2020 तथा सस्टेनेबल सैंड माइनिंग मैनेजमेंट गाइडलाइंस-2016 के अनुसार कराई जाए तथा जिला स्तरीय समिति द्वारा खनन योग्य मात्रा का निर्धारण किया जाए। खनन वाहनों पर लगे जीपीएस उपकरणों का विभागीय पोर्टल से इंटीग्रेशन शीघ्र पूरा कराया जाए।
इससे पहले बताया गया कि रबी अभियान वर्ष 2025-26 (दिनांक 01.10.2025 से 31.03.2026 तक) में यूरिया का कुल लक्ष्य 17.42 लाख मी० टन तथा फास्फेटिक का कुल लक्ष्य 9.27 लाख मीट्रिक टन निर्धारित है, जिसके सापेक्ष दिनांक 19.11.2025 तक बफर सहित कुल उपलब्धता यूरिया 6.43 लाख मी० टन तथा फास्फेटिक 6.59 लाख मी० टन है, जिसके सापेक्ष यूरिया फास्फेटिक 4.80 लाख मी०टन वितरण किया गया है। विगत रबी अभियान वर्ष 2024-25 (दिनांक 01.10.2024 से 31.03.2025 तक) में यूरिया का कुल लक्ष्य 15.84 लाख मी0 टन एवं फास्फेटिक 8.50 लाख मी० टन निर्धारित था. जिसके सापेक्ष यूरिया 15.13 लाख मै०टन एवं फास्फेटिक 9.61 लाख मी० टन उर्वरकों की उपलब्धता रही तथा यूरिया 12.58 लाख मी०टन एवं फास्फेटिक 8.06 लाख मी० टन वितरण किया गया। प्रमाणित बीज का कुल लक्ष्य 7.761 कु०, उपलब्धता 7,761 कु० के सापेक्ष वितरण 7.761 कु० किया गया था।
बैठक में प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव सहकारिता सौरभ बाबू, सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म माला श्रीवास्तव, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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