सनक या बदला? एक्स-गर्लफ्रेंड से नजदीकियों ने प्रेमा को बनाया कातिल, प्रेमी को जिंदा जलाया।
बेंगलुरु के अंजनानगर इलाके में एक ऐसी जघन्य वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों के विश्वास को पूरी तरह झकझोर
- 'रोल प्ले' के नाम पर मौत का खौफनाक जाल: बेंगलुरु में प्रेमिका ने प्रेमी को जिंदा जलाया
- बेंगलुरु हत्याकांड: शादी से इनकार पर प्रेमी को रस्सी से बांधकर पेट्रोल छिड़का, रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात
बेंगलुरु के अंजनानगर इलाके में एक ऐसी जघन्य वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों के विश्वास को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। 29 वर्षीय किरण की उसकी ही प्रेमिका प्रेमा ने जिस बर्बरता के साथ हत्या की, उसका विवरण सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह कोई क्षणिक आवेश में किया गया अपराध नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी और ठंडे दिमाग से रची गई खौफनाक साजिश थी। आरोपी प्रेमा ने अपने प्रेमी को मौत के घाट उतारने के लिए 'रोल प्ले' और एक 'सरप्राइज प्रपोजल' का बहाना बनाया, ताकि वह बिना किसी प्रतिरोध के उसे काबू में कर सके। यह घटना न केवल प्रेम संबंधों के हिंसक मोड़ को दर्शाती है, बल्कि प्रतिशोध की उस पराकाष्ठा को भी बयां करती है जहां एक इंसान दूसरे को तड़पता हुआ देखने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
पुलिस जांच के अनुसार, किरण और प्रेमा के बीच प्रेम संबंध पिछले दो वर्षों से चल रहे थे। दोनों राजाजीनगर स्थित एक मोबाइल सर्विस स्टोर में साथ काम करते थे और वहीं से उनकी नजदीकी शुरू हुई थी। प्रेमा इस रिश्ते को लेकर काफी गंभीर थी और वह जल्द से जल्द शादी के बंधन में बंधना चाहती थी, लेकिन किरण की ओर से इस मामले में लगातार टालमटोल की जा रही थी। मामला तब और बिगड़ गया जब किरण ने अपनी पूर्व प्रेमिका (एक्स-गर्लफ्रेंड) से दोबारा बातचीत शुरू कर दी। किरण ने हाल ही में अपनी पूर्व प्रेमिका का जन्मदिन मनाया था, जिसकी तस्वीरें और चैट्स प्रेमा ने उसके फोन में देख ली थीं। इस बात ने प्रेमा के भीतर ईर्ष्या और असुरक्षा की भावना को इतना प्रबल कर दिया कि उसने किरण को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसे लगा कि यदि किरण उसका नहीं हो सकता, तो वह उसे किसी और का भी नहीं होने देगी। हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए प्रेमा ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया। उसने पहले से ही बाजार से पेट्रोल, केरोसिन और रस्सी का इंतजाम कर लिया था। 21 अप्रैल की दोपहर, जब घर के अन्य सदस्य काम पर गए हुए थे, उसने किरण को अकेले में मिलने के बहाने अंजनानगर स्थित अपने घर बुलाया। किरण, जो प्रेमा की मंशा से पूरी तरह अनजान था, वहां पहुंचा। प्रेमा ने उसे एक 'वेस्टर्न स्टाइल सरप्राइज' देने की बात कही और उसे विश्वास में लेकर उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी। उसने किरण को बताया कि यह एक रोमांटिक 'रोल प्ले' का हिस्सा है और इसी बहाने उसने उसके हाथ-पैर कुर्सी से मजबूती से बांध दिए। किरण को लगा कि यह सब खेल का हिस्सा है, लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह अपनी मौत के जाल में फंस चुका है।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी प्रेमा के मोबाइल फोन से कुछ ऐसे वीडियो और साक्ष्य मिले हैं जो उसकी क्रूर मानसिकता को प्रमाणित करते हैं। बताया जा रहा है कि उसने किरण के अंतिम पलों को अपने कैमरे में कैद करने की कोशिश की थी। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी है, ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें। वारदात के समय जैसे ही किरण पूरी तरह असहाय हुआ, प्रेमा ने अपने असली और भयानक रूप को प्रदर्शित किया। उसने पहले से तैयार पेट्रोल और केरोसिन किरण पर उड़ेल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया। आग की लपटों में घिरे किरण ने खुद को बचाने के लिए काफी संघर्ष किया और उसकी चीखें सुनकर आसपास के लोग वहां जमा हो गए। खुद को बचाने और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए प्रेमा घर से बाहर भागी और पड़ोसियों से मदद की गुहार लगाने लगी। स्थानीय निवासियों और मकान मालिक ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक किरण बुरी तरह झुलस चुका था। पुलिस और अग्निशमन दल के पहुंचने तक किरण की सांसें थम चुकी थीं। शुरुआत में प्रेमा ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि वह बाथरूम में थी और किरण ने खुद को आग लगा ली, लेकिन घटनास्थल के हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे।
किरण के पिता नरसिम्हाया को जब इस घटना की सूचना मिली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें एक ग्रामीण का फोन आया था जिसने उन्हें बेंगलुरु पहुंचने को कहा। जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके बेटे को प्रेमा ने ही बुलाया था। नरसिम्हाया ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि प्रेमा और किरण के बीच अक्सर छोटे-मोटे विवाद होते रहते थे, लेकिन उन्हें कभी नहीं लगा था कि बात हत्या तक पहुंच जाएगी। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ के बाद प्रेमा टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि किरण की बेरुखी और उसकी पूर्व प्रेमिका के साथ बढ़ती नजदीकियों ने उसे यह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया। पुलिस ने अब हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था। मोबाइल स्टोर में साथ काम करने वाले सहयोगियों ने बताया कि किरण एक मिलनसार व्यक्ति था, लेकिन प्रेमा के साथ उसके रिश्तों में तनाव पिछले कुछ महीनों से साफ दिखाई दे रहा था। प्रेमा की योजना इतनी सटीक थी कि उसने ज्वलनशील पदार्थ पहले ही खरीद लिए थे, जो इस बात का प्रमाण है कि यह कोई आवेशपूर्ण कृत्य नहीं था। समाजशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह के अपराधों के पीछे गहरी मानसिक कुंठा और रिश्तों में संवाद की कमी एक बड़ा कारण होती है। पुलिस अब इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है और किरण के मोबाइल फोन के डेटा को भी खंगाला जा रहा है ताकि उन तस्वीरों और संदेशों को बरामद किया जा सके जिन्होंने इस हत्याकांड की नींव रखी।
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