बेंगलुरु में भारी बारिश का कहर- पेड़ गिरने से ऑटो ड्राइवर घायल, कई वाहनों को नुकसान।
Bengaluru News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुई भारी बारिश ने शहर में भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के साथ आई इस बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ ....
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुई भारी बारिश ने शहर में भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के साथ आई इस बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, जिनमें से एक हादसे में मराठाहल्ली के व्यस्त क्षेत्र में एक पेड़ कई गाड़ियों पर गिर गया। इस हादसे में एक ऑटो ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, और कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और मलबा हटाने का काम कर रही हैं।
23 जुलाई 2025 की शाम को बेंगलुरु में तेज बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। मराठाहल्ली के एक व्यस्त चौराहे पर, भारी बारिश के दौरान एक बड़ा पेड़ अचानक उखड़कर सड़क पर गिर गया, जिसके नीचे कई वाहन दब गए। इस हादसे में एक ऑटो ड्राइवर, जिसकी पहचान रमेश (उम्र 38) के रूप में हुई, गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पेड़ के गिरने से ऑटो का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, और ड्राइवर को सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं।
हादसे में एक कार और दो दोपहिया वाहनों को भी भारी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया। घायल ड्राइवर को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई, जब बारिश और तेज हवाओं के कारण दृश्यता कम थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बेंगलुरु और कर्नाटक के अन्य हिस्सों में 23 और 24 जुलाई के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था। मराठाहल्ली, कोरमंगला, और येलहंका जैसे क्षेत्रों में 50-60 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने शहर के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात जाम की स्थिति पैदा कर दी। विशेष रूप से, येलचेनहल्ली मेट्रो स्टेशन, होसुर रोड, और सरजापुर रोड जैसे इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई।
बीबीएमपी के अनुसार, 23 जुलाई को शहर में कम से कम 12 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश तेज हवाओं और कमजोर जड़ों के कारण हुईं। इसके अलावा, कई जगहों पर बिजली की तारें टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आईं।
हादसे के बाद बीबीएमपी की टीमें और कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन बल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने गिरे हुए पेड़ को हटाने और सड़क को यातायात के लिए खोलने का काम शुरू किया। बीबीएमपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में पेड़ों की नियमित जांच और छंटाई का काम चल रहा है, लेकिन तेज हवाओं के कारण हरे-भरे पेड़ भी गिर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम कमजोर और सूखे पेड़ों को हटाने के लिए पहले से काम कर रहे हैं, लेकिन ऐसी अप्रत्याशित घटनाओं को पूरी तरह रोकना चुनौतीपूर्ण है।”
बीबीएमपी ने घायल ऑटो ड्राइवर के परिवार को मुआवजे की घोषणा की है। अधिकारी ने बताया कि मुआवजे की राशि का निर्धारण जल्द किया जाएगा, और घायल व्यक्ति के इलाज का खर्च भी पालिका वहन करेगी। इसके अलावा, जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई और बाढ़ रोकथाम के उपायों को तेज करने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर बेंगलुरु के निवासियों ने बारिश और जलभराव को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने बीबीएमपी की तैयारियों पर सवाल उठाए, खासकर तब जब शहर हर साल प्री-मानसून और मानसून बारिश के दौरान ऐसी समस्याओं का सामना करता है। एक एक्स यूजर ने लिखा, “बेंगलुरु में 10 मिनट की बारिश शहर को नदी में बदल देती है। बीबीएमपी को नालों की सफाई और पेड़ों की जांच के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।”
स्थानीय कार्यकर्ता गुलाब पाशा ने कहा, “हर साल यही कहानी दोहराई जाती है। येलचेनहल्ली जैसे क्षेत्रों में नालों की सफाई समय पर नहीं होती, जिसके कारण जलभराव और दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।” उन्होंने बीबीएमपी से दीर्घकालिक समाधान की मांग की, जैसे कि नालों का पुनर्निर्माण और पेड़ों की नियमित निगरानी।
बेंगलुरु में पेड़ गिरने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। इस साल मई 2025 में भी भारी बारिश के दौरान एक ऑटो ड्राइवर, महेश (45), की काठरिगुप्पे मेन रोड पर पेड़ गिरने से मृत्यु हो गई थी। उस समय भी बीबीएमपी ने मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपायों की कमी की आलोचना हुई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों के कारण पेड़ों की जड़ें कमजोर हो रही हैं। बीबीएमपी के वन संरक्षक बीएलजी स्वामी ने बताया, “हरे-भरे पेड़ भी तेज हवाओं में गिर रहे हैं, क्योंकि उनकी जड़ें मजबूत नहीं हैं। ऊंची इमारतें पेड़ों को सीधा बढ़ने के लिए मजबूर करती हैं, जिससे उनकी स्थिरता प्रभावित होती है।” बेंगलुरु में 23 जुलाई 2025 की भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर किया है। मराठाहल्ली में पेड़ गिरने की घटना ने एक ऑटो ड्राइवर को गंभीर रूप से घायल कर दिया और कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
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