Hardoi Special: हरदोई में 'वन डे वन प्रॉब्लम' के जरिये एसपी नीरज कुमार जादौन की अगुवाई में जनता की मित्र बनी हरदोई पुलिस, सुलह-समझौते से सुलझ रहे छोटे-बड़े विवाद

'वन डे वन प्रॉब्लम' अभियान की शुरुआत 8 अक्टूबर 2024 को एसपी नीरज कुमार जादौन के निर्देश पर हुई। इस अभियान का उद्देश्य हर दिन कम से कम एक समस्या का गुणवत्तापूर्ण नि..

Jun 11, 2025 - 23:30
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Hardoi Special: हरदोई में 'वन डे वन प्रॉब्लम' के जरिये एसपी नीरज कुमार जादौन की अगुवाई में जनता की मित्र बनी हरदोई पुलिस, सुलह-समझौते से सुलझ रहे छोटे-बड़े विवाद
एसपी नीरज कुमार जादौन

By INA News Hardoi.

हरदोई : हरदोई जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज कुमार जादौन की अगुवाई में शुरू किया गया 'वन डे वन प्रॉब्लम' अभियान छोटे-बड़े विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निपटाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस अनूठी पहल के तहत जिले के सभी थानों में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जा रहा है। जुलाई 2024 में हरदोई का कार्यभार संभालने के बाद से एसपी जादौन ने अपनी तेज-तर्रार और संवेदनशील कार्यशैली से न केवल पुलिस विभाग में सुधार किए, बल्कि आम जनता के बीच विश्वास भी जगाया है।

वन डे वन प्रॉब्लम: एक नई शुरुआत

'वन डे वन प्रॉब्लम' अभियान की शुरुआत 8 अक्टूबर 2024 को एसपी नीरज कुमार जादौन के निर्देश पर हुई। इस अभियान का उद्देश्य हर दिन कम से कम एक समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना है। अभियान के पहले दिन ही जिले के विभिन्न थानों में 31 समस्याओं का समाधान किया गया, जिसे जनता ने खूब सराहा। इस पहल के तहत थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर काउंसलिंग के जरिए विवादों को सुलझा रहे हैं, जिससे न केवल समय और संसाधनों की बचत हो रही है, बल्कि सामाजिक सौहार्द भी बना रहा है।

छोटे-बड़े विवादों का त्वरित निपटारा

पिछले कुछ महीनों में हरदोई के विभिन्न थानों में इस अभियान के तहत कई तरह के विवादों को सुलझाया गया। उदाहरण के लिए:

  • बेनीगंज में गाली-गलौज और धमकी का मामला: एक व्यक्ति ने शराब के नशे में गाली-गलौज और धमकी दी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर सुलह कराई, और आवेदक ने कोई कानूनी कार्रवाई न करने की सहमति दी।
  • सवायजपुर में संपत्ति जलाने का आरोप: भूसा जलाने के आरोपों की जाँच में कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर सुलह कराई।
  • सुरसा में कूड़ा डालने और पेड़ काटने का विवाद: गाँव में कूड़ा डालने और पेड़ की शाखाएँ काटने को लेकर विवाद था। पुलिस ने विपक्षी को कूड़ा हटाने और शाखाएँ काटने के लिए राजी किया, जिससे सुलह हो गई।
  • कोतवाली शहर में गाय छीनने का मामला: एक व्यक्ति की गाय छूटने के बाद विपक्षी ने उसे बांध लिया था। पुलिस ने गाय न मिलने पर आवेदक को मुआवजा दिलवाया और सुलह कराई।
  • बेनीगंज में मोटरसाइकिल लोन एनओसी विवाद: फाइनेंस कंपनी ने लोन की किस्त लेने के बावजूद एनओसी नहीं दी। पुलिस ने 45 दिनों में एनओसी देने का आश्वासन दिलवाकर मामला सुलझाया।

इसी तरह, बघौली में रुपये छीनने, मल्लावां में पारिवारिक हिंसा, और बेहटा गोकुल में मारपीट जैसे मामलों में भी पुलिस ने काउंसलिंग और सुलह के जरिए समाधान निकाला। इन मामलों में अगर दोनों पक्षों को बिना आमने-सामने बैठाए कार्रवाई की जाती, तो मुकदमे दर्ज होते, लंबी कानूनी प्रक्रिया शुरू होती, और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता।

