अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई तो फिर.... मिथुन चक्रवर्ती का बिलावल भुट्टो को करारा जवाब। 

Political: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के हालिया बयान....

Aug 12, 2025 - 14:25
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अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई तो फिर.... मिथुन चक्रवर्ती का बिलावल भुट्टो को करारा जवाब। 
अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई तो फिर.... मिथुन चक्रवर्ती का बिलावल भुट्टो को करारा जवाब। 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को धमकी दी थी, जिसके जवाब में मिथुन चक्रवर्ती ने व्यंग्यात्मक और कड़े शब्दों में चेतावनी दी। कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खोपड़ी सनक गई, तो एक के बाद एक ब्रह्मोस मिसाइल चलेगी। हमने एक डैम बनाने का भी सोचा है, जिसमें 140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे। फिर हम डैम खोल देंगे, कोई गोली नहीं चलेगी, लेकिन पाकिस्तान में सुनामी आ जाएगी।” मिथुन ने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान की जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल बिलावल भुट्टो के लिए है।

बिलावल भुट्टो ने सिंध सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत को चेतावनी दी थी कि सिंधु नदी के पानी को मोड़ना पाकिस्तान की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास पर हमला है, खासकर सिंध प्रांत पर। उन्होंने दावा किया कि भारत का यह कदम पाकिस्तान की जल सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है और यदि भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित रखा, तो पाकिस्तान युद्ध के लिए तैयार है। बिलावल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की जनता एकजुट होकर भारत के खिलाफ लड़ने को तैयार है और छह नदियों को “वापस लेने” की बात कही। यह पहली बार नहीं है जब बिलावल ने इस तरह की धमकी दी हो। इससे पहले जून में, उन्होंने पाकिस्तान की संसद में कहा था कि यदि भारत ने सिंधु नदी का पानी रोकने की कोशिश की, तो पाकिस्तान युद्ध छेड़ देगा।

मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान भारत की उस कठोर नीति का हिस्सा है, जो हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक और सैन्य तनावों के बीच उभरी है। भारत ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों में से सात को नष्ट कर दिया गया।

इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकत और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को प्रदर्शित किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह संधि भविष्य में बहाल नहीं होगी, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। मिथुन चक्रवर्ती की टिप्पणी ने न केवल बिलावल भुट्टो के बयान का जवाब दिया, बल्कि भारत की रणनीतिक स्थिति को भी रेखांकित किया। ब्रह्मोस मिसाइल, जो भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है, दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है। इसकी गति और सटीकता इसे एक घातक हथियार बनाती है, और मिथुन की टिप्पणी में इसका उल्लेख भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक है। उनकी “140 करोड़ लोगों का डैम” वाली टिप्पणी, हालांकि व्यंग्यात्मक और अतिशयोक्तिपूर्ण, भारत की जनसंख्या और एकजुटता को रणनीतिक ताकत के रूप में दर्शाती है। इस बयान ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी, जहां कुछ लोगों ने इसे मजाकिया और प्रभावी जवाब माना, जबकि अन्य ने इसे अनावश्यक रूप से उकसाने वाला बताया।

इस बयान का संदर्भ समझने के लिए भारत-पाकिस्तान संबंधों की वर्तमान स्थिति को देखना महत्वपूर्ण है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने न केवल सिंधु जल संधि को निलंबित किया, बल्कि सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर भी कड़े कदम उठाए। ऑपरेशन सिंदूर, जिसे भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने “शतरंज का खेल” करार दिया, एक ऐसी रणनीति थी जिसमें सटीक हमलों, खुफिया जानकारी और सूचना प्रबंधन का उपयोग किया गया। इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के गहरे इलाकों में दो आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जबकि सेना और नौसेना ने अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन ने भारत की त्रि-सेवा एकीकरण की क्षमता को प्रदर्शित किया और वैश्विक स्तर पर “न्याय हुआ” संदेश को प्रभावी ढंग से प्रचारित किया। बिलावल भुट्टो के बयान का समय भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अमेरिका दौरे के साथ मेल खाता है। मुनीर ने एक निजी रात्रिभोज में भारतीय बांधों पर मिसाइल हमले की धमकी दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भारत ने पानी का प्रवाह रोका, तो पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकता है। इस बयान को भारत ने “परमाणु ब्लैकमेल” करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि पाकिस्तान की परमाणु कमान और नियंत्रण की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा।

