लखनऊ में मां ने प्रेमी के साथ मिलकर 6 साल की बेटी की हत्या की, पति को फंसाने की रची साजिश। 

Lucknow Crime News: लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के खंदारी बाजार में 13 जुलाई 2025 की रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसमें एक मां, रोशनी खान....

Jul 17, 2025 - 13:42
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लखनऊ में मां ने प्रेमी के साथ मिलकर 6 साल की बेटी की हत्या की, पति को फंसाने की रची साजिश। 
लखनऊ में मां ने प्रेमी के साथ मिलकर 6 साल की बेटी की हत्या की, पति को फंसाने की रची साजिश। 

लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के खंदारी बाजार में 13 जुलाई 2025 की रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसमें एक मां, रोशनी खान, ने अपने प्रेमी उदित जायसवाल के साथ मिलकर अपनी 6 साल की बेटी सायनारा (उर्फ सोना) की बेरहमी से हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात में मां ने अपनी बेटी को मारने के बाद शव को 36 घंटे तक घर में छिपाए रखा और पति शाहरुख खान पर हत्या का इल्जाम लगाकर उसे फंसाने की कोशिश की। पुलिस की गहन जांच और साक्ष्यों ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया, जिसने मातृत्व और रिश्तों को कलंकित कर दिया। रोशनी और उदित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना लखनऊ के कैसरबाग थाना क्षेत्र के खंदारी बाजार स्थित एक अपार्टमेंट की है। रोशनी खान (उर्फ नाज) ने 14-15 जुलाई 2025 की रात करीब 3 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर बताया कि उसके पति शाहरुख ने उनकी 6 साल की बेटी सायनारा की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके साथ मारपीट की। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तो शव से बदबू और कीड़े पड़ने की स्थिति देखकर शक हुआ, क्योंकि यह साफ था कि हत्या 36-48 घंटे पहले, यानी 13 जुलाई की रात को हुई थी।

पुलिस ने रोशनी की तहरीर पर शाहरुख के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया, लेकिन जांच में उसकी लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह घटना के वक्त अपार्टमेंट में नहीं था। रोशनी के बार-बार बदलते बयानों और सख्त पूछताछ के बाद उसने उदित के साथ मिलकर हत्या करने का गुनाह कबूल लिया।

  • हत्या की साजिश और कारण

पुलिस पूछताछ में रोशनी और उदित ने बताया कि सायनारा ने उन्हें आपत्तिजनक हालत में देख लिया था और अपने पिता शाहरुख को बताने की बात कही थी। इससे डरकर दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, रोशनी और उदित अप्रैल 2025 से इस हत्या की योजना बना रहे थे, ताकि वे बेटी को हटाकर और शाहरुख को जेल भेजकर अपार्टमेंट पर कब्जा कर आराम से साथ रह सकें।

रोशनी ने 13 जुलाई की रात उदित के साथ मिलकर सायनारा को पहले पीटा, फिर उसके पेट पर पैर रखकर दबाया और मुंह पर रूमाल रखकर गला घोंट दिया। इससे बच्ची की नाक से खून बहने लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद दोनों ने शव को बेड के बॉक्स में छिपाया। जब बदबू बढ़ने लगी, तो शव को बाहर निकालकर एसी के सामने रखा, परफ्यूम छिड़का और कमरे को फिनाइल से धोया। इसके बावजूद, दोनों ने शव के सामने शराब और ड्रग्स की पार्टी की, खाना खाया और उसी कमरे में सो गए।

  • रोशनी और शाहरुख का पारिवारिक विवाद

रोशनी और शाहरुख की शादी 10 साल पहले हुई थी, और उनकी एक बेटी सायनारा थी। रोशनी एक बार डांसर थी और लखनऊ के क्लबों में जाती थी, जहां चार साल पहले उसकी मुलाकात उदित जायसवाल से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए, और रोशनी ने उदित के साथ लिव-इन रिलेशनशिप शुरू कर दी। उसने मई 2025 में शाहरुख को मारपीट कर घर से निकाल दिया और उसकी मां परवीन, जेठ सलमान, और दोनों ननदों रुखसार और रूमी को दहेज उत्पीड़न और रेप के झूठे मामलों में जेल भेज दिया।

