हरदोई: कई पर गिरी गाज, सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने व्यवस्थाएं ठीक न मिलने व ग्रामीण चौपाल में अनुपस्थित जिम्मेदारों के वेतन रोकने के निर्देश दिए
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विद्युत बिल ठीक कराने हेतु कैम्प कर, बिल ठीक कराने के निर्देश अधिशासी अभियंता, विद्युत प्रथम को दिये गये। इसके साथ ही सोलर लाईट ठी...
By INA News Hardoi.
शुक्रवार को सीडीओ सौम्या गुरूरानी ने जिले में गौ आश्रय स्थल ककेड़ी, प्राथमिक विद्यालय ककेड़ी व कम्पोजिट विद्यालय जजवासी का निरीक्षण किया। उन्होंने इन जगहों पर निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं ठीक न पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारों के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए। इससे पहले उन्होंने ग्रामीण चौपाल ककेड़ी विकास खण्ड साण्डह में प्रतिभाग किया। जहां पूर्व सूचना बाद भी विद्युत विभाग, नहर विभाग, राजस्व विभाग, पूर्ति विभाग के कर्मचारी उपस्थित नहीं हुए।
मुख्य विकास अधिकारीद्वारा संबंधित ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के वेतन बाधित करने व स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिये गये। ग्रामवासियों द्वारा मुख्य रूप से गूल एवं रजबहों की सफाई न होने पर खेतों में जल भराव की समस्या से अवगत कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी नहर विभाग के अधिकरियों के साथ शीघ्र बैठक कर समस्या का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया गया।
साथ ही ग्रामवासियों द्वारा विद्युत बिल अधिक आने, सोलर लाईट खराब होने, हैण्डपम्प खराब होने तथा जल निकासी की समस्या के संबंध में अवगत कराया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विद्युत बिल ठीक कराने हेतु कैम्प कर, बिल ठीक कराने के निर्देश अधिशासी अभियंता, विद्युत प्रथम को दिये गये। इसके साथ ही सोलर लाईट ठीक होने, हैण्डपम्प ठीक होने तक संबंधित सचिव विमल श्रीवास्तव का वेतन बाधित करने के निर्देश दिये गये।
इसके बाद उन्होंने अस्थायी गौ आश्रय स्थल ककेड़ी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय हैण्डपम्प का सोकपिट बना न पाये जाने तथा चरही की ऊॅंचाई अधिक पाये जाने तथा गोबर का निस्तारण उचित ढंग से न पाये जाने पर संबंधित सचिव विमल श्रीवास्तव का उपरोक्त कमियॉं दूर कराये जाने तक वेतन बाधित करने के निर्देश दिये गये। गौशाला में 60 पशु संरक्षित थे। जो सभी ईयर टैगयुक्त पाये गये।
उपरांत इसके प्राथमिक विद्यालय ककेड़ी का निरीक्षण किया गया। जहॉं आधारभूत संरचनाओं में कुछ कमियॉ यथा शौचालय का रख-रखाव ठीक न पाये जाने, मिशन कायाकल्प के कार्य न कराये जाने हेतु संबंधित प्रधानाध्यापक एवं सचिव को निर्देशित किया गया। आंगनवाड़ी केन्द्र ककेड़ी का निरीक्षण किया गया, जहॉं व्यवस्थायें ठीक पायी गयीं।
अंत में सीडीओ द्वारा कम्पोजिट विद्यालय की कक्षाओं में प्रकाश की कमी पायी गयी, स्ट्रॉनामी लैब में ट्यूब लाईट टूटी हुए थी। रसोईघर की पुताई नहीं पायी गयी। कक्षाओं में टी0एल0एम0 मटेरियल नहीं लगा पाया गया। हैण्डवाश यूनिट में पानी ठीक से नहीं आ रहा था। कक्षाओं में ब्लैक बोर्ड पुराने लगे हुए थे प्रधानाध्यापक द्वारा बताये गये नये 03 बोर्ड लगभग दो माह पहले आये थे, जो रखे हुए थे।
शौचालयों के रख-रखाव की स्थिति ठीक नहीं पायी गयी। इस हेतु इन्चार्ज प्रधानाध्यापक एवं सचिव नन्दनी गुप्ता को निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केन्द्र में पल्ले टूटे हुए थे, प्रकाश की व्यवस्था नहीं थी।
दो केन्द्र एक ही कमरे में चल रहे थे, जिन पर पंजीकृत क्रमशः 25 एवं 20 बच्चों के सापेक्ष 03 बच्चे ही उपस्थित थे तथा बच्चों को खेलने हेतु आये खिलौने पैक करके रखे हुए थे। आंगनवाड़ी केन्द्र की व्यवस्था ठीक न पाये जाने पर मुख्य विकास अधिकारी, इन्चार्ज बाल विकास परियोजना अधिकरी रविजा पटेल, मुख्य सेविका सुनीता देवी एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्री शिखा एवं सागर देवी तथा सहायिका उषा देवी एवं संगीता का वेतन बाधित करने व उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश दिये गये।
निरीक्षण के समय रवि प्रकाश सिंह उपायुक्त स्वतः रोजगार, पशु चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी उदयवीर दुबे, खण्ड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान धर्मेन्द्र सिंह तथा जिला समन्वयक एम0डी0एम0 मंयक त्रिपाठी मौजूद रहे।
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