Ayodhya News: अयोध्या में नई कमान: डॉ. गौरव ग्रोवर बने नए SSP, राजकरण नय्यर को मिली गोरखपुर की जिम्मेदारी
डॉ. गौरव ग्रोवर 2013 बैच के IPS अधिकारी हैं और पंजाब के लुधियाना के मूल निवासी हैं। उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि प्रभावशाली है—उन्होंने पंजाब से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की औ...
उत्तर प्रदेश में 14 IPS अधिकारियों का तबादला, प्रशासनिक चुस्ती और कानून-व्यवस्था पर जोर
By INA News Ayodhya.
लखनऊ/अयोध्या: उत्तर प्रदेश में 14 IPS अधिकारियों के इस तबादले ने एक बार फिर सरकार की प्रशासनिक चुस्ती को उजागर किया है। अयोध्या में डॉ. गौरव ग्रोवर और गोरखपुर में राजकरण नय्यर की नई जिम्मेदारियां दोनों जिलों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं। डॉ. ग्रोवर के अनुभव और सख्ती से अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जबकि नय्यर गोरखपुर में अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दे सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। सोमवार देर रात (5 मई 2025) को जारी एक आदेश में 14 IPS अधिकारियों के तबादले किए गए, जिसमें अयोध्या और गोरखपुर जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) की अदला-बदली प्रमुख है। इस फेरबदल के तहत अयोध्या के SSP राजकरण नय्यर को गोरखपुर का नया SSP नियुक्त किया गया है, जबकि गोरखपुर के SSP रहे डॉ. गौरव ग्रोवर अब अयोध्या की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, मुजफ्फरनगर, इटावा, कौशांबी, फतेहपुर, और संतकबीरनगर जैसे जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के भी तबादले किए गए हैं।
डॉ. गौरव ग्रोवर: अयोध्या के नए SSP
कौन हैं डॉ. गौरव ग्रोवर?
डॉ. गौरव ग्रोवर 2013 बैच के IPS अधिकारी हैं और पंजाब के लुधियाना के मूल निवासी हैं। उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि प्रभावशाली है—उन्होंने पंजाब से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और पुलिस सेवा में आने से पहले एक डॉक्टर के रूप में काम किया। उनकी इस अनूठी पृष्ठभूमि ने उन्हें एक संवेदनशील और अनुशासित अधिकारी के रूप में पहचान दिलाई है।
डॉ. ग्रोवर ने अपने करियर की शुरुआत से ही चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। 21 फरवरी 2020 को उन्हें मथुरा का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने करीब ढाई साल तक अपनी सेवाएं दीं। मथुरा के बाद वे बहराइच और फिर गोरखपुर के SSP रहे। इन सभी जिलों में उनके कार्यकाल की खूब सराहना हुई, खासकर अपराध नियंत्रण, पुलिस-जन संवाद, और कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए। गोरखपुर में उनके नेतृत्व में जिले में अपराध की दर में कमी आई और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा मिला।
Also Click: Hardoi News: पुलिस अधीक्षक ने की जनसुनवाई: 46 शिकायतों पर सुनवाई, प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी कार्यशैली और अनुशासन को देखते हुए उन्हें अयोध्या जैसे धार्मिक और संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए डॉ. ग्रोवर की नियुक्ति को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनके अनुभव और कुशल नेतृत्व से अयोध्या में सुरक्षा और शांति का माहौल और मजबूत होगा।
राजकरण नय्यर: गोरखपुर के नए SSP
कौन हैं राजकरण नय्यर?
राजकरण नय्यर 2012 बैच के IPS अधिकारी हैं और हरियाणा के फरीदाबाद के निवासी हैं। उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है—उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में बीई और नैनोटेक्नोलॉजी में एमटेक की डिग्री हासिल की है। अपनी तकनीकी पृष्ठभूमि के बावजूद, उन्होंने पुलिस सेवा में आकर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी विशेष पहचान बनाई।
नय्यर जून 2023 से अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात थे। उनके कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह (जनवरी 2024) जैसे बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस दौरान उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने, और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी रणनीतिक योजना और नेतृत्व की वजह से अयोध्या में किसी भी बड़ी अप्रिय घटना से बचा जा सका।
अब उन्हें गोरखपुर की जिम्मेदारी दी गई है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद होने के साथ-साथ एक प्रमुख औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। गोरखपुर में बढ़ते शहरीकरण और अपराध की चुनौतियों को देखते हुए नय्यर की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तबादले की पृष्ठभूमि और अन्य नियुक्तियां
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस तबादले के जरिए यह संदेश दिया है कि प्रशासनिक चुस्ती और कानून-व्यवस्था उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोमवार देर रात जारी आदेश में 14 IPS अधिकारियों के तबादले किए गए, जिनमें से कुछ प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:
- मोहित गुप्ता: वाराणसी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रहे मोहित गुप्ता को उत्तर प्रदेश सरकार में गृह सचिव नियुक्त किया गया है।
- संजय कुमार: इटावा के SSP रहे संजय कुमार को मुजफ्फरनगर का नया SSP बनाया गया है।
- वैभव कृष्ण: महाकुंभ मेला, प्रयागराज में डीआईजी रहे वैभव कृष्ण को अब वाराणसी रेंज का डीआईजी नियुक्त किया गया है।
- अभिषेक सिंह: मुजफ्फरनगर के SSP रहे अभिषेक सिंह को पदोन्नत कर सहारनपुर रेंज का डीआईजी बनाया गया है।
- अनूप कुमार सिंह: 35वीं बटालियन पीएसी, लखनऊ के कमांडर रहे अनूप कुमार सिंह को फतेहपुर का एसपी नियुक्त किया गया है।
- बृजेश कुमार श्रीवास्तव: कौशांबी के एसपी रहे बृजेश कुमार श्रीवास्तव को इटावा का नया SSP बनाया गया है।
इस तबादले में सात जिलों के पुलिस अधीक्षकों और कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सरकार का मानना है कि यह फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा।
अयोध्या और गोरखपुर में इन तबादलों को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। अयोध्या के एक स्थानीय निवासी ने कहा, "डॉ. गौरव ग्रोवर का अनुभव और सख्त रवैया हमारे लिए अच्छा संकेत है। राम मंदिर के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, और हमें एक ऐसे अधिकारी की जरूरत थी जो सुरक्षा और व्यवस्था को सुनिश्चित कर सके।"
वहीं, गोरखपुर के एक व्यापारी ने कहा, "राजकरण नय्यर ने अयोध्या में बेहतरीन काम किया था। गोरखपुर में भी हमें उनसे ऐसी ही उम्मीद है। यह शहर तेजी से बढ़ रहा है, और हमें अपराध पर सख्त नियंत्रण चाहिए।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बार-बार यह साबित किया है कि वह कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस तबादले को भी इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर के बाद बढ़ती भीड़ और गोरखपुर में मुख्यमंत्री के गृह जनपद होने के कारण दोनों जिलों में कानून-व्यवस्था का विशेष महत्व है। ऐसे में डॉ. गौरव ग्रोवर और राजकरण नय्यर जैसे अनुभवी और सख्त अधिकारियों की नियुक्ति को रणनीतिक माना जा रहा है।
What's Your Reaction?