सुलह-समझौते की ताकत

एसपी नीरज कुमार जादौन की कार्यशैली का सबसे बड़ा पहलू उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति जवाबदेही है। उनकी देखरेख में पुलिस न केवल विवादों को सुलझा रही है, बल्कि सामुदायिक स्तर पर शांति और सद्भाव को बढ़ावा दे रही है। उदाहरण के लिए, बघौली में एक व्यक्ति के 5000 रुपये जेब से गिर गए थे, जिन्हें विपक्षी ने उठा लिया। पुलिस ने रुपये वापस करवाए और सुलह कराई। इसी तरह, मल्लावां में एक महिला की शिकायत पर पहले से दर्ज मुकदमे की जानकारी दी गई, जिससे वह संतुष्ट हुई।

जादौन का मानना है कि छोटे-मोटे विवादों को सुलह-समझौते से निपटाने से न केवल पुलिस पर बोझ कम होता है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है। उनकी इस पहल ने जिले में पुलिस की छवि को बेहतर किया है।

गंभीर मामलों में भी सख्ती

'वन डे वन प्रॉब्लम' अभियान मुख्य रूप से छोटे-मोटे विवादों के लिए है, लेकिन गंभीर मामलों में जादौन की सख्ती भी उल्लेखनीय है। उदाहरण के लिए, कासिमपुर में मारपीट के बाद हत्या के मामले में अभियुक्त को तुरंत हिरासत में लिया गया। संडीला में दहेज उत्पीड़न और मृत्यु के मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। कोतवाली शहर में चोरी के मामले में तीन अभियुक्तों को आभूषण और नगदी सहित पकड़ा गया।

इसके अलावा, शाहाबाद में अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों को 10 वर्ष की सजा और 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। मल्लावां में अपहरण के मामले में अपहृता को बरामद कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। इन कार्रवाइयों से साफ है कि जादौन की अगुवाई में हरदोई पुलिस छोटे मामलों में सुलह और गंभीर मामलों में सख्ती का संतुलन बनाए हुए है।

पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी नजर

नीरज कुमार जादौन ने पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 140 से अधिक पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। उदाहरण के लिए, राधानगर चौकी प्रभारी को लापरवाही के कारण निलंबित किया गया, और संडीला कताई मिल चौकी प्रभारी सहित कई अन्य पर कार्रवाई की गई। जादौन का कहना है कि अच्छा काम करने वालों की सराहना होगी, लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता में बढ़ा विश्वास

'वन डे वन प्रॉब्लम' अभियान ने हरदोई पुलिस के प्रति जनता का भरोसा बढ़ाया है। जादौन स्वयं रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक जनसुनवाई करते हैं, जिससे फरियादियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उनकी पर्ची सिस्टम पहल, जिसमें थानों में शिकायतकर्ताओं को पर्ची दी जाती है और सात दिनों में मामला निपटाया जाता है, ने भी लोगों को त्वरित न्याय दिलाने में मदद की है।

एक घटना में, जब एक दुर्घटना पीड़िता को पुलिस कार्यालय में असुविधा हुई, तो जादौन ने सार्वजनिक रूप से माफी माँगी, जिससे उनकी विनम्रता और जवाबदेही का परिचय मिला।

एसपी नीरज कुमार जादौन की 'वन डे वन प्रॉब्लम' पहल ने हरदोई में पुलिसिंग को एक नया आयाम दिया है। सुलह-समझौते के जरिए छोटे-बड़े विवादों का निपटारा न केवल समय और संसाधनों की बचत कर रहा है, बल्कि सामाजिक एकता को भी बढ़ावा दे रहा है। अगर इन मामलों में पारंपरिक कानूनी कार्रवाई की जाती, तो मुकदमों की लंबी प्रक्रिया और सामाजिक तनाव बढ़ता। जादौन की संवेदनशील और सख्त कार्यशैली ने हरदोई पुलिस को जनता के करीब लाया है, और इस अभियान ने जिले में शांति और विश्वास का माहौल बनाया है।

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