Politics News: कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) का पाकिस्तान प्रेम आया सामने, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर पर उठाए बेतुके सवाल।
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए तनावपूर्ण हालात और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर को लेकर कई तरह की अटकलें और सवाल उठ रहे हैं। इस....
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए तनावपूर्ण हालात और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीजफायर को लेकर कई तरह की अटकलें और सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर की पहल भारत की ओर से नहीं, बल्कि पाकिस्तान ने की थी। जकार्ता में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में बोलते हुए, खुर्शीद ने उन दावों को "पूरी तरह बकवास" बताया, जिनमें कहा गया कि भारत ने पहले सीजफायर के लिए संपर्क किया था। उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत एक महान शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है और इसे किसी के दबाव में नहीं झुकाया जा सकता।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई, जब भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जवाब दिया, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। इस हमले के लिए भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को जिम्मेदार ठहराया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की, जिसमें लगभग 100 आतंकियों को मार गिराया गया। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया, और 10 मई को दोनों देशों के बीच शाम 5 बजे से सीजफायर लागू हुआ।
- पाकिस्तान की सीजफायर अपील:
सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने जकार्ता में कहा, "सीजफायर के लिए पहल पाकिस्तान की ओर से हुई थी। उनके डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) ने 7 मई को ही भारतीय समकक्ष से संपर्क किया था। 10 मई को दोपहर 3:35 बजे डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने शाम 5 बजे से पूर्ण और तत्काल सीजफायर पर सहमति जताई।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने इस दौरान संयम और जिम्मेदारी दिखाई, लेकिन पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के बाद भी उल्लंघन की कोशिशें हुईं।
खुर्शीद ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया कि सीजफायर में अमेरिका या किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता थी। उन्होंने कहा, "जब मामला बढ़ा, तो यह भारत और पाकिस्तान के बीच था, और जब यह खत्म हुआ, तो भी यह दोनों देशों के बीच ही था।" यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के जवाब में था, जिसमें उन्होंने सीजफायर में अपनी भूमिका का उल्लेख किया था। विदेश मंत्रालय और सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने स्पष्ट किया कि सीजफायर सैन्य संचार चैनलों के जरिए हुआ, न कि किसी बाहरी हस्तक्षेप के कारण।
- पाकिस्तान पर सवाल:
खुर्शीद ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की सिविल सरकार का कोई नियंत्रण नहीं दिखता। सेना के भीतर भी गुटबाजी है, जो एक-दूसरे से सत्ता की होड़ में लगे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की शांति की अपील पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि एक तरफ वह सीजफायर की बात करता है, तो दूसरी तरफ भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश करता है।
- भारत की वैश्विक भूमिका:
जकार्ता में अपने संबोधन में, खुर्शीद ने भारत की बढ़ती वैश्विक साख पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "भारत पाकिस्तान नहीं है। हम एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति हैं, जो जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हम विश्व गुरु और विश्व मित्र बनने की राह पर हैं।" उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया और कहा कि यह कार्रवाई आतंकी ठिकानों पर थी, न कि पाकिस्तान की सेना पर।
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की आक्रामक कूटनीति ने पाकिस्तान को बेनकाब किया। लंदन में भारत के हाई कमिश्नर विक्रम दोराईस्वामी ने बीबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा, "अगर पाकिस्तान को हमारी कार्रवाई से दिक्कत है, तो वह आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है।" भारत ने 35 देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल भेजकर ऑपरेशन सिंदूर का संदेश स्पष्ट किया, जिसमें सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) भी शामिल थे।
पाकिस्तान को इस ऑपरेशन में भारी नुकसान उठाना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 160 लोगों की मौत हुई, और नौ आतंकी ठिकानों के साथ-साथ 11 एयरबेस को नष्ट किया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी नुकसान की बात स्वीकार की है।
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ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर को लेकर भारत में सियासी बहस भी तेज है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर ऑपरेशन से पहले पाकिस्तान को सूचित करने का आरोप लगाया था, जिसे खुर्शीद और विदेश मंत्रालय ने खारिज कर दिया। बीजेपी ने राहुल पर पाकिस्तान समर्थक बयानबाजी का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सीजफायर का स्वागत करते हुए कहा कि भारत कभी लंबा युद्ध नहीं चाहता था, बल्कि आतंकवादियों को सबक सिखाना इसका मकसद था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान और तुर्की जैसे देशों के दौरे कर भारत के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया कि वह केवल आतंकवाद और PoK के मुद्दे पर बात करेगा। शहबाज शरीफ की शांति वार्ता की पेशकश को भारत ने खारिज कर दिया, क्योंकि इतिहास बताता है कि ऐसी पेशकशों के पीछे अक्सर आतंकी साजिशें होती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति को दुनिया के सामने रखा। सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) के बयान ने स्पष्ट किया कि सीजफायर की पहल पाकिस्तान की कमजोरी का नतीजा थी, न कि भारत की। यह ऑपरेशन न केवल सैन्य सफलता थी, बल्कि भारत की कूटनीतिक ताकत का भी प्रदर्शन था।
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