देवबंद न्यूज़: महफ़िल ए मुशायरा- कौन होता है तिरे ग़म में परेशान सरवर, वो तो अपनी ही किसी बात पे रोना आया। 

Aug 14, 2024 - 15:24
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देवबंद न्यूज़: महफ़िल ए मुशायरा- कौन होता है तिरे ग़म में परेशान सरवर, वो तो अपनी ही किसी बात पे रोना आया। 

देवबंद:15अगस्त के मौके पर अदबी व सामाजिक संस्था जहान ए अदब के तत्वावधान में एक महफ़िल ए मुशायरा का आयोजन शायर तनवीर अजमल के आवास पर किया गया जिसकी अध्यक्षता जनाब दिलशाद खुशतर ने और सफल संचालन शायर तनवीर अजमल देवबन्दी ने किया और उदघाटन जनाब जकी अंजुम सिद्दीकी ने किया तथा शमा रौशन जनाब शमीम किरतपुरी और दिवान शाह सज्जादा नशीन कमरूज्जमा कमर ने की प्रोग्राम का आगाज़   नात-ए-पाक से किया गया। 


हमारी शान है यारो यही पहचान है यारो
वतन का यह तिरंगा ही हमारी जान है यारो- अजमल

कौन सी ऐसी ख़ुशी है जो हमें हासिल नहीं 
मुत्मइन फिर भी न जाने क्यों हमारा दिल नहीं- शमीम

मैं आँसुओं से लगाता हूं शेर पर नुक्ते
कभी कभी मेरे अन्दर का,मीर,जागता है- सिद्दीकी

अगर वो नसीब हम पर मेहरबान होते
तो हम ज़मीं पे रह के भी आसमान होते- कमर

आंख भारत पर कोई दुश्मन उठा सकता नहीं
अपनी हस्ती को कभी कोई मिटा सकता नहीं- दिलशाद

दावते हक़ में मसीहाई ज़रुरी है सईद
दावते हक़ सिर्फ दे कर हम ने क्या अच्छा किया- सईद

दरूने दिल तुम्हारी याद जाना
रहेगी मुस्तकिल आबाद जाना- डा काशिफ

सरवर ने पढ़ा कौन होता है तिरे ग़म में परेशान सरवर
वो तो अपनी ही किसी बात पे रोना आया।। 

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इन के अलावा वसीम अंसारी, आज़म साबरी,ज़ाहिद दिलबर, ने भी अपने ख़ूबसूरत कलाम से नवाज़ा इन के अलावा नदीम कुरैशी,बिलाल ख़ान,आरिफ़ कुरैशी,सय्यद अफजाल, सरवर साबरी,बाटू भाई,शौकत सलमानी, उस्मान कुरैशी आदि ने भी शिरकत की,प्रोग्राम के अन्त में जहान ए अदब एकेडमी के संस्थापक एवं अध्यक्ष शायर तनवीर अजमल ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया।

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