60 वर्षीय प्रिंसिपल ने 28 वर्षीय टीचर से नेपाल में रचाई शादी, तीन दिन बाद शिक्षिका शाइस्ता परवीन ने बेटी को दिया जन्म, पुलिस ने अस्पताल से बरामद किया।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के 60 वर्षीय संचालक और प्रिंसिपल राकेश कुमार साह ने अपनी ही स्कूल
- शाइस्ता ने कहा अपनी मर्जी से शादी की, अपहरण नहीं हुआ; संचालक राकेश साह अब भी फरार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के 60 वर्षीय संचालक और प्रिंसिपल राकेश कुमार साह ने अपनी ही स्कूल में पढ़ाने वाली 28 वर्षीय महिला शिक्षिका शाइस्ता परवीन से नेपाल के जनकपुर में शादी रचा ली, जिसके बाद इलाके में तनाव और विवाद फैल गया। राकेश साह चार बच्चों के पिता हैं और शाइस्ता उनके स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। दोनों ने 18 फरवरी 2026 को नेपाल जाकर विवाह किया और शादी की तस्वीरें तथा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिससे मामला तेजी से वायरल हो गया। शाइस्ता के भाई फैसल इमाम अशरफ ने औराई थाने में अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और अन्य आरोपों के साथ प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें राकेश साह, उनकी पत्नी, बेटी और अन्य सात लोगों को नामजद किया गया। प्राथमिकी में कहा गया कि शाइस्ता को अगवा कर नेपाल ले जाया गया और वहां विवाह कराया गया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और इलाके में तनाव बढ़ गया, जहां दो समुदायों के बीच संवेदनशीलता का माहौल बन गया। राकेश साह फरार हो गए और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
शादी के महज तीन दिन बाद 21 फरवरी 2026 को शाइस्ता परवीन ने सीतामढ़ी जिले के एक निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। इस खबर ने मामले में नया मोड़ ला दिया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सूचना के आधार पर शाइस्ता को अस्पताल से बरामद किया और उन्हें पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए रखा। बरामदगी के बाद शाइस्ता ने पुलिस को बताया कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विवाह उनकी पूरी मर्जी और सहमति से हुआ और वे राकेश साह के साथ अपनी इच्छा से गई थीं। शाइस्ता ने वीडियो में भी यह बात दोहराई कि वे वयस्क हैं और शादी अपना फैसला था। पुलिस ने उनकी बातों को रिकॉर्ड किया और जांच में शामिल किया। चूंकि शाइस्ता ने हाल ही में प्रसव किया था, इसलिए उनका इलाज पुलिस निगरानी में जारी है। अस्पताल से बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और मामले को आगे बढ़ाया।
शाइस्ता के भाई की प्राथमिकी में अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप थे, लेकिन शाइस्ता की बयानबाजी ने मामले को जटिल बना दिया। पुलिस ने कहा कि जांच में शाइस्ता की सहमति साबित होने पर अपहरण का आरोप कमजोर हो सकता है। राकेश साह अभी भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। मामले में संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। शादी की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने से गांव में चर्चा तेज हो गई थी, जहां कुछ लोग इसे प्रेम विवाह मान रहे थे जबकि अन्य ने इसे गलत ठहराया। शाइस्ता के परिवार ने अपहरण का दावा किया था, लेकिन उनकी बयानबाजी से परिवार और समाज में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत रहने की सलाह दी और जांच को तेज किया।
यह घटना बिहार में उम्र और धर्म के फासले वाली प्रेम कहानियों में नया उदाहरण बन गई है। राकेश साह और शाइस्ता परवीन एक ही स्कूल में काम करते थे और लंबे समय से उनके बीच संबंध थे। दोनों ने नेपाल जाकर विवाह किया, जहां कानूनी प्रक्रिया आसान होने के कारण कई जोड़े जाते हैं। शादी के बाद शाइस्ता ने बेटी को जन्म दिया, जो मामले को और चर्चित बना दिया। पुलिस ने शाइस्ता से पूछताछ में पाया कि वह अपनी मर्जी से गई थीं और प्रसव के बाद अस्पताल में थीं। पुलिस ने उन्हें बरामद कर सुरक्षा प्रदान की और इलाज जारी रखा। राकेश साह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली। मामले में सामाजिक और कानूनी पहलू दोनों महत्वपूर्ण हैं।
शाइस्ता की बयानबाजी ने अपहरण के आरोप को कमजोर किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि विवाह सहमति से हुआ और कोई जबरदस्ती नहीं थी। पुलिस ने उनके बयान को रिकॉर्ड किया और जांच में शामिल किया। चूंकि प्रसव हाल ही में हुआ था, इसलिए शाइस्ता को अस्पताल में ही रखा गया है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई होगी। राकेश साह के फरार होने से मामला लंबा खिंच सकता है। इलाके में तनाव कम करने के लिए पुलिस ने बैठकें कीं और दोनों पक्षों से बातचीत की। यह घटना प्रेम विवाह और पारिवारिक विरोध के बीच टकराव को दर्शाती है।
मामले ने बिहार में सामाजिक बहस छेड़ दी है, जहां उम्र के फासले और अंतरधार्मिक विवाह पर अलग-अलग राय हैं। पुलिस जांच में शाइस्ता की सहमति सामने आई है, लेकिन परिवार का दावा अलग है। राकेश साह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है। शाइस्ता अब पुलिस संरक्षण में हैं और उनका इलाज चल रहा है। यह घटना कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक मान्यताओं के बीच संतुलन की जरूरत दिखाती है। पुलिस ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी और दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे।
What's Your Reaction?











