Politics News: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का राहुल गांधी और नेहरू पर तीखा हमला, कहा- लोकतंत्र की समझ नहीं।
बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने रविवार को कांग्रेस के प्रमुख नेता और लोकसभा में विपक्ष...
बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने रविवार को कांग्रेस के प्रमुख नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी पर लोकतंत्र की समझ न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह बार-बार देश की चुनाव प्रक्रिया और संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते हैं। चौधरी ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के परनाना और भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अंग्रेजों की कृपा से प्रधानमंत्री बने थे। यह बयान बिहार की राजनीति में चल रही तीव्र बहस और विपक्षी दलों के बीच बढ़ते टकराव के बीच आया है।
सम्राट चौधरी ने अपने बयान में कहा, “राहुल गांधी को लोकतंत्र पर भरोसा तभी होता है, जब उनकी पार्टी चुनाव जीतती है, जैसे कि हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में। लेकिन जब हार का सामना करना पड़ता है, तो वह तुरंत ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और सिस्टम पर सवाल उठाने लगते हैं। यह उनकी लोकतंत्र के प्रति कमजोर समझ को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “उनके परनाना पंडित नेहरू अंग्रेजों की गुलामी करके और उनकी कृपा से प्रधानमंत्री बने थे। यही वजह है कि गांधी परिवार की सोच आज भी लोकतंत्र को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाती।” चौधरी का यह बयान राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बीजेपी की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, खासकर बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर।
- बयान
यह बयान उस समय आया है, जब राहुल गांधी हाल ही में बिहार के दौरे पर थे। अपने दौरे के दौरान, राहुल गांधी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार और केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बिहार को “क्राइम कैपिटल ऑफ इंडिया” करार देते हुए राज्य में बढ़ते अपराध, बेरोजगारी और पलायन की समस्याओं के लिए नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया। इसके अलावा, राहुल गांधी ने जाति जनगणना के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और इसे “नकली” करार दिया। उन्होंने वादा किया कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है, तो बिहार से जाति जनगणना की शुरुआत की जाएगी।
राहुल गांधी के इन बयानों ने बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया। सम्राट चौधरी का बयान इसी जवाबी हमले का हिस्सा है। चौधरी ने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने बिहार को लूटा और अपराध को बढ़ावा दिया। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिस पर विपक्ष को चर्चा करने की हिम्मत नहीं है।
- नेहरू पर टिप्पणी और ऐतिहासिक संदर्भ
सम्राट चौधरी के बयान में पंडित जवाहरलाल नेहरू पर की गई टिप्पणी विशेष रूप से चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने दावा किया कि नेहरू अंग्रेजों की कृपा से प्रधानमंत्री बने थे। यह बयान ऐतिहासिक तथ्यों के संदर्भ में विवादास्पद है। जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने देश की आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया। वह 1929 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे, जहां पूर्ण स्वराज की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था। नेहरू ने कई बार जेल यात्राएं कीं और ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
स्वतंत्रता के बाद, 1947 में नेहरू को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया और बाद में वह स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने। यह चयन कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच आम सहमति से हुआ था, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे अन्य दिग्गज नेताओं का भी समर्थन था। हालांकि, कुछ इतिहासकारों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटिश सरकार नेहरू को एक उदारवादी और प्रगतिशील नेता के रूप में देखती थी, जिसके कारण उनके नेतृत्व को अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार किया गया। फिर भी, यह कहना कि नेहरू “अंग्रेजों की कृपा” से प्रधानमंत्री बने, एक सरलीकृत और विवादास्पद दावा है, जो ऐतिहासिक तथ्यों को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता।
- राहुल गांधी पर निशाना और राजनीतिक रणनीति
चौधरी का राहुल गांधी पर हमला उनकी हालिया राजनीतिक गतिविधियों और बयानों के जवाब में देखा जा रहा है। राहुल गांधी ने हाल के वर्षों में भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के माध्यम से अपनी छवि को मजबूत करने की कोशिश की है। 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने उनके नेतृत्व में 99 सीटें हासिल कीं, जिसके बाद पार्टी को आधिकारिक विपक्ष का दर्जा प्राप्त हुआ। इसके अलावा, राहुल गांधी ने बिहार में विपक्षी गठबंधन (इंडिया गठबंधन) को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है। उनके लगातार बिहार दौरे और नीतीश कुमार के गढ़ नालंदा जैसे क्षेत्रों में जनसभाएं इस रणनीति का हिस्सा हैं।
सम्राट चौधरी का बयान बीजेपी की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह राहुल गांधी और नेहरू-गांधी परिवार की ऐतिहासिक छवि पर सवाल उठाकर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी अक्सर नेहरू-गांधी परिवार को “वंशवादी राजनीति” का प्रतीक बताती रही है और यह दावा करती रही है कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता के बाद देश को लूटा। चौधरी ने अपने बयान में भी यही तर्क दोहराया, जब उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी ने बिहार को अपराध और भ्रष्टाचार का गढ़ बनाया, जबकि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ने विकास के नए आयाम स्थापित किए।
- बिहार में राजनीतिक माहौल
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) और बीजेपी का गठबंधन एनडीए बिहार में सत्ता में है, जबकि कांग्रेस और आरजेडी विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। राहुल गांधी के हालिया दौरे और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों, जैसे कि जाति जनगणना, अपराध और बेरोजगारी, ने एनडीए को जवाबी हमले के लिए प्रेरित किया है। सम्राट चौधरी का बयान इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह राहुल गांधी की विश्वसनीयता और उनके परिवार की ऐतिहासिक विरासत पर सवाल उठाकर विपक्ष के नैरेटिव को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
चौधरी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को बिहार के विकास पर चर्चा करने की हिम्मत नहीं है, क्योंकि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ने राज्य में सड़कों, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि बिहार अब अपराध और अराजकता का केंद्र नहीं है, जैसा कि राहुल गांधी ने अपने बयानों में कहा। इसके बजाय, चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है और एनडीए की नीतियों ने राज्य को नई दिशा दी है।
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