Mussoorie: मसूरी में टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में हंगामा, कांग्रेस नेत्री पर एसडीएम से अभद्रता का आरोप।
मसूरी नगर पालिका के सभागार में आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब कांग्रेस नेत्री सोनिया
रिपोर्टर सुनील सोनकर
मसूरी। मसूरी नगर पालिका के सभागार में आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद रावत ने बैठक के दौरान जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी एसडीएम मसूरी राहुल आनंद से तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक में एसडीएम के साथ कथित अभद्रता और मर्यादा उल्लंघन का मामला सामने आया है।
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि टाउन वेंडिंग कमेटी केंद्र सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार पटरी व्यापारियों को व्यवस्थित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि माल रोड को व्यवस्थित करने का निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा। एसडीएम ने आरोप लगाया कि सोनिया आनंद रावत बिना अनुमति बैठक में प्रवेश कर हस्तक्षेप करने लगीं और बहस के दौरान अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग और राजनीतिक दल इस विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन अपने निर्धारित लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पटरी व्यापारियों को नियमों के अनुरूप व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था और पर्यटक सुविधा बेहतर हो सके।
वहीं कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद रावत ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की नौकरशाही भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मसूरी में भी एसडीएम राहुल आनंद भाजपा के दबाव में निर्णय ले रहे हैं। उनका आरोप है कि टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा कुछ चुनिंदा पटरी व्यापारियों को ही स्थान दिया गया है, जबकि बड़ी संख्या में व्यापारियों को बाहर किया जा रहा है।
कांग्रेस नेत्री ने चेतावनी दी कि प्रशासन द्वारा 20 दिसंबर के बाद माल रोड को पटरी व्यापारियों से मुक्त करने का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी पटरी व्यापारी माल रोड नहीं छोड़ेगा और यदि जबरन हटाने की कार्रवाई की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि जिन पटरी व्यापारियों के नाम टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा सूचीबद्ध किए गए हैं, उन्होंने भी स्पष्ट किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में माल रोड से हटने को तैयार नहीं हैं।
पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारी के साथ हुई अभद्रता और उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचना एक गंभीर विषय बन गया है। मसूरी में पटरी व्यापारियों के मुद्दे को लेकर राजनीति तेज होती नजर आ रही है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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