Delhi : कृष्ण जन्मभूमि विवाद में हाईकोर्ट द्वारा प्रतिनिधि वाद बनाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता रीना एन सिंह ने दायर की अपील
उनका कहना है कि यह कदम श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले की चल रही सुनवाई को प्रभावित कर रहा है,और मामले में गलत तरीके से साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने का
नई दिल्ली : श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 18 जुलाई 2025 को दायर वाद संख्या 17 को प्रतिनिधि मुकदमा अर्थात समस्त हिंदुओं का प्रतिनिधित्व केवल सूट नंबर 17 को दिए जाने को स्वीकार किए जाने के आदेश के खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई है,यह अपील हिंदू पक्ष की अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने संत एवं कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की ओर से दायर की है। कौशल किशोर ठाकुर एवं अधिवक्ता रीना एन. सिंह का आरोप है कि इस प्रतिनिधि मुकदमे के माध्यम से हिंदू-मुस्लिम साम्प्रदायिक रंग देने की गहरी साजिश की जा रही है।
उनका कहना है कि यह कदम श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले की चल रही सुनवाई को प्रभावित कर रहा है,और मामले में गलत तरीके से साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने का प्रयास है।रीना एन. सिंह ने इस अपील में इसे असंवैधानिक और अव्यावहारिक कदम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायपालिका को मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी भी तरह के साम्प्रदायिक प्रयासों से बचना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जल्द सुनवाई की संभावना जताई जा रही है। इस अपील से यह स्पष्ट संदेश है कि कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर एवं अधिवक्ता रीना एन. सिंह श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद में न्याय की रक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
रीना एन सिंह ने यह भी कहा कि सूट नंबर 17 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के द्वारा प्रतिनिधि वाद बनाने के बाद से लगातार मुस्लिम पक्ष के द्वारा सूट नंबर 17 के समर्थन में प्रार्थना पत्र दिया जाना और यह कहना कि सूट नंबर 17 के अलावा अन्य किसी वाद को ना सुना जाए यह अपने आप में अत्यंत संदेह पैदा कर रहा है।
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