Lucknow News: अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव संस्कृति, भक्ति, ज्ञान और इतिहास का अनूठा संगम - जयवीर सिंह   

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम ने भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोया है....

Mar 22, 2025 - 10:39
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Lucknow News: अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव संस्कृति, भक्ति, ज्ञान और इतिहास का अनूठा संगम - जयवीर सिंह   

लखनऊ: अन्तर्राष्ट्रीय रामायण कॉन्क्लेव की श्रृंखला में दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ आज रामेश्वरम में हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन ’अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश, एवं रामेश्वरम के कम्बन कोझकम, विवेकानंद केंद्र, रामकृष्ण मिशन के संयुक्त तत्वाधान सें किया जा रहा है।  

कॉन्क्लेव का शुभारंभ ’संत विद्वत समागम’ से हुआ, जिसमें मदुरई के स्वामी शिवयोगानंदा, डॉ. वेंकटेश सुब्बा राव, नागपट्टिनम के स्वामी रामकृष्णानंद, चेन्नई के अभिनव कदम्बी, कोजहियालाम एन भराथन, वी.आर. श्रीरामदेसिकन और धरणी गुनसेकरण ने मंथन किया। इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल एवं जटायु राम मंदिर, केरल के वर्तमान न्यासी कुम्मनम राजशेखरन मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में पद्मश्री लक्ष्मी ने अपनी भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद मुंबई के श्री साईं राम अय्यर ने अपनी भजनों की संगीतमय प्रस्तुति से पूरे वातावरण को राममय बना दिया। 

कॉन्क्लेव के दूसरे दिन प्रदीप गुप्ता एवं उनके दल द्वारा ’‘लीला - मैं अयोध्या हूं’’ का मंचन किया जाएगा। साथ ही, लोकनृत्य और लोकगायन की भी अद्भुत झलक देखने को मिलेगी। तमिलनाडु के कलाकार ’कोलाट्टम, काराकट्टम और ओइलाट्टम’ जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति देंगे। रामेश्वरम का रामायण से आध्यात्मिक संबंध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार लंका विजय के पश्चात भगवान श्रीराम ने यहां बालू से शिवलिंग स्थापित किया और ऐसा माना जाता है कि वर्तमान में इसी शिवलिंग को रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग कहा जाता है। इसके अतिरिक्त श्रीराम ने हनुमान और वानर सेना की सहायता से रामेश्वरम से लंका तक रामसेतु का निर्माण किया था।

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श्रीलंका, नेपाल एवं देश के 6 राज्यों व राम वन गमन पथ समेत 10 स्थानों पर कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। यह श्रृंखला श्रृंगवेरपुर, प्रयागराज से प्रारंभ हुई और चित्रकूट, महाराष्ट्र के रामटेक, कर्नाटक के हम्पी होते हुए अब रामेश्वरम पहुंची है। कार्यक्रम के अनुसार 26 मार्च को श्रीलंका  29 मार्च को जम्मू (समापन) में कॉन्क्लेव का समापन होगा।  

उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम ने भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व को एक सूत्र में पिरोया है। इस प्रकार के आयोजन संस्कृति, भक्ति और त्रेतायुग के इतिहास को सजीव करते हैं।

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