एयरबस A380: दुनिया का सबसे विशाल यात्री विमान, 853 यात्रियों को ले जा सकता है।
दुनिया का सबसे बड़ा पैसेंजर प्लेन एयरबस A380 है, जो अधिकतम 853 यात्रियों की क्षमता वाला विमान है और लगातार 17 घंटे तक उड़ान भर सकता
- डबल-डेकर डिजाइन के साथ A380 ने विमानन जगत में नया कीर्तिमान स्थापित किया
- 853 सीटों की अधिकतम क्षमता और 17 घंटे की लगातार उड़ान क्षमता वाला A380
दुनिया का सबसे बड़ा पैसेंजर प्लेन एयरबस A380 है, जो अधिकतम 853 यात्रियों की क्षमता वाला विमान है और लगातार 17 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह विमान पूरी तरह से डबल-डेकर डिजाइन वाला एकमात्र फुल-लेंथ जेट एयरलाइनर है, जो यात्री विमानों की श्रेणी में सबसे बड़ा माना जाता है। यह विमान एयरबस द्वारा विकसित किया गया है और यह यात्री विमानन इतिहास में सबसे बड़ा पैसेंजर एयरक्राफ्ट है। यह विमान सभी इकोनॉमी क्लास कॉन्फिगरेशन में 853 यात्रियों को ले जाने के लिए प्रमाणित है और इसकी रेंज लगभग 8,000 नॉटिकल माइल्स है, जो करीब 17 घंटे की उड़ान के बराबर है।
यह विमान दो पूर्ण डेक वाला एकमात्र विमान है, जो लंबी दूरी की उड़ानों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है और हवाई अड्डों पर हब-टू-हब कनेक्टिविटी के लिए उपयुक्त है।
एयरबस A380 दुनिया का सबसे बड़ा पैसेंजर प्लेन है। यह विमान फुल-लेंथ डबल-डेकर जेट एयरलाइनर है, जो अन्य किसी भी यात्री विमान से बड़ा है। इसकी अधिकतम प्रमाणित यात्री क्षमता 853 है, जो सभी इकोनॉमी क्लास लेआउट में उपलब्ध है। सामान्य तीन-क्लास कॉन्फिगरेशन में यह 525 यात्रियों को ले जाता है, जिसमें फर्स्ट क्लास, बिजनेस क्लास और इकोनॉमी क्लास की सीटें शामिल होती हैं।
इस विमान की लंबाई 72.72 मीटर है, विंगस्पैन लगभग 79.8 मीटर है और ऊंचाई 24.1 मीटर है। इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 575 टन तक पहुंच सकता है। यह चार इंजनों से संचालित होता है, जो या तो रोल्स-रॉयस ट्रेंट 900 या इंजन अलायंस GP7200 हो सकते हैं। प्रत्येक इंजन 70,000 पाउंड थ्रस्ट उत्पन्न करता है।
A380 की रेंज 8,000 नॉटिकल माइल्स (लगभग 14,800 किलोमीटर) है, जो इसे लगभग 17 घंटे तक लगातार उड़ान भरने में सक्षम बनाती है। उदाहरण के लिए, दुबई से ऑकलैंड तक की उड़ान, जो 8,800 माइल्स से अधिक है, इसमें 17 घंटे से ज्यादा समय लेती है। यह रेंज लंबी दूरी की उड़ानों के लिए आदर्श है, जैसे हांगकांग से न्यूयॉर्क या सिडनी से इस्तांबुल तक नॉन-स्टॉप।
विमान का केबिन बहुत विशाल है। मुख्य डेक की चौड़ाई 6.5 मीटर है और ऊपरी डेक की 5.8 मीटर। कुल केबिन क्षेत्रफल 550 वर्ग मीटर से अधिक है। मुख्य डेक और ऊपरी डेक दोनों पर यात्री बैठ सकते हैं, जिसमें मुख्य डेक पर अधिक सीटें और ऊपरी डेक पर अतिरिक्त जगह होती है।
एयरबस ने इस विमान को 1988 में अध्ययन शुरू किया था और 2000 में प्रोग्राम लॉन्च किया गया था। पहली उड़ान 27 अप्रैल 2005 को हुई और 2006 में टाइप सर्टिफिकेट मिला। पहली कमर्शियल सर्विस 2007 में शुरू हुई। कुल 251 ऑर्डर हुए थे और 249 विमान डिलीवर किए गए। उत्पादन 2021 में समाप्त हो गया।
यह विमान 70 से अधिक गंतव्यों पर उड़ान भर चुका है और 400 से अधिक एयरपोर्ट इसके लिए संगत हैं। अब तक 300 मिलियन से अधिक यात्री इससे यात्रा कर चुके हैं। कुल फ्लाइट्स 800,000 से अधिक और फ्लाइट आवर्स 7.3 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं।
A380 का केबिन बहुत शांत है और इसमें HEPA फिल्टर्स हैं जो हवा को 99.9% शुद्ध करते हैं। हवा हर 2-3 मिनट में पूरी तरह रिन्यू हो जाती है। केबिन में 15 अलग-अलग टेम्परेचर जोन हैं, जहां तापमान 18 से 30 डिग्री सेल्सियस तक नियंत्रित किया जा सकता है।
यह विमान ईंधन दक्षता और उत्सर्जन में भी बेहतर है। NOx उत्सर्जन CAEP/6 से 30% कम है और शोर स्तर ICAO चैप्टर 4 से काफी नीचे है। पिछले जनरेशन के विमानों की तुलना में 33% बेहतर फ्यूल बर्न और CO2 उत्सर्जन है। A380 की डिजाइन विशेषताओं में बड़े विंडो, मूड लाइटिंग और वाइडर सीटें शामिल हैं। इकोनॉमी क्लास में सीटें 19 इंच तक चौड़ी हो सकती हैं। टर्नअराउंड टाइम 90 मिनट है, जिसमें बोर्डिंग और डिसेम्बार्किंग शामिल है।
यह विमान हाई-डेंसिटी रूट्स पर उपयोगी है, जहां बड़ी संख्या में यात्रियों को ले जाना होता है। इसका डिजाइन हब एयरपोर्ट्स पर कंजेशन कम करने के लिए बनाया गया था। एयरबस A380 ने विमानन में कई रिकॉर्ड बनाए हैं। यह एकमात्र ऐसा विमान है जो 500 से अधिक सीटें ऑफर करता है और फुल-लेंथ डबल-डेक है। अन्य विमानों जैसे बोइंग 747-8 की अधिकतम क्षमता 605-660 है, जो A380 से कम है। A380 का केबिन वॉल्यूम और पैसेंजर कम्फर्ट में बेजोड़ है। यह लंबी उड़ानों पर यात्रियों को अधिक जगह और सुविधाएं प्रदान करता है।
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