Hardoi : सपा सरकार में न्यायपालिका और मीडिया पर हमले हुए थे - उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक
बृजेश पाठक का जन्म हरदोई जिले के इसी मल्लावां कस्बे में 25 जून 1964 को हुआ था। उनके पिता सुरेश पाठक और माता कमला पाठक के सात संतानों में वे पांचवें स्था
हरदोई : जिले के मल्लावां कस्बे में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने पैतृक स्थान पर पहुंचकर पारंपरिक कुश्ती दंगल का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम तपसी बाबा स्थल पर आयोजित किया गया था, जहां सैकड़ों लोग जमा हुए। पाठक के बड़े भाई राजेश पाठक ने इस दंगल का आयोजन किया था। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत मजबूत रखी गई। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस बल ने पूरे क्षेत्र में समुचित प्रबंध किए।
आज का कार्यक्रम मल्लावां के तपसी बाबा स्थल पर दोपहर करीब एक बजकर पैंतालीस मिनट पर शुरू हुआ। पाठक लखनऊ से कार द्वारा पहुंचे। समर्थकों ने फूल मालाओं से स्वागत किया। जोरदार नारों के बीच उनका काफिला स्थल पर पहुंचा। वहां पहलवान तैयार खड़े थे। दंगल का शुभारंभ करते हुए उन्होंने युवा पहलवानों से हाथ मिलाया। सभी को शुभकामनाएं दीं। कहा कि कुश्ती जैसे खेल जीवन में अनुशासन सिखाते हैं। इससे शारीरिक और मानसिक मजबूती मिलती है। युवाओं को खेलों की ओर प्रोत्साहित किया। कहा कि सरकार खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान पाठक ने स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की। मल्लावां क्षेत्र के विकास कार्यों का जिक्र किया। सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति में सुधार बताया। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से ग्रामीण जीवन बदल रहा है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और सिंचाई सुविधाओं का लाभ पहुंच रहा है। महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविरों का उल्लेख किया। करवाचौथ के अवसर पर महिलाओं को बधाई दी। कहा कि पारिवारिक एकता समाज की नींव है।
राजनीतिक टिप्पणियों में भी कमी न रही। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर तीखा प्रहार किया। कहा कि सपा सरकार के समय कार्यपालिका, न्यायपालिका और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला हुआ था। उच्च न्यायालय में सीआरपीसी के दुरुपयोग की शुरुआत तभी हुई। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पारदर्शिता और विकास पर केंद्रित है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का वादा दोहराया। जनता को विपक्ष के झूठे प्रचार से सावधान रहने की सलाह दी।
दंगल में विभिन्न आयु वर्ग के पहलवान शामिल हुए। स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आए युवा अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे थे। दर्शकों में उत्साह व्याप्त था। महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत में भगवा झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया। कुश्ती के दौर चले। विजेताओं को पुरस्कार देने का वादा किया। पाठक ने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं। मल्लावां को छोटी काशी कहा जाता है। यहां की परंपराएं अनमोल हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। थाना मल्लावां की पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कवर किया। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखी गई। जिलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बल को निर्देश दिए। ड्रोन से निगरानी की गई। मेडिकल टीम तैनात रही। कोई असुविधा न हुई। कार्यक्रम दोपहर दो बजकर तीस मिनट तक चला। उसके बाद पाठक लखनऊ लौट गए।
यह आयोजन पाठक के लिए भावुक पल साबित हुआ। पैतृक स्थान पर लौटना हमेशा विशेष होता है। उन्होंने कहा कि मल्लावां की मिट्टी ने उन्हें बनाया। यहां के लोग उनका परिवार हैं। विकास के लिए और प्रयास करेंगे। हरदोई जिले को नई ऊंचाइयों पर ले जाना लक्ष्य है। रेलवे स्टेशन का विस्तार, औद्योगिक क्षेत्र का विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं हैं।
कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा विधायक आशीष कुमार सिंह उपस्थित थे। उन्होंने पाठक का स्वागत किया। कहा कि उपमुख्यमंत्री का मार्गदर्शन जिले के लिए वरदान है। ग्राम प्रधानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। आयोजन से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया। युवा वर्ग प्रेरित हुआ। खेलों के प्रति रुचि बढ़ी।
बृजेश पाठक की राजनीतिक यात्रा संघर्षपूर्ण रही। छात्र नेता से उपमुख्यमंत्री बनने तक का सफर प्रेरणा देता है। वे ब्राह्मण समाज के प्रमुख चेहरा हैं। भाजपा में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। विपक्ष पर हमले के साथ ही विकास कार्यों पर जोर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग में डिजिटल सुधार लाए। टेलीमेडिसिन और मोबाइल क्लिनिक शुरू किए। कोविड काल में सक्रिय रहे। खुद संक्रमित होने के बावजूद सेवा जारी रखी।
मल्लावां हरदोई जिले का महत्वपूर्ण कस्बा है। यहां की संस्कृति समृद्ध है। तपसी बाबा स्थल धार्मिक केंद्र है। मेले और दंगे यहां की पहचान हैं। आज का आयोजन इसी परंपरा का हिस्सा था। पाठक ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम एकता बढ़ाते हैं। सामाजिक सद्भाव बनाए रखने चाहिए।
कार्यक्रम समाप्ति पर सभी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। राजेश पाठक ने भाई के योगदान की सराहना की। कहा कि उनका नेतृत्व जिले का गौरव है। समर्थकों ने जयकारे लगाए। कार्यक्रम की सफलता पर प्रशासन ने सराहना की। यह घटना स्थानीय समाचारों में प्रमुख रही। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए। लोगों ने उत्साह साझा किया।
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