Viral News: आतंकी जकीउर रहमान लखवी जेल में पिता कैसे बना, ओवैसी ने अल्जीरिया में खोली पाकिस्तान की आतंकवादी पनाहगाह की पोल। 

पाकिस्तान में आतंकवाद को पनाह देने और आतंकियों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने का मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा...

Jun 1, 2025 - 15:16
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Viral News: आतंकी जकीउर रहमान लखवी जेल में पिता कैसे बना, ओवैसी ने अल्जीरिया में खोली पाकिस्तान की आतंकवादी पनाहगाह की पोल। 

पाकिस्तान में आतंकवाद को पनाह देने और आतंकियों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने का मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा का विषय बन गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अल्जीरिया में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान की आतंकवाद के प्रति दोहरी नीति को बेनकाब किया। उन्होंने लश्कर-ए-तय्यबा (LeT) के वरिष्ठ कमांडर और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे वह जेल में रहते हुए भी एक बच्चे का पिता बना। ओवैसी ने कहा, "जकीउर रहमान लखवी जैसे आतंकवादी को जेल में विशेष सुविधाएं दी गईं, और जब तक पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में नहीं डाला गया, तब तक उसका मुकदमा आगे नहीं बढ़ा।" यह बयान ओवैसी ने अल्जीरिया में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दिया, जहां भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग बढ़ाने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे गए थे। यह पहल 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य 33 देशों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को मजबूत करना और पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को उजागर करना था। ओवैसी ने अपने संबोधन में जकीउर रहमान लखवी के मामले को उठाकर पाकिस्तान की उस नीति को निशाना बनाया, जो आतंकवादियों को संरक्षण देती है।

  • जकीउर रहमान लखवी: एक आतंकवादी

जकीउर रहमान लखवी, जो 30 दिसंबर 1960 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ओकारा जिले में पैदा हुआ, लश्कर-ए-तय्यबा का सह-संस्थापक और सैन्य कमांडर है। वह 2008 के मुंबई हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे, जिनमें छह अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा और तालिबान प्रतिबंध समिति ने उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है, और वह भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की मोस्ट वांटेड सूची में भी शामिल है। लखवी ने 1982 में अफगान जिहाद में हिस्सा लिया था और बाद में लश्कर-ए-तय्यबा का सैन्य प्रमुख बना। उसने कश्मीर, चेचन्या, बोस्निया, इराक और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकी हमलों की योजना बनाई।

2008 में मुंबई हमले के बाद, लखवी को 7 दिसंबर 2008 को पाकिस्तानी अधिकारियों ने मुजफ्फराबाद के पास एक लश्कर प्रशिक्षण शिविर से गिरफ्तार किया था। हालांकि, उसे 2015 में जमानत पर रिहा कर दिया गया, जिसे भारत और अमेरिका ने कड़ा विरोध किया। 2021 में, उसे आतंकवादी वित्तपोषण के एक अलग मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई, लेकिन यह सजा मुंबई हमले से संबंधित नहीं थी।

  • जेल में विशेष सुविधाएं और पिता बनना

ओवैसी ने अपने बयान में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा किया, वह यह था कि लखवी को रावलपिंडी की अडियाला जेल में विशेष सुविधाएं दी गईं। जेल में रहते हुए उसे मोबाइल फोन, इंटरनेट, टेलीविजन और असीमित आगंतुकों से मिलने की अनुमति थी। इतना ही नहीं, इस दौरान वह एक बच्चे का पिता भी बना, जो यह दर्शाता है कि उसे जेल में कितनी छूट दी गई थी। ओवैसी ने कहा, "दुनिया का कोई भी देश आतंकवाद के आरोप में बंद व्यक्ति को ऐसी सुविधाएं नहीं देगा। यह पाकिस्तान की आतंकवाद के प्रति ढुलमुल नीति को दर्शाता है।"

यह खुलासा 2015 में बीबीसी की एक रिपोर्ट में भी सामने आया था, जिसमें बताया गया कि लखवी को जेल में कई कमरे, टेलीविजन, और मोबाइल फोन की सुविधा दी गई थी। उसे जेलर के कार्यालय के पास विशेष सुविधाएं प्रदान की गई थीं, और वह लश्कर-ए-तय्यबा के सदस्यों के साथ संपर्क में बना रहा।

  • FATF का दबाव और पाकिस्तान की रणनीति

लखवी की गिरफ्तारी और सजा का समय भी संदेहास्पद रहा है। जनवरी 2021 में, उसे आतंकवादी वित्तपोषण के मामले में गिरफ्तार किया गया और मात्र छह दिनों में, 8 जनवरी 2021 को, लाहौर की एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने उसे तीन मामलों में पांच-पांच साल की सजा सुनाई, जो समवर्ती रूप से चलेंगी। इस सजा में प्रत्येक मामले में 1,00,000 रुपये का जुर्माना भी शामिल था। भारत ने इस कार्रवाई को "नाटकीय" और "FATF की ग्रे लिस्ट से हटने के लिए दिखावा" करार दिया।

पाकिस्तान को जून 2018 में FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल किया गया था, और उसे आतंकवादी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए 27 बिंदुओं का एक कार्ययोजना लागू करने को कहा गया था। 2020 में, FATF ने कहा कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादियों के खिलाफ प्रभावी वित्तीय प्रतिबंध लागू करने की जरूरत है। लखवी की सजा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट का समय फरवरी 2021 में होने वाली FATF की बैठक से ठीक पहले का था, जिसे भारत ने एक रणनीतिक कदम बताया।

  • ओवैसी का हमला

अल्जीरिया में अपने संबोधन में, ओवैसी ने न केवल लखवी के मामले को उठाया, बल्कि पाकिस्तान को आतंकवाद का मुख्य प्रायोजक भी बताया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद दो चीजों पर टिका है: विचारधारा और पैसा। पाकिस्तान ताकफीरी विचारधारा का केंद्र है, और उसकी विचारधारा दाएश और अल-कायदा से अलग नहीं है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में डालने से भारत में आतंकवादी घटनाएं कम होंगी। उन्होंने 2018 का उदाहरण दिया, जब अल्जीरिया और अन्य देशों ने भारत का समर्थन किया था, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा।

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भारत ने लंबे समय से मांग की है कि लखवी को मुंबई हमले के लिए जवाबदेह ठहराया जाए। अमेरिका ने भी 2021 में उसकी गिरफ्तारी का स्वागत किया था, लेकिन जोर दिया था कि उसे मुंबई हमले के लिए सजा दी जानी चाहिए। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने मुंबई हमले के लिए ठोस सबूतों की कमी का बहाना बनाया, जबकि एकमात्र जीवित हमलावर अजमल कसाब ने पूछताछ में लखवी की भूमिका की पुष्टि की थी।

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