UK News: जमीयत उलमा-ए-हिंद UCC के खिलाफ जाएगी कोर्ट, समान नागरिकता में लगाया भेदभाव का आरोप।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को लागू कर दिया है। इसे लागू करने वाला देश में पहला राज्य उत्तराखंड ...
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी BJP की सरकार ने UCC को लागू कर दिया है। ऐसे लागू करने के बाद कई लोग इसकी समर्थन में है तो कई लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं जमीयत उलमा-ए-हिंद Jamiat Ulama-e-Hind के लोग इसके खिलाफ कोर्ट में जाएंगे।
- उत्तराखंड में लागू समान नागरिक सहिंता
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को लागू कर दिया है। इसे लागू करने वाला देश में पहला राज्य उत्तराखंड बन गया है। वहीं से लागू करने से बीजेपी के लोग काफी होते हैं लेकिन कुछ लोग इसके विरोध में है। वही जमीयत उलमा-ए-हिंद Jamiat Ulama-e-Hind ने इसे लागू करने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने UCC के खिलाफ कोर्ट में जाने का फैसला ले लिया है। जमीयत उलमा-ए-हिंद Jamiat Ulama-e-Hind के अनुसार सामान नागरिक संहिता लागू करके न केवल नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला किया गया है, बल्कि यह कानून पूरी तरह से भेदभाव और पूर्वाग्रह पर आधारित है। वही इस कानून को नैनीताल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया जाएगा।
- मौलाना असद मदनी ने दी प्रतिक्रिया
समान नागरिक संहिता को लेकर मौलाना अरशद मदनी की प्रतिक्रिया सामने आई है जिसमें उन्होंने उत्तराखंड सरकार के द्वारा समान नागरिक संहिता लागू करने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि कोई भी ऐसा कानून जिसे शरीयत के खिलाफ माना जाए, वह स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि मुसलमान अपनी धार्मिक मान्यताओं से समझौता नहीं कर सकते। इसके अलावा, उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 366, खंड 25 का उल्लेख किया, जो अनुसूचित जनजातियों को कुछ विशेष अधिकार प्रदान करता है, और अनुच्छेद 21 के तहत उनके अधिकारों की सुरक्षा की बात की। इस प्रकार, उनका आरोप है कि समान नागरिक संहिता लागू करने से इन समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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