Mussoorie News: मसूरी में लगातार हो रहे भू-धसाव और आपदा को देखते हुए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने शुरू किया मसूरी के लंढौर बाजार का निरीक्षण।
पहाड़ों की रानी मसूरी में कुछ क्षेत्रों में हो रहे भू-धसाव और भविष्य में आपदा को देखते हुए उसकी सुरक्षा के लिए एनडीएमए...
रिपोर्टर सुनील सोनकर
पहाड़ों की रानी मसूरी में कुछ क्षेत्रों में हो रहे भू-धसाव और भविष्य में आपदा को देखते हुए उसकी सुरक्षा के लिए एनडीएमए( राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) की ओर से नगर के सभी भवनों का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे किया जा रहा है सीबीआरआई (सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ओर से मसूरी नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र का सभी भवनों का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण शुरू कर दिया गया है।
सीबीआरआई रुड़की के चार वैज्ञानिक और 18 इंजीनियरों की टीम ने नगर लंढौर बाजार सहित अन्य क्षेत्रों और भवनोें का सर्वेक्षण उनकी ग्रीटिंग देखी। जिसके बाद एक रिस्क मैप तैयार किया जाएगा भविष्य में किसी प्रकार की मानव निर्मित या आपदा होने पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए इस मैप का उपयोग किया जाएगा।मसूरी के विभिन्न क्षतिग्रस्त बिल्डिग के साथ अन्य बिल्डिगों की ग्रेडिंग के बाद रिपोर्ट राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनडीएमए को सौंप जाएगी एनडीएमए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की ओर से जिला आपदा प्रबंधन के सहयोग से नगर का सर्वे किया जा रहा है सीबीआरआई (केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान)के वैज्ञानिक आशीष कपूर ने बताया कि मुख्य साइंटिस्ट डा अजय चौरसिया, साइंटिस्ट डॉ एमएम दालबेरा, साइंटिस्ट डॉ चंचल सोनकर के दिषा निर्देशो पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग टीम बनाकर घर-घर जाकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्षेत्रों और बिल्डिगों का सर्वे कर रहे हैं इसके बाद आपदा से निपटने के लिए योजनाएं बनाई जाएगी।
मसूरी में भवनों को बनाने के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड एनबीसी के आधार पर लोगों को जागरूक किया जाएगा बताया कि पहाड़ों में भूकंप भूस्खलन बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए यह सर्वे किया जा रहा है आपदा होने पर किसी प्रकार से रिलीफ कैंप बनाना रेस्क्यू आदि को लेकर एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि आपदा होने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो सके साथ ही आपदा जैसी घटनाओं से भवनों को कम से कम नुकसान हो । उन्होने बताया कि सर्वै का कार्य 8 अप्रैल तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान देखा गया है कि मसूरी में नियम के विरुद्ध कई ऊंची इमारतें बना दी गई है जो गलत है उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में इस सभी बिंन्दु को भी दर्शाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आपदा को लेकर एनडीएमए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) देशभर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है उत्तराखंड में कर्णप्रयाग, नैनीताल का पूर्व में निरीक्षण कर दिया गया है मसूरी के बाद हिमाचल के साथ अन्य राज्य का भी निरीक्षण किया जायेगा।
Also Read- Uttarakhand News: सैंकड़ों मरीजों की आँखों की निःशुल्क जांच की गई।
अधिशासी अधिकारी तनवीर मारवाह ने कहा कि सीबीआरआई रुड़की के चार वैज्ञानिक और 18 इंजीनियर के साथ स्थानीय लोक निर्माण विभाग नगर पालिका और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की टीम के द्वारा मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है यह टीम 5 दिनों तक घर-घर जाकर भवनों का सर्वेक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी।
What's Your Reaction?