Sambhal: मदरसा जांच पर हाई कोर्ट की रोक: मुफ्ती आलम रज़ा नूरी बोले- ‘देर आए, दुरुस्त आए’। 

मदरसों की ईओडब्ल्यू जांच पर हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का धर्मगुरु मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा

Apr 30, 2026 - 18:18
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Sambhal: मदरसा जांच पर हाई कोर्ट की रोक: मुफ्ती आलम रज़ा नूरी बोले- ‘देर आए, दुरुस्त आए’। 
मुफ्ती आलम रज़ा नूरी, मुस्लिम धर्मगुरु

उवैस दानिश, सम्भल 

मॉब लिंचिंग पर कोर्ट की टिप्पणी का भी स्वागत, बोले- मानवाधिकार आयोग करे सख्त कार्रवाई

मदरसों की ईओडब्ल्यू जांच पर हाई कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का धर्मगुरु मुफ्ती आलम रज़ा नूरी ने जोरदार स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भले ही देर से आया हो, लेकिन सही दिशा में उठाया गया कदम है।

मुफ्ती नूरी ने कहा कि जिस तरह मदरसों को निशाना बनाकर जांच की जा रही थी, उसी तरह अन्य संस्थानों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्सर मदरसों को ही टारगेट किया जाता है, जबकि अन्य मामलों में चुप्पी साध ली जाती है। उन्होंने मदरसों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि मदारिस-ए-इस्लामिया सिर्फ दीन की तालीम ही नहीं, बल्कि दुनिया की शिक्षा भी देते हैं। यहां बच्चों को इंसानियत, माता-पिता की सेवा, देशभक्ति, समाज में भाईचारा और आपसी सम्मान का पाठ पढ़ाया जाता है। मुफ्ती नूरी ने साफ कहा कि मदरसों का इतिहास हमेशा अमन और शांति का रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसे कभी हिंसा का समर्थन नहीं करते, बल्कि समाज में सुधार और भाईचारे का संदेश देते हैं। वहीं, हाई कोर्ट की उस टिप्पणी पर भी उन्होंने सहमति जताई, जिसमें मुस्लिमों की मॉब लिंचिंग पर मानवाधिकार आयोग की चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आयोग इस तरह के मामलों में तुरंत कार्रवाई करे, तो लोगों का विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने अपील की कि इंसानियत को प्राथमिकता देते हुए शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि हर समुदाय का भरोसा बना रहे।

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