Deoband : लालवाला गांव में जमीन विवाद के बाद तनाव बरकरार, गांव छावनी में तब्दील और कई नेता नजरबंद
रविवार को गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती रही। गलियों और मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, किसी
देवबंद के लालवाला गांव में दो बीघा जमीन को लेकर हुए जातीय टकराव के बाद स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे गांव को पुलिस छावनी बना दिया गया है। प्रशासन ने सावधानी बरतते हुए गांव की सीमाओं को सील कर दिया है और बाहरी लोगों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। गौरतलब है कि शनिवार को इस विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे।
रविवार को गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती रही। गलियों और मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, किसी भी राजनीतिक या सामाजिक कार्यकर्ता को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसी बीच, पुलिस ने भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष शौर्य आंबेडकर और आजाद समाज पार्टी के कई पदाधिकारियों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। दूसरी ओर, किसान नेता ठाकुर पूरन सिंह के सोमवार को गांव पहुंचने के एलान के बाद प्रशासन ने सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है।
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