मिथुन चक्रवर्ती का बयान इस संदर्भ में भारत की कठोर नीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी पाकिस्तान की जनता के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह बिलावल भुट्टो जैसे नेताओं के उकसावे वाले बयानों के जवाब में है। यह बयान भारत की उस रणनीति का हिस्सा है, जो कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि भारत किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मिथुन की टिप्पणी ने न केवल भारत में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि यह भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच एक नई बहस को जन्म देता है। सिंधु जल संधि, जो 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हस्ताक्षरित हुई थी, लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का विषय रही है। इस संधि के तहत, सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों का पानी दोनों देशों के बीच बांटा गया है, जिसमें भारत को तीन पूर्वी नदियों (सतलज, ब्यास और रावी) और पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) का नियंत्रण दिया गया। भारत ने हाल के वर्षों में इन नदियों पर कई जल परियोजनाएं शुरू की हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने अपनी जल सुरक्षा के लिए खतरा माना है। अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया, जिसे पाकिस्तान ने “जल युद्ध” की शुरुआत करार दिया।

बिलावल भुट्टो के बयान ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। उन्होंने सिंध प्रांत में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में कहा कि भारत की जल परियोजनाएं न केवल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी नष्ट कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मे महिन्ये में हुए सैन्य संघर्ष में भारत को हार का सामना करना पड़ा, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। भारत ने इस संघर्ष में ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रभावी कार्रवाई की थी, जिसने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया। बिलावल के इस बयान को कई विश्लेषकों ने उनकी घरेलू राजनीति को मजबूत करने की कोशिश माना है, क्योंकि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता के रूप में वे सिंध प्रांत में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं। मिथुन चक्रवर्ती की टिप्पणी ने भारत में राष्ट्रवादी भावनाओं को हवा दी है। सोशल मीडिया पर उनके बयान को व्यापक समर्थन मिला, जहां कई लोगों ने इसे एक साहसिक और मजेदार जवाब माना। एक यूजर ने लिखा, “मिथुन दा ने बिलावल को उनके ही अंदाज में जवाब दिया। यह भारत की ताकत और हास्य का शानदार मिश्रण है।” हालांकि, कुछ लोगों ने इस बयान को अनावश्यक रूप से उकसावे वाला बताया और चेतावनी दी कि ऐसी बयानबाजी दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।

इस बयान के व्यापक प्रभावों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि भारत-पाकिस्तान संबंध एक नाजुक मोड़ पर हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के अमेरिका दौरे और उनकी परमाणु धमकी ने इस तनाव को और गहरा किया है। मुनीर ने टम्पा, फ्लोरिडा में एक निजी रात्रिभोज में कहा था कि यदि भारत ने पानी का प्रवाह रोका, तो पाकिस्तान भारतीय बांधों पर दस मिसाइलें दागेगा। इस बयान को भारत ने गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि यह पाकिस्तान की परमाणु नीति की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। भारत की ओर से इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और सख्त किया है, और सिंधु जल संधि का निलंबन इसी रणनीति का हिस्सा है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के परमाणु ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा। मिथुन चक्रवर्ती का बयान, हालांकि व्यंग्यात्मक और हास्यपूर्ण, भारत की उस रणनीति को दर्शाता है जो कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर आक्रामकता और आत्मविश्वास को जोड़ती है। यह बयान न केवल बिलावल भुट्टो के लिए एक जवाब है, बल्कि यह पाकिस्तान के नेतृत्व को एक स्पष्ट संदेश देता है कि भारत किसी भी धमकी का जवाब देने के लिए तैयार है।

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