Arattai App : Whatsapp को कड़ी टक्कर देने आ गया ये ऐप, जबरदस्त हैं इसके फीचर्स और इंटरफ़ेस, जानिये पूरी डिटेल्स
Arattai का नाम तमिल भाषा से लिया गया है, जहां इसका मतलब है 'गपशप' या 'साधारण बातचीत'। यह ऐप जनवरी 2021 में लॉन्च हुआ था, जब Whatsapp ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया
भारत में मैसेजिंग ऐप्स का बाजार हमेशा से ही Whatsapp के कब्जे में रहा है। लगभग हर स्मार्टफोन पर यह ऐप मौजूद है और लोग परिवार, दोस्तों और कामकाज के लिए इसी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब एक नया बदलाव दिख रहा है। चेन्नई की जानी-मानी सॉफ्टवेयर कंपनी जोहो कॉर्पोरेशन ने विकसित किया एक घरेलू मैसेजिंग ऐप Arattai, जो अचानक से तेजी से लोकप्रिय हो गया है। यह ऐप न केवल एप्पल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर सोशल नेटवर्किंग कैटेगरी में नंबर एक स्थान हासिल कर चुका है, बल्कि दैनिक नए साइन-अप्स में भी 100 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले प्रतिदिन औसतन 3,000 लोग इसे डाउनलोड कर रहे थे, वहीं अब यह संख्या 3,50,000 तक पहुंच गई है। यह बदलाव केवल कुछ दिनों का है और इसके पीछे सरकारी समर्थन, गोपनीयता की चिंताओं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का जज्बा है।
Arattai का नाम तमिल भाषा से लिया गया है, जहां इसका मतलब है 'गपशप' या 'साधारण बातचीत'। यह ऐप जनवरी 2021 में लॉन्च हुआ था, जब Whatsapp ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव किया था। उस समय कई उपयोगकर्ताओं ने डेटा शेयरिंग की चिंता जताई थी, क्योंकि Whatsapp की मूल कंपनी मेटा (पहले फेसबुक) के साथ उपयोगकर्ताओं का डेटा साझा किया जाने लगा। जोहो ने इसी कमी को मौका बनाते हुए Arattai को विकसित किया, जो पूरी तरह से भारतीय है और उपयोगकर्ताओं के डेटा को भारत में ही स्टोर करता है। कंपनी के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने कहा है कि यह ऐप कम संसाधनों वाले फोन और धीमी इंटरनेट स्पीड पर भी सुचारू रूप से काम करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो भारत जैसे विशाल बाजार के लिए जरूरी है।
Arattai की लोकप्रियता का मुख्य कारण सरकारी समर्थन है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने Arattai को मुफ्त, सरल, सुरक्षित और पूरी तरह भारतीय बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अभियान का हवाला देते हुए लोगों से अपील की कि वे Whatsapp जैसे विदेशी ऐप्स से स्विच करके Arattai का इस्तेमाल करें। इसी तरह, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी जोहो के अन्य उत्पादों के साथ Arattai को बढ़ावा दिया। कैबिनेट बैठक में वैष्णव ने माइक्रोसॉफ्ट पावरपॉइंट के बजाय जोहो शो का इस्तेमाल किया और कहा कि वे जोहो के दस्तावेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन टूल्स पर शिफ्ट हो रहे हैं। इन मंत्रियों के समर्थन ने आम लोगों में उत्साह भर दिया। सोशल मीडिया पर #Arattai और #मेडइनइंडिया जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
यह ऐप Whatsapp की तरह ही कई सुविधाएं प्रदान करता है। उपयोगकर्ता टेक्स्ट मैसेज, वॉयस नोट्स, फोटो, वीडियो और दस्तावेज साझा कर सकते हैं। इसमें वॉयस और वीडियो कॉल की सुविधा है, जो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं, यानी केवल भेजने और प्राप्त करने वाले ही कॉल को सुन या देख सकते हैं। ग्रुप चैट में 1,000 सदस्यों तक शामिल हो सकते हैं, जो बड़े परिवारों या ऑफिस ग्रुप्स के लिए उपयोगी है। इसके अलावा, स्टोरीज फीचर है, जहां उपयोगकर्ता 24 घंटे के लिए तस्वीरें या वीडियो शेयर कर सकते हैं। चैनल्स की सुविधा से ब्रॉडकास्ट मैसेज भेजे जा सकते हैं, जैसे न्यूज अपडेट्स या कम्युनिटी अनाउंसमेंट्स। Arattai क्रॉस-प्लेटफॉर्म है, यानी इसे एंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज, मैक, लिनक्स और यहां तक कि एंड्रॉयड टीवी पर इस्तेमाल किया जा सकता है। एक ही अकाउंट से पांच डिवाइस पर लॉगिन संभव है, और मैसेज सिंक हो जाते हैं। सबसे खास बात, यह ऐप विज्ञापनों से मुक्त है और उपयोगकर्ताओं के डेटा को बेचता या शेयर नहीं करता। जोहो का फोकस गोपनीयता पर है, जो वैश्विक ऐप्स की तुलना में एक बड़ा फायदा है।
