Hardoi News: पुलिस अधीक्षक ने की जनसुनवाई: 46 शिकायतों पर सुनवाई, प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश
हरदोई में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समय-समय पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, ताकि आम लोग अपनी समस्याओं को सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा सकें। इस तरह ...
एसपी ने दिखाई तत्परता, आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का दिया भरोसा
By INA News Hardoi.
हरदोई: जिले में आमजन की समस्याओं को सुनने और उनका त्वरित समाधान करने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज कुमार जादौन ने आज 6 मई 2025 को पुलिस कार्यालय, हरदोई में एक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान एसपी ने कुल 46 शिकायतों को सुना और सभी प्रार्थना पत्रों पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस जनसुनवाई को हरदोई में पुलिस और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हरदोई में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समय-समय पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाता है, ताकि आम लोग अपनी समस्याओं को सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा सकें। इस तरह के आयोजन न केवल पुलिस-जनता के बीच संवाद को बढ़ावा देते हैं, बल्कि छोटी-छोटी समस्याओं को बड़े विवाद में बदलने से भी रोकते हैं। 6 मई 2025 को आयोजित इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाना था।
एसपी नीरज कुमार जादौन ने सुबह 10 बजे से जनसुनवाई शुरू की, जिसमें जिले के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने अपनी शिकायतें उनके समक्ष रखीं। जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग शामिल थे, जिन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपे।
जनसुनवाई के दौरान कुल 46 शिकायतें दर्ज की गईं, जो विभिन्न प्रकार की समस्याओं से संबंधित थीं। इन शिकायतों में निम्नलिखित मुद्दे प्रमुख रहे:
- जमीन विवाद: कई शिकायतें जमीन से संबंधित विवादों को लेकर थीं। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि उनके पड़ोसियों या रिश्तेदारों के साथ जमीन की बंटवारा या अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा है, और स्थानीय पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
- पारिवारिक विवाद: कुछ लोगों ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, और पारिवारिक झगड़ों की शिकायतें दर्ज कीं। एक महिला ने बताया कि उसके पति और ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय थाने में उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।
- चोरी और लूट की घटनाएं: कई शिकायतें चोरी, लूट, और स्नैचिंग की घटनाओं से संबंधित थीं। खासकर शहरी क्षेत्रों में लोग स्नैचिंग और रात में चोरी की बढ़ती घटनाओं से परेशान थे।
- सामाजिक तनाव: कुछ गांवों से सामाजिक तनाव और समुदायों के बीच छोटे-मोटे विवादों की शिकायतें भी आईं। लोगों ने मांग की कि पुलिस इन विवादों को सुलझाने में मध्यस्थता करे।
- पुलिस की निष्क्रियता: कई शिकायतों में स्थानीय थानों पर पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया गया। लोगों ने कहा कि उनकी शिकायतें दर्ज तो कर ली जाती हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
एसपी की कार्रवाई और दिशा-निर्देश
एसपी नीरज कुमार जादौन ने सभी 46 शिकायतों को गंभीरता से सुना और हर प्रार्थना पत्र पर त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए। उनकी ओर से दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:
- त्वरित जांच और कार्रवाई: एसपी ने सभी शिकायतों की जांच तेजी से करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। हर प्रार्थी को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।"
- जमीन विवादों का समाधान: जमीन से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने का निर्देश दिया।
- घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न पर सख्ती: घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की शिकायतों पर एसपी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और पीड़ित को सुरक्षा प्रदान की जाए।
- अपराध नियंत्रण के लिए गश्त बढ़ाएं: चोरी और लूट की घटनाओं को रोकने के लिए एसपी ने थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और रात के समय विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीट सिस्टम को और सक्रिय करने पर भी जोर दिया।
- पुलिस की जवाबदेही तय: जिन शिकायतों में पुलिस की निष्क्रियता का आरोप था, उन पर एसपी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को चेतावनी दी कि किसी भी शिकायत को अनदेखा करने की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- समुदाय के साथ संवाद: सामाजिक तनाव और छोटे-मोटे विवादों को सुलझाने के लिए एसपी ने थाना प्रभारियों को स्थानीय लोगों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने और मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने का निर्देश दिया।
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