Trending: नाशिक में दिल दहलाने वाला हत्याकांड- पत्नी ने पति की हत्या कर शव के किए टुकड़े, सेप्टिक टैंक में छिपाया।
महाराष्ट्र के नाशिक जिले के सुरगाणा तालुका में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला, प्रभा यशवंत ठाकरे...
नाशिक : महाराष्ट्र के नाशिक जिले के सुरगाणा तालुका में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक महिला, प्रभा यशवंत ठाकरे, ने अपने पति यशवंत मोहन ठाकरे की बेरहमी से हत्या कर दी और शव के टुकड़े करके घर के शौचालय के सेप्टिक टैंक में छिपा दिए। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ, जब घर से असहनीय बदबू आने की शिकायत पड़ोसियों ने पुलिस को दी। मामले की जांच में जुटी सुरगाणा पुलिस और स्थानीय क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पत्नी प्रभा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में प्रभा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, लेकिन हत्या के पीछे की असल वजह अभी तक रहस्य बनी हुई है।
यह दिल दहलाने वाली घटना नाशिक जिले के सुरगाणा तालुका के मालगोंदा गांव में सामने आई। मृतक यशवंत मोहन ठाकरे (उम्र करीब 35 वर्ष) पिछले दो महीनों से लापता था। स्थानीय लोगों और परिजनों का मानना था कि वह काम की तलाश में गुजरात चला गया था। हालांकि, 12 जून 2025 को उनके घर से असहनीय बदबू आने की शिकायत पड़ोसियों ने पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर सुरगाणा पुलिस और स्थानीय क्राइम ब्रांच की टीम ने यशवंत के घर की तलाशी ली। जांच के दौरान घर के शौचालय के सेप्टिक टैंक से मानव अवशेष बरामद हुए, जिनकी पहचान बाद में यशवंत मोहन ठाकरे के रूप में हुई।
पुलिस ने सेप्टिक टैंक से शव के तीन टुकड़े बरामद किए, जिनमें सिर, धड़, और अन्य अंग शामिल थे। शव को साड़ी में लपेटकर टैंक में डाला गया था, और ऊपर से लकड़ियां रखकर बदबू को दबाने की कोशिश की गई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हत्या के बाद प्रभा ने यशवंत के कपड़े जला दिए ताकि कोई सबूत न बचे। पुलिस ने मौके से जले हुए कपड़े और अन्य सामग्री भी बरामद की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है, और प्रारंभिक रिपोर्ट में हत्या का कारण कुऱ्हाड़ी से सिर पर गंभीर चोट बताया गया है।
- पुलिस की कार्रवाई
सुरगाणा पुलिस ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू की। शुरुआती जांच में प्रभा यशवंत ठाकरे पर संदेह हुआ, क्योंकि वह यशवंत के लापता होने के बारे में अस्पष्ट और विरोधाभासी बयान दे रही थी। पुलिस ने प्रभा को हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात कबूल कर ली। प्रभा ने बताया कि दो महीने पहले, यानी अप्रैल 2025 में, उसने यशवंत की हत्या कर दी थी। उसने कुऱ्हाड़ी से यशवंत के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद, शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने शव के टुकड़े किए और सेप्टिक टैंक में डाल दिया।
सुरगाणा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर संजय पाटिल ने बताया, “आरोपी प्रभा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हमने हत्या में प्रयुक्त कुऱ्हाड़ी, जले हुए कपड़े, और अन्य सबूत बरामद किए हैं। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है, और हत्या के पीछे की वजह की जांच की जा रही है।” पुलिस ने प्रभा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने की कोशिश" target="_blank" rel="noopener noreferrer">, और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
- हत्या की वजह: अभी तक रहस्य
हालांकि प्रभा ने हत्या की बात कबूल कर ली है, लेकिन उसने हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की। पुलिस के अनुसार, प्रभा ने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन यशवंत ने शराब पीकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। उसने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। गुस्से में आकर प्रभा ने कुऱ्हाड़ी से यशवंत पर हमला कर दिया। हालांकि, पुलिस को संदेह है कि इस हत्या के पीछे कोई गहरी वजह हो सकती है, जैसे विवाहेतर संबंध, पारिवारिक विवाद, या आर्थिक लेन-देन। पुलिस अब प्रभा के फोन रिकॉर्ड, बैंक खातों, और सामाजिक संबंधों की जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असल वजह का पता लगाया जा सके।