रोशनी का मकसद शाहरुख के परिवार को हटाकर अपार्टमेंट पर कब्जा करना और उदित के साथ बेरोकटोक रहना था। अपार्टमेंट शाहरुख की मां ने बिल्डर की मदद से बनवाया था, जिसमें पहली और चौथी मंजिल पर परिवार रहता था, और दो मंजिलें बेच दी गई थीं। रोशनी की बेटी सायनारा अपने पिता के साथ रहना चाहती थी और मां के लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध करती थी, जो हत्या का एक प्रमुख कारण बना।

  • पुलिस जांच और साक्ष्य

पुलिस की जांच में कई अहम साक्ष्य सामने आए:

पोस्टमार्टम रिपोर्ट: सायनारा की मौत दम घुटने से हुई, और हत्या 36-48 घंटे पहले (13 जुलाई) हुई थी, न कि 14-15 जुलाई की रात, जैसा रोशनी ने दावा किया।

सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल: इनसे पुष्टि हुई कि शाहरुख घटना के वक्त अपार्टमेंट में नहीं था। वह अमीनाबाद में किराए के मकान में रहता था और हत्या के दिन अपनी बहन के घर था।

घटनास्थल की स्थिति: शव से बदबू और कीड़े पड़ने की स्थिति ने हत्या का समय उजागर किया।

रोशनी के बयान: बार-बार बदलते बयानों और सख्त पूछताछ में रोशनी और उदित ने गुनाह कबूल लिया।

पुलिस ने रोशनी और उदित को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाने की कोशिश), और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया। दोनों को 16 जुलाई 2025 को जेल भेज दिया गया।

इस घटना ने खंदारी बाजार और पूरे लखनऊ में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ा दी। स्थानीय निवासी नितिन ने बताया कि सायनारा दो दिन पहले खेलते हुए मिली थी और उसने मुस्कुराकर नमस्ते कहा था। मोहल्ले के लोग रोशनी को एक सामान्य महिला समझते थे, लेकिन इस साजिश ने सभी को स्तब्ध कर दिया। कई लोगों ने इसे “मातृत्व पर कलंक” करार दिया।

सोशल मीडिया पर भी इस घटना की तीखी निंदा हुई। X पर कई यूजर्स ने इसे “कलयुग का चरम” बताया और कठोर सजा की मांग की। एक यूजर ने लिखा, “ऐसी मां को सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए उदाहरण बने।”

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने X पर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह घटना दर्शाती है कि महिलाएं और बच्चियां कितनी असुरक्षित हैं। सरकार को तुरंत कड़े कदम उठाने चाहिए।” वहीं, बीजेपी नेताओं ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि दोषियों को कठोर सजा मिलेगी।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि हुई है, जिसमें हत्या और अपहरण के मामले प्रमुख हैं। लखनऊ में हाल के वर्षों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जैसे 2024 में एक बच्ची की हत्या और 2023 में पारिवारिक विवादों से जुड़े अपराध। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और पारिवारिक हिंसा पर गंभीर सवाल उठाती है।

इस घटना ने समाज में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत को उजागर किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘मिशन शक्ति’ और ‘112’ आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं इनके कार्यान्वयन में कमियों को दर्शाती हैं। महिला संगठनों ने मांग की है कि पीड़ित परिवारों को तुरंत कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जाए। साथ ही, स्कूलों और समुदायों में लैंगिक समानता और बच्चों के अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएं।

लखनऊ के खंदारी बाजार में हुई यह वारदात न केवल एक मां की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि समाज में प्रेम, बदले की भावना और नशे की लत से उपजे अपराधों को भी उजागर करती है। रोशनी और उदित की साजिश ने एक मासूम बच्ची की जान ले ली और रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया। पुलिस की सतर्कता और साक्ष्यों ने सायनारा को न्याय दिलाने की दिशा में पहला कदम उठाया है, लेकिन यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में ऐसी मानसिकता को रोकने के लिए और क्या किया जाना चाहिए। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सजा पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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