शेयर बाजार में ब्लैक थर्सडे: खुलते ही 700 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी ने तोड़ा 24,200 का अहम स्तर।

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 23 अप्रैल 2026 का दिन बेहद निराशाजनक रहा। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार

Apr 23, 2026 - 15:59
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शेयर बाजार में ब्लैक थर्सडे: खुलते ही 700 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी ने तोड़ा 24,200 का अहम स्तर।
शेयर बाजार में ब्लैक थर्सडे: खुलते ही 700 अंक टूटा सेंसेक्स, निफ्टी ने तोड़ा 24,200 का अहम स्तर।
  • ग्लोबल मार्केट की सुनामी में बहा दलाल स्ट्रीट: कच्चे तेल में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड
  • चौतरफा बिकवाली से सहमे निवेशक: बैंक और ऑटो शेयरों में भारी गिरावट, चंद मिनटों में डूबे अरबों रुपये

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 23 अप्रैल 2026 का दिन बेहद निराशाजनक रहा। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में ही 700 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty) 24,200 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर कारोबार करने लगा। बाजार में आई इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिल रहे खराब संकेतों और विशेष रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने घरेलू बाजार पर भारी दबाव डाला है। महज कुछ ही मिनटों के भीतर निवेशकों की करोड़ों रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई, जिससे दलाल स्ट्रीट पर सन्नाटा पसर गया है।

बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीजफायर की समय सीमा समाप्त होने के बाद खाड़ी देशों में युद्ध की आहट ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसी तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति (Inflation) पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार हो रही गिरावट ने भी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को बिकवाली के लिए मजबूर किया है। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आज निफ्टी बैंक, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। बैंक निफ्टी 0.80 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 56,600 के स्तर के पास आ गया। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और एसबीआई (SBI) जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। वहीं, ऑटो सेक्टर में मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। गिरते बाजार में केवल फार्मा सेक्टर ही ऐसा दिखा जो मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहा था। सन फार्मा और डॉ रेड्डीज जैसे शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की, लेकिन चौतरफा बिकवाली के आगे उनकी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट और FIIs की विदाई

आज के कारोबार में भारतीय रुपया (INR) डॉलर के मुकाबले 94 के पार निकल गया है, जो इसके ऐतिहासिक निचले स्तरों में से एक है। रुपये की इस कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से अपना हाथ खींचना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में FIIs ने करीब 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक रुपये और बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,200 और 24,150 के स्तर अत्यंत महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन थे, जिनके टूटने के बाद अब बाजार 24,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। बाजार में इस गिरावट के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण 'प्रॉफिट बुकिंग' को भी माना जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में बाजार ने अच्छी तेजी दिखाई थी, जिसके बाद वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। एशिया के अन्य बाजारों जैसे जापान का निक्केई (Nikkei) और हांगकांग का हैंगसेंग भी आज लाल निशान में रहे, जिसने भारतीय सेंटीमेंट को और खराब करने का काम किया। दिग्गज शेयरों की सूची में आज एचसीएल टेक (HCL Tech) में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई, जो करीब 10 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों में भी 2 से 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। खराब तिमाही नतीजों की आशंका और वैश्विक स्तर पर कम होती मांग ने आईटी सेक्टर को बैकफुट पर धकेल दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसे हैवीवेट शेयर भी आज गिरावट से बच नहीं सके। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वर्तमान बाजार में जल्दबाजी में खरीदारी न करें और गिरावट के रुकने का इंतजार करें।

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