यशवंत और प्रभा की शादी को करीब 10 साल हो चुके थे, और उनके बीच अक्सर झगड़े होने की बात स्थानीय लोगों ने बताई। यशवंत एक छोटा-मोटा मजदूर था, जो कभी-कभी शराब पीता था। प्रभा ने पड़ोसियों को बताया था कि यशवंत काम की तलाश में गुजरात गया है, जिसके कारण किसी को उसके लापता होने पर संदेह नहीं हुआ। पड़ोसियों का कहना है कि प्रभा का व्यवहार सामान्य था, और उसने कभी यह जाहिर नहीं होने दिया कि उसने इतना जघन्य अपराध किया है।
इस घटना ने मालगोंदा गांव में सनसनी फैला दी है। स्थानीय निवासी रमेश पवार ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि प्रभा ऐसा कुछ कर सकती है। वह शांत स्वभाव की लगती थी। यह घटना हमारे लिए सदमे जैसी है।” गांव में यशवंत और प्रभा के परिवार की कोई खास सामाजिक प्रतिष्ठा नहीं थी, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में रिश्तों की पवित्रता पर सवाल उठा दिए हैं।
इस हत्याकांड का वर्णन जैसे ही स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में फैला, सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो गई। X पर कई यूजर्स ने इस घटना को “महाराष्ट्र की सोनम” से जोड़ा, जो हाल ही में इंदौर में हुए एक अन्य हत्याकांड से प्रेरित था, जहां सोनम रघुवंशी ने अपने पति की हत्या कर शव को ठिकाने लगाया था। @TV9DelhiNCR ने लिखा, “महाराष्ट्र की ‘सोनम’ तो और खतरनाक, पति के 3 टुकड़े किए; फिर सेफ्टिक टैंक में डाल दी लाश… घर में बोली- कमाने गए गुजरात…” @PoliceMahanagar ने भी इस घटना को साझा करते हुए इसे “नाशिक की सोनम” करार दिया।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस घटना की तुलना फिल्मी कहानियों से की, जबकि कुछ ने इसे सामाजिक पतन का प्रतीक बताया। @AnkitSharma07 ने लिखा, “यह क्या हो रहा है? रिश्तों का कत्ल, शव के टुकड़े, और फिर सेप्टिक टैंक… यह तो हॉरर फिल्म जैसा है।” वहीं, @SmitaPatil22 ने सवाल उठाया, “पुलिस को दो महीने तक कैसे नहीं पता चला? क्या पड़ोसी और परिवार को कोई शक नहीं हुआ?” इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है।
- महाराष्ट्र में बढ़ते अपराध
यह हत्याकांड महाराष्ट्र में हाल के महीनों में सामने आए कई जघन्य अपराधों की कड़ी में एक और घटना है। हाल ही में, पुणे में दहेज हत्या का मामला और नवी मुंबई में यशश्री शिंदे हत्याकांड ने भी सुर्खियां बटोरी थीं। नाशिक में ही पिछले साल एक अन्य मामले में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। इन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
सुरगाणा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सीमित पहुंच और जागरूकता की कमी भी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती है। सामाजिक कार्यकर्ता अनिता पाटिल ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक विवाद और हिंसा के मामले अक्सर दबा दिए जाते हैं। पुलिस और समाज को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने चाहिए।”
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इस मामले ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई को तो उजागर किया, लेकिन यह भी सवाल उठता है कि दो महीने तक यशवंत के लापता होने की कोई जांच क्यों नहीं हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या प्रभा को इस अपराध में किसी और ने मदद की। साथ ही, सेप्टिक टैंक की सफाई और रखरखाव की लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इतने लंबे समय तक बदबू का पता नहीं चला।
नाशिक के पुलिस अधीक्षक विक्रम चौहान ने कहा, “हम इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। प्रभा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।” पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
नाशिक के इस हत्याकांड ने न केवल एक परिवार के दुखद अंत को उजागर किया, बल्कि समाज में बढ़ती हिंसा और रिश्तों के टूटने की प्रवृत्ति को भी सामने लाया। प्रभा यशवंत ठाकरे की इस क्रूर हरकत ने यह सवाल उठाया है कि आखिर क्या कारण था कि एक पत्नी ने अपने पति की इतनी बेरहमी से हत्या की। पुलिस की जांच से जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।
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