लेकिन Arattai अभी भी बीटा वर्जन में है, इसलिए कुछ चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी कमी मैसेजेस के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का न होना है। Whatsapp में यह सुविधा डिफॉल्ट है, जबकि Arattai में केवल कॉल्स सुरक्षित हैं। उपयोगकर्ताओं ने कुछ शिकायतें की हैं, जैसे साइन-अप में देरी या मैसेज सिंकिंग में समस्या, खासकर जब डाउनलोड्स अचानक बढ़ गए। श्रीधर वेंबू ने खुद एक्स पर कहा कि ट्रैफिक 100 गुना बढ़ गया है, इसलिए कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने पर काम कर रही है। वे अगले 100 गुना के लिए भी तैयार हो रहे हैं। नाम 'Arattai' का उच्चारण भी कुछ लोगों के लिए मुश्किल है, क्योंकि यह तमिल शब्द है। टेक उद्यमी विवेक वाधवा ने इसे 'इंडियाज Whatsapp किलर' कहा, लेकिन मजाक में सुझाव दिया कि नाम को वैश्विक स्तर पर आसान बनाया जाए।
Arattai की सफलता भारत की डिजिटल स्वतंत्रता की दिशा में एक कदम है। Whatsapp के भारत में 50 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं, जो इसे बाजार का राजा बनाते हैं। लेकिन स्पाइवेयर घोटालों, डेटा प्राइवेसी चिंताओं और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता ने लोगों को विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया है। जोहो जैसी कंपनी, जो 1996 में स्थापित हुई और अब 55 से ज्यादा बिजनेस ऐप्स चलाती है, के पास 13 करोड़ वैश्विक उपयोगकर्ता हैं। Arattai को इसी मजबूत आधार पर आगे बढ़ने का मौका है। पेरप्लेक्सिटी एआई के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने भी जोहो को बधाई दी और कहा कि यह भारतीय टेक की ताकत दिखाता है।
सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं सकारात्मक हैं। कई लोग कह रहे हैं कि इंटरफेस साफ-सुथरा है और कम डेटा खपत करता है। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, 'मैंने परिवार को शिफ्ट कर दिया और Whatsapp हटा दिया।' लेकिन कुछ सतर्क हैं, जैसे कि कोऊ ऐप की तरह यह भी फीका न पड़ जाए। जोहो ने वादा किया है कि जल्द ही मैसेज एन्क्रिप्शन जोड़ा जाएगा और बग्स ठीक किए जाएंगे। अगर कंपनी इन कमियों को दूर कर लेती है, तो Arattai न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाजार में भी जगह बना सकता है।
यह ऐप केवल मैसेजिंग तक सीमित नहीं है। यह भारत की युवा पीढ़ी को सिखा रहा है कि स्वदेशी उत्पादों का समर्थन कैसे डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। प्रधानमंत्री मोदी का स्वदेशी आह्वान अब तक कपड़ों या सामानों तक सीमित था, लेकिन अब डिजिटल टूल्स तक फैल रहा है। Arattai जैसे ऐप्स से न केवल रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि डेटा सॉवरेन्टी भी मजबूत होगी। उपयोगकर्ताओं से अपील है कि इसे आजमाएं। डाउनलोड लिंक ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। अगर आप भी शिफ्ट करना चाहें, तो दोस्तों को आमंत्रित करें। यह छोटा कदम भारत को डिजिटल महाशक्ति बनाने में मदद करेगा।
Arattai की कहानी हमें याद दिलाती है कि नवाचार सीमाओं से परे होता है। जोहो ने साबित किया कि भारतीय इंजीनियर वैश्विक स्तर के उत्पाद बना सकते हैं। आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि यह ऐप कितना आगे बढ़ता है। फिलहाल, यह स्वदेशी की नई मिसाल बन चुका है।
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