वाराणसी में बीजेपी के पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी पर रजिस्ट्री कार्यालय में हमला।
Varanasi News: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी पर गुरुवार, 14 अगस्त 2025 को कचहरी परिसर में स्थित रजिस्ट्री ...
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी पर गुरुवार, 14 अगस्त 2025 को कचहरी परिसर में स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में जानलेवा हमला हुआ। यह घटना दोपहर के समय हुई, जब रविंद्र नाथ त्रिपाठी रजिस्ट्री से संबंधित कार्य के लिए कचहरी पहुंचे थे। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं, और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रविंद्र नाथ त्रिपाठी, जो वाराणसी के एक प्रमुख राजनेता और बीजेपी के पूर्व विधायक हैं, गुरुवार दोपहर कचहरी परिसर में रजिस्ट्री कार्यालय गए थे। वे वहां संपत्ति से संबंधित कुछ दस्तावेजों के लिए रजिस्ट्री कार्य कराने पहुंचे थे। कार्यालय के अंदर या उसके आसपास अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने धारदार हथियारों और अन्य साधनों का उपयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप रविंद्र नाथ त्रिपाठी को कई गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक और हिंसक था कि वहां मौजूद लोग तुरंत कुछ समझ नहीं पाए।
घटना के तुरंत बाद, वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचित किया, और रविंद्र नाथ त्रिपाठी को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। उन्हें वाराणसी के एक प्रमुख अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी चिकित्सा चल रही है। डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें हैं, और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वाराणसी पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। कचहरी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की पहचान हो सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हमला सुनियोजित प्रतीत होता है, और इसके पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वाराणसी ने एक बयान में कहा कि मामले की जांच चल रही है, और जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। पुलिस ने रविंद्र नाथ त्रिपाठी के परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों से भी बात की है ताकि हमले के पीछे के मकसद का पता लगाया जा सके। हालांकि अभी तक हमले के पीछे की ठोस वजह सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह हमला संपत्ति विवाद से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि रविंद्र नाथ त्रिपाठी रजिस्ट्री कार्य के लिए कार्यालय गए थे। अन्य लोगों का कहना है कि यह हमला राजनीतिक रंजिश का परिणाम हो सकता है, क्योंकि रविंद्र नाथ त्रिपाठी लंबे समय से बीजेपी के सक्रिय सदस्य रहे हैं और स्थानीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ रही है।
वाराणसी में बीजेपी के एक स्थानीय नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रविंद्र नाथ त्रिपाठी का क्षेत्र में काफी प्रभाव रहा है, और उनके कुछ विरोधी इस तरह की हिंसक कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा। पुलिस ने भी इन सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की है और कहा है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। इस हमले की खबर फैलते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई। बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई और पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने रविंद्र नाथ त्रिपाठी के परिवार से संपर्क किया और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि यह हमला न केवल रविंद्र नाथ त्रिपाठी पर, बल्कि लोकतंत्र पर भी हमला है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस घटना की निंदा की है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है, और इस तरह की घटनाएं इस बात का सबूत हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग की।
वाराणसी के स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। रविंद्र नाथ त्रिपाठी को क्षेत्र में एक सम्मानित नेता के रूप में जाना जाता है, और उनके समर्थकों ने इस हमले को कायरतापूर्ण कृत्य बताया है। कुछ समर्थकों ने कचहरी परिसर के बाहर प्रदर्शन भी किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
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