पाकिस्तान को 16 छोटे प्रांतों में बांटने की मांग: अब्दुल अलीम खान ने शुरू किया आंदोलन, दूरदराज इलाकों की समस्याओं का समाधान बताया।
पाकिस्तान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के बीच छोटे प्रांतों के गठन की मांग तेज हो गई है। इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी के अध्यक्ष और
पाकिस्तान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के बीच छोटे प्रांतों के गठन की मांग तेज हो गई है। इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी के अध्यक्ष और संघीय संचार मंत्री अब्दुल अलीम खान ने मौजूदा चार प्रांतों की जगह 16 छोटे प्रांत बनाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने इस प्रस्ताव को लोगों की समस्याओं का तत्काल और स्थायी समाधान बताते हुए इसके लिए एक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को चार-चार प्रांतों में विभाजित किया जाना चाहिए। इस तरह कुल 16 प्रांत बनेंगे, जो लोगों को उनके दरवाजे पर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संकीर्ण हितों से ऊपर उठकर इस प्रस्ताव का समर्थन करें और राष्ट्रहित में उदारता दिखाएं।
अब्दुल अलीम खान ने कामोके में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह प्रस्ताव रखा, जो लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि नए प्रांतों का निर्माण दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से उपेक्षित शासन और सेवा वितरण की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान है। अब्दुल अलीम खान ने जोर देकर कहा कि यह कदम लोगों का समय और ऊर्जा बचाएगा तथा उनकी समस्याओं को उनके अपने दरवाजे पर हल किया जा सकेगा। उन्होंने एमक्यूएम और अन्य राजनीतिक दलों से मिले समर्थन का स्वागत किया तथा कहा कि यह प्रस्ताव सभी के हित में है। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी ने नए प्रांतों के निर्माण के लिए एक आंदोलन शुरू किया है और अन्य दलों से उम्मीद की कि वे राष्ट्र कल्याण के लिए एक साथ काम करेंगे।
प्रस्ताव के अनुसार, पंजाब को उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और पूर्व पंजाब में विभाजित किया जाना चाहिए, लेकिन मौजूदा नामों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसी तरह सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को भी नए नामों के साथ चार-चार प्रांतों में बांटा जाना चाहिए। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि नए प्रांतों का निर्माण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा और स्थानीय समस्याओं को बेहतर तरीके से हल करने में मदद करेगा। उन्होंने गुजरांवाला में मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा व्यवस्था में एक हाईकोर्ट बड़े इलाकों को कवर करता है, जिससे लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। अब्दुल अलीम खान ने स्पष्ट किया कि योजना में मौजूदा प्रांतों के नाम बदलने का कोई इरादा नहीं है, जैसे बलूचिस्तान को बलूचिस्तान ही रहना चाहिए।
अब्दुल अलीम खान ने कहा कि यदि सिंध में एक सरकार है तो तीन मुख्यमंत्री होने से कोई नुकसान नहीं होगा और इसी तरह बलूचिस्तान में भी कई मुख्यमंत्री हो सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि नए प्रांत बनाने से अधिकारी लोगों की समस्याओं को अधिक प्रभावी ढंग से हल कर सकेंगे। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि कई मुद्दों का समाधान अधिक प्रांतों में निहित है और सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे खुले दिल से राष्ट्र कल्याण के लिए एक साथ काम करें। उन्होंने कहा कि जो लोग इस कदम का विरोध कर रहे हैं, वे देशहित में नहीं सोच रहे हैं और उन्हें इसका उचित जवाब दिया जाना चाहिए।
इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के प्रशासनिक सुधारों की बहस से जोड़ा जा रहा है, जहां छोटे प्रांतों से शासन को लोगों के करीब लाने की बात की जा रही है। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि पड़ोसी देशों में छोटे प्रांतों से अधिक कुशल शासन होता है और पाकिस्तान को भी इसी मॉडल को अपनाना चाहिए। उन्होंने विकास पहलों की घोषणा करते हुए कहा कि कामोके और गुजरांवाला को लाहौर-सियालकोट-खारियां मोटरवे से जोड़ा जाएगा, जिसे छह लेन में चौड़ा किया जाएगा। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि प्रधानमंत्री को उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया जाएगा ताकि कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर बढ़ें।
अब्दुल अलीम खान ने गेहूं की न्यूनतम कीमत 4000 रुपये प्रति मन तय करने, व्यवसायों पर कर कम करने और निजी क्षेत्र को विस्तार देकर युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करने की मांग की। उन्होंने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया और पाकिस्तान सशस्त्र बलों के नेतृत्व की सराहना की। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि नए प्रांतों का निर्माण क्षेत्रीय समस्याओं को हल करने की कुंजी है और इससे सभी को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी का घोषणापत्र नए प्रांतों के निर्माण का समर्थन करता है। अब्दुल अलीम खान ने अन्य राजनीतिक दलों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा जारी रखने की बात कही और उम्मीद जताई कि देशभक्त साथी इस कदम का समर्थन करेंगे।
पाकिस्तान में छोटे प्रांतों की मांग आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के बीच उठ रही है, जहां प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। अब्दुल अलीम खान का प्रस्ताव इस बहस को नया आयाम दे रहा है, जहां मौजूदा चार प्रांतों को 16 में बदलने से स्थानीय स्तर पर बेहतर शासन की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि नए प्रांत बनाने से प्रशासन आसान और कुशल बनेगा। अब्दुल अलीम खान ने जोर दिया कि यह प्रस्ताव लोगों की समस्याओं को उनके दरवाजे पर हल करने का माध्यम है और इससे दूरदराज इलाकों की उपेक्षा खत्म होगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राष्ट्रहित में इस प्रस्ताव को अपनाएं और आंदोलन में शामिल हों।
इस प्रस्ताव में पंजाब को चार भागों में बांटने की बात है, जिसमें उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और पूर्व पंजाब शामिल हैं। सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के लिए भी इसी तरह का विभाजन प्रस्तावित है। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि नए प्रांतों से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेना आसान हो जाएगा और लोगों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने एमक्यूएम के समर्थन का स्वागत किया और अन्य दलों से चर्चा जारी रखने की बात कही। अब्दुल अलीम खान का यह बयान पाकिस्तान की प्रशासनिक संरचना में बदलाव की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जहां छोटे प्रांतों से बेहतर सेवा वितरण की उम्मीद है।
अब्दुल अलीम खान ने विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मोटरवे का विस्तार कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और आर्थिक अवसर पैदा करेगा। उन्होंने गेहूं की कीमत तय करने और कर कम करने की मांग की ताकि औद्योगिक विकास हो। अब्दुल अलीम खान ने कहा कि निजी क्षेत्र को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार सृजित किए जाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय एकता पर बल दिया और सशस्त्र बलों के योगदान का उल्लेख किया। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के आर्थिक और राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां छोटे प्रांतों से शासन सुधार की उम्मीद की जा रही है।
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