Hardoi News : गौरी गांव में प्राथमिक स्कूल मर्ज करने के विरोध में हंगामा, ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, पुलिस ने खुलवाया

ग्रामीणों ने कहा, "हमारा स्कूल गांव की धरोहर है। इसे मर्ज करना बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। छोटे-छोटे बच्चे सर्दी, गर्मी और बरसात में इतनी दूर पैदल कैसे जाएंगे? हम किसी ...

Jul 3, 2025 - 22:25
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Hardoi News : गौरी गांव में प्राथमिक स्कूल मर्ज करने के विरोध में हंगामा, ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, पुलिस ने खुलवाया
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By INA News Hardoi.

हरदोई : जिले के कोथावां ब्लॉक के गौरी गांव में प्राथमिक स्कूल को बिराहिमपुर गांव के स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ ग्रामीणों ने तीव्र विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने स्कूल में ताला जड़कर नारेबाजी की और शिक्षा विभाग के इस फैसले का कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल मर्ज होने से उनके बच्चों को 2 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ेगा, जो सर्दी, गर्मी और बरसात में छोटे बच्चों के लिए असुविधाजनक और असुरक्षित है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ताला खुलवाया, लेकिन नाराज ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है।

कोथावां ब्लॉक की कोथावां ग्राम पंचायत के अंतर्गत गौरी मजरे में स्थित प्राथमिक विद्यालय में 56 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इस गांव में लगभग 100 परिवार निवास करते हैं, और यह स्कूल स्थानीय बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। बुधवार, 2 जुलाई 2025 को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) से स्कूल को बिराहिमपुर के स्कूल में मर्ज करने का प्रस्ताव मांगा। इस खबर से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

गुरुवार सुबह, 3 जुलाई 2025 को बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे स्कूल परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने शिक्षा विभाग के फैसले के खिलाफ नारेबाजी शुरू की और मांग की कि गांव का स्कूल मर्ज न किया जाए। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि यह स्कूल उनकी धरोहर है और छोटे बच्चों के लिए 2 किलोमीटर की दूरी तय करना, विशेषकर प्रतिकूल मौसम में, असंभव है। विरोध के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और ग्रामीणों ने अध्यापकों को स्कूल में बंद कर ताला जड़ दिया।

ग्रामीणों ने कहा, "हमारा स्कूल गांव की धरोहर है। इसे मर्ज करना बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। छोटे-छोटे बच्चे सर्दी, गर्मी और बरसात में इतनी दूर पैदल कैसे जाएंगे? हम किसी भी कीमत पर स्कूल को मर्ज नहीं होने देंगे।" ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्कूल उनके गांव की पहचान का हिस्सा है, और इसके बंद होने से बच्चों की शिक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।

विरोध और हंगामे की सूचना मिलते ही बेनीगंज पुलिस चौकी के इंस्पेक्टर संजय सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की और समझा-बुझाकर स्कूल का ताला खुलवाया। हालांकि, ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ, और उन्होंने खंड विकास अधिकारी कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

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