Hardoi : ग्रामीणों और शिवाजी छत्रपति गौ रक्षा फाउंडेशन ने श्रीमऊ में घायल गाय का इलाज किया, मानवता के प्रयास को लोगों ने सराहा
यह घटना श्रीमऊ गांव में हुई, जहां गाय की हालत गंभीर थी। नारायण सिंह गौर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पशु चिकित्सकों को जोड़ा, जिससे गाय को समय पर इलाज मिल सका। शिवाजी छत्रपति गौ रक्षा फाउं
जिले के श्रीमऊ, उमरौली गांव में एक घायल गाय की जान बचाने के लिए ग्रामीणों और शिवाजी छत्रपति गौ रक्षा फाउंडेशन ने मिलकर मानवता की मिसाल पेश की। 2 सितंबर 2025 को तार से कटकर तड़प रही गाय को देखकर समाजसेवी राम प्रताप सिंह और गौ सेवक शिवम अवस्थी ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने गौ रक्षा प्रमुख नारायण सिंह गौर से संपर्क किया, जिन्होंने सांडी के पशु चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र से बात की। डॉ. पुष्पेंद्र ने मंसूरपुर के डॉ. रामू को सूचित किया, और सभी के सहयोग से घायल गाय का इलाज शुरू हुआ। ग्रामीणों ने भी इस कार्य में पूरा साथ दिया।
यह घटना श्रीमऊ गांव में हुई, जहां गाय की हालत गंभीर थी। नारायण सिंह गौर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पशु चिकित्सकों को जोड़ा, जिससे गाय को समय पर इलाज मिल सका। शिवाजी छत्रपति गौ रक्षा फाउंडेशन ने इस कार्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। ग्रामीणों ने राम प्रताप सिंह, शिवम अवस्थी, नारायण सिंह गौर, शिवम मिश्रा और सभी डॉक्टरों की सराहना की। इस नेक कार्य के लिए गांव में खुशी का माहौल है।
फाउंडेशन ने घायल गायों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 8874442319 जारी किया है। इसके अलावा, पशु एंबुलेंस सेवा के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 पर भी संपर्क किया जा सकता है। फाउंडेशन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के पास प्याऊ बनवाएं और पॉलिथीन में खाद्य पदार्थ फेंकने से बचें। यह प्रयास गौ सेवा को बढ़ावा देने और पशुओं की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों ने फाउंडेशन और उनकी टीम को बधाई दी और इस सेवा को जारी रखने की कामना की।
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