Hardoi : बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन, संतों व संघ पदाधिकारियों ने दिया एकता और जागरण का संदेश

उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। अंत में उन्होंने सभी संतों, वक्ताओं, आयोजकों, स्वयंसेवकों

By INA News Desk
Jan 13, 2026 - 00:14
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Hardoi : बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन, संतों व संघ पदाधिकारियों ने दिया एकता और जागरण का संदेश
Hardoi : बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन, संतों व संघ पदाधिकारियों ने दिया एकता और जागरण का संदेश
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हरदोई | INA News
बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर भारत माता, श्रीराम, श्रीकृष्ण एवं स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।सम्मेलन में मुख्य अतिथि संत योगेश्वर महाराज (काठमांडू, नेपाल), मुख्य वक्ता राजेन्द्र (क्षेत्र प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश) रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में रधु कश्यप, कृष्ण मोहन (क्षेत्र संघ चालक), ब्रह्मऋषि स्वामी विमलानंद सरस्वती जी महाराज (नैमिषारण्य), विभाग संघचालक शिव स्वरूप जी, जिला प्रचारक अनिल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की संयोजक व अध्यक्ष डॉ. कीर्ति सिंह (प्रबंध निदेशिका, बाल विद्या भवन एवं प्रबंधक आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई) रहीं। संयोजक डॉ. कीर्ति सिंह द्वारा सभी अतिथियों का माल्यार्पण, पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

अतिथियों के स्वागत में विद्यालय के बच्चों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद महिषासुर मर्दिनी नृत्य नाटिका, शिव तांडव नृत्य, राधा-कृष्ण की झांकी, नरसिंह भगवान अवतार एवं हिरण्यकश्यप वध का सजीव मंचन किया गया।किंडर से लेकर उच्च कक्षाओं तक की छात्राओं द्वारा विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक नृत्यों की प्रस्तुति ने भारत की सांस्कृतिक एकता को सशक्त रूप से दर्शाया। सभी प्रस्तुतियां आमजन के आकर्षण का केंद्र रहीं।

  • राष्ट्र की एकता पर बल

मुख्य अतिथि संत योगेश्वर महाराज ने अपने संबोधन में राष्ट्र की एकता और अखंडता पर जोर देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और समृद्धि के संवाहक स्वयं नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि जब हिन्दू समाज एकजुट होगा, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा और आज हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना को व्यापक स्वीकार्यता मिल रही है।

  • हिन्दू धर्म जीवन पद्धति है : राजेन्द्र

मुख्य वक्ता राजेन्द्र ने कहा कि हिन्दू धर्म कोई संकीर्ण विचार नहीं बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति है, जो सहिष्णुता के साथ आत्मसम्मान और अन्याय के प्रतिकार का संदेश देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक बनें, लेकिन अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कटें नहीं। मातृशक्ति को संस्कृति की प्रथम शिक्षिका बताते हुए उन्होंने संस्कारों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

  • ऐसे सम्मेलनों की आज अधिक आवश्यकता : स्वामी विमलानंद सरस्वती

विशिष्ट अतिथि ब्रह्मऋषि स्वामी विमलानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भौतिकतावादी युग में समाज को जागृत करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। उन्होंने आयोजकों को समाज को जोड़ने के इस प्रयास के लिए साधुवाद दिया।

  • अध्यक्षीय उद्बोधन

कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. कीर्ति सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन सिद्ध करता है कि हिन्दू समाज आज भी अपनी सनातन परंपराओं से गहराई से जुड़ा है और समय की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। अंत में उन्होंने सभी संतों, वक्ताओं, आयोजकों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन के समापन की घोषणा की।

  • हजारों की संख्या में लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में अकादमिक हेड अश्वनी दीक्षित, शोभित वाजपेई, विनीता पाण्डेय, डॉ. चित्रा मिश्रा, डॉ. रीना गुप्ता, डॉ. कुसुमलता गुप्ता, महिमा मिश्रा, नीलम सिंह, सुनील कुमार मंडल, शिवशंकर पांडे (प्रांतीय कोषाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ), ओम पाण्डेय, उमापति त्रिपाठी सहित हजारों की संख्या में हिन्दू जनसमुदाय उपस्थित रहा।

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