Hardoi News: औरतों के लिए मिसाल है फातिमा- मौलाना सैय्यद सुहेल
पिहानी क्षेत्र के ग्राम दहेलिया में अजाये फतमिया के सिलसिले में पांच दिवसीय मजलिस के कार्यक्रम का समापन हुआ। मजलिस के...
संवाददाता- कुलदीप मिश्रा
पिहानी / हरदोई। पिहानी क्षेत्र के ग्राम दहेलिया में अजाये फतमिया के सिलसिले में पांच दिवसीय मजलिस के कार्यक्रम का समापन हुआ। मजलिस के अंतिम दिन पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद की बेटी जनाबे फातिमा की जिंदगी पर रोशनी डाली गई। फातिमा जोहरा का किरदार मिसाली है। आप ने अपनी जिंदगी के हर पहलू से इस्लाम की झलक पेश की थी। बढ़ती हुई बेपर्दगी से खुद को सुरक्षित रखने को मुसलिम महिलाएं फातिमा जोहरा की जिंदगी को पढ़ें और इस पर अमलपैरा हों। फातिमा की शहादत को बयान करते हुए मौजूद अजादारों की आंखें भिगो दी।इस दौरान ख्वातीन (महिलाओं) से फातिमा की जिंदगी से सीख लेने और उसे अपनी जिंदगी में शामिल करने पर जोर दिया गया।
मजलिस को खिताब करते हुए बाराबंकी से आए मौलाना सैय्यद सुहैल ने कहा कि रसूल अल्लाह की बेटी बीबी फातिमा जहरा दुनिया की तमाम औरतों के लिए नसीहत हैं। उनकी जिंदगी को हम अपनी जिंदगी में शामिल कर उनसे सबक हासिल कर सकते हैं। कहा कि फातिमा जहरा की रजामंदी में अल्लाह की मर्जी शामिल है। मौलाना ने यह भी कहा कि जब हम रसूल और आले रसूल को अपना आदर्श मानते हैं, तो उनके दिशा निर्देशों का पालन भी करना होगा।
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उन्होंने फातिमा और उनके बेटों इमाम हसन तथा इमाम हुसैन द्वारा दीन-ए-हक के लिए दी गई कुर्बानियों का जिक्र भी किया। मौलाना ने जब आखिर में फातिमा और उनके बेटों की शहादत पढ़ी तो मौजूद अजादार जारो कतार रो पड़े। इस अवसर पर साजिद हुसैन, दाबर अली, कमर अब्बास, अब्बास रिजवी आदि लोग मौजूद रहे।
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