गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए 'डॉल्फिन मित्र' नियुक्त, नाविकों, मछुआरों और विद्यार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता। 

Varanasi : प्रोजेक्ट डॉल्फिन भारत में गंगा व उसकी सहायक नदियों मे डॉल्फिन के संरक्षण के लिए शुरू किया गया एक वन्यजीव संरक्षण योजना है। जो भारत सरकार के पर्यावरण,

By INA News Desk
Aug 27, 2025 - 19:59
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गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए 'डॉल्फिन मित्र' नियुक्त, नाविकों, मछुआरों और विद्यार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता। 
गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए 'डॉल्फिन मित्र' नियुक्त, नाविकों, मछुआरों और विद्यार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता। 

वाराणसी। प्रोजेक्ट डॉल्फिन भारत में गंगा व उसकी सहायक नदियों मे डॉल्फिन के संरक्षण के लिए शुरू किया गया एक वन्यजीव संरक्षण योजना है। जो भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वर्ष-2021 मे शुरू किया। क्योंकि अन्तर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने गंगा डॉल्फिन को विलुप्तप्राय प्रजाति घोषित किया है। डॉल्फिन के संरक्षण के लिए भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत डॉल्फिन को संरक्षित जलीय जीव घोषित किया गया है तथा भारत के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इसके संरक्षण के उद्देश्य से इसे राष्ट्रीय जलीय जीव 05 अक्टूबर-2022 को घोषित किया। वर्ष-2022 में पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार हर साल 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय डॉल्फिन दिवस के रूप में मनाया हैै।

पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से वन विभाग उत्तर प्रदेश ने प्रदेश में डॉल्फिन के संरक्षण के लिए डॉल्फिन  मित्र कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के अर्न्तगत नाविक, मछुआरे एवं विधार्थी जैसे-हितधारक समय-समय पर नदी में मौजूद रहते हैं तथा डॉल्फिनो के प्रवास स्थानों पर नजर रखते है। क्योंकि शीतकाल मे बड़ी संख्या में नदी में मछली पकड़ने की घटनायें होने की संम्भावना रहती है। गांगेय डॉल्फिन की निगरानी के लिए वन संरक्षक वाराणसी वृत्त वाराणसी की ओर से प्रेषित प्रस्ताव के अनुमदनोपरान्त गंगा नदी डॉल्फिन और उसके प्रवास को संरक्षित करने के लिए एक इन्टीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ वाइल्ड लाइफ परियोजना 16 जुलाई 2025 को स्वीकृत की गई। जिसमें डॉल्फिन संरक्षण के लिए डॉल्फिन मित्र के लिए वाराणसी व गाजीपुर जनपद को चिन्हित किया गया है। 

डॉल्फिन संरक्षण के उददेश्य से जनपदों में गंगा नदी के निकटवर्ती ग्रामों में निवासित व्यक्तियों विद्यार्थियों, शोधार्थियों को इसमें कार्य करने के लिए अवसर प्रदान करने में प्राथमिकता दी जायेगी। डॉल्फिन मित्र परियोजना के क्रियान्वयन के पश्चात शिक्षार्थी, शोधार्थी एवं अवैतनिक व्यक्ति इस परियोजना से जुड़कर लाभान्वित हो सकते हैं एवं डॉल्फिन के संरक्षण मे अपना योगदान दे सकते हैं। वर्तमान में वाराणसी व गाजीपुर में 02-02 डॉल्फिन मित्र चिन्हित किये जाने का प्राविधान किया गया है। डॉल्फिन मित्र के रूप में उनके द्वारा संरक्षण कार्यों के लिए निर्धारित मानदेय का भुगतान भी विभाग करेगा। इस परियोजना से जुडने के लिये इच्छुक व्यक्ति अपना आवेदन संलग्न प्रारूप में सम्बन्धित प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को 29 अगस्त 2025 तक प्रेषित कर सकते है। इच्छुक व्यक्ति प्रभागीय वनाधिकारी वाराणसी  के कार्यालय ई-मेल (dfovrns@yahoo.in) तथा प्रभागीय निदेशक गाजीपुर के कार्यालय ई-मेल (dfoghazipur@rediffmail.com) पर भी आवेदन कर सकता है।

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