Trending: भदोही में दहेज के लिए क्रूरता की हदें पार- नवविवाहिता को सिगरेट से जलाया, पुलिस ने शुरू की जांच।
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में दहेज की मांग को लेकर एक नवविवाहिता के साथ अमानवीय क्रूरता का मामला सामने आया है, जिसने समाज...
भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में दहेज की मांग को लेकर एक नवविवाहिता के साथ अमानवीय क्रूरता का मामला सामने आया है, जिसने समाज में दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को फिर से उजागर कर दिया है। गोपीगंज थाना क्षेत्र में 24 वर्षीय पिंकी सरोज ने अपने पति सावन चौधरी, ससुर ललित नारायण चौधरी और सास आकांक्षा पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और सिगरेट से जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना शादी के महज दो दिन बाद शुरू हुई और पीड़िता को लगातार शारीरिक और मानसिक यातना दी गई। पुलिस ने पिंकी की शिकायत पर भारतीय नव संहिता (बीएनएस) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना भदोही जिले के गोपीगंज थाना क्षेत्र की है, जहां पिंकी सरोज की शादी 11 जून 2025 को सावन चौधरी के साथ हुई थी। पिंकी के अनुसार, शादी के दो दिन बाद ही सावन ने दहेज में 5 लाख रुपये नकद और एक कार की मांग शुरू कर दी। जब पिंकी के परिवार ने इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो सावन, उसके पिता ललित नारायण चौधरी और बहन आरती ने पिंकी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पिंकी ने अपनी शिकायत में बताया कि सावन ने उसे कई बार सिगरेट से जलाया, जिसके निशान उसके शरीर पर साफ दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा, ससुर और सास ने भी उसे गाली-गलौज और मारपीट का शिकार बनाया।
पिंकी ने गुरुवार, 12 जून 2025 को गोपीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने अपने पति, ससुर और सास पर दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हमला, आपराधिक धमकी और शांति भंग करने की मंशा से अपमान करने का आरोप लगाया। भदोही के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिमन्यु मंगलिक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय नव संहिता की धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने पिंकी की शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई शुरू की। गोपीगंज थाना प्रभारी राजेश शुक्ला ने बताया कि पिंकी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उसके शरीर पर सिगरेट से जलाने के निशान और अन्य चोटों की पुष्टि हुई है। पुलिस ने सावन चौधरी, ललित नारायण चौधरी और आरती की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक तीनों फरार हैं। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों की निगरानी बढ़ा दी है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
एसपी मंगलिक ने कहा, “यह एक गंभीर मामला है, और हम इसे प्राथमिकता पर ले रहे हैं। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।” पुलिस ने पिंकी के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का भी आश्वासन दिया है, क्योंकि उन्हें डर है कि आरोपी परिवार की ओर से धमकियां मिल सकती हैं।
- पीड़िता का बयान
पिंकी सरोज ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, “मेरे परिवार ने मेरी शादी में अपनी हैसियत के अनुसार दहेज दिया था, लेकिन सावन और उसके परिवार को यह पर्याप्त नहीं लगा। शादी के दूसरे दिन से ही उन्होंने मुझे ताने देने शुरू कर दिए और पैसे की मांग की। जब मैंने इसका विरोध किया, तो सावन ने मुझे सिगरेट से जलाया और गालियां दीं। उसके पिता और बहन ने भी मुझे मारा और अपमानित किया।” पिंकी ने यह भी कहा कि वह अपनी जान को खतरा महसूस कर रही थी, जिसके चलते उसने मायके जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज की।
पिंकी के पिता, रामजी सरोज, ने बताया कि उनकी बेटी की शादी में उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज दिया था, जिसमें नकदी, आभूषण और घरेलू सामान शामिल थे। “हमने सोचा था कि हमारी बेटी सुखी रहेगी, लेकिन सावन और उसके परिवार की लालच ने उसकी जिंदगी नरक बना दी। हम चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले,” उन्होंने कहा।
यह घटना दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की गंभीर समस्या को फिर से उजागर करती है। भदोही में दहेज उत्पीड़न का यह कोई पहला मामला नहीं है। मई 2025 में भी भदोही में एक मूक-बधिर महिला के साथ दहेज के लिए मारपीट और घर से निकालने का मामला सामने आया था, जिसमें कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दहेज प्रथा के खिलाफ भारत में सख्त कानून होने के बावजूद, जैसे दहेज निषेध अधिनियम 1961 और भारतीय दंड संहिता (अब बीएनएस) की संबंधित धाराएं, इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी मिश्रा ने कहा, “दहेज प्रथा सामाजिक बुराई है, जो आज भी कई परिवारों को नष्ट कर रही है। समाज में जागरूकता के साथ-साथ कानून का सख्ती से पालन जरूरी है।”
सोशल मीडिया पर इस घटना की व्यापक निंदा हुई है। ‘एक्स’ पर @news24tvchannel ने लिखा, “यूपी: भदोही में दहेज के लिए दरिंदगी, पति ने नवविवाहिता को सिगरेट से जलाया।” कई यूजर्स ने इस घटना को “शर्मनाक” और “अमानवीय” करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
- भदोही में दहेज उत्पीड़न का इतिहास
भदोही जिला, जो अपनी कालीन उद्योग के लिए प्रसिद्ध है, दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में पहले भी सुर्खियों में रहा है। 2020 में एक मूक-बधिर महिला के साथ दहेज के लिए क्रूरता का मामला सामने आया था, जिसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई हुई। इसके अलावा, जून 2025 में गोपीगंज थाना क्षेत्र में ही एक अन्य मामले में दहेज के लिए प्रताड़ना और हत्या के आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाए। महिला संगठनों और स्थानीय नेताओं ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। भदोही की समाजसेवी रीता सिंह ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि शादी के दो दिन बाद ही एक महिला को इस तरह की यातना सहनी पड़ी। हमें समाज में दहेज के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।”
भदोही के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) अमित पाल शर्मा ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा, “महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दहेज उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम पुलिस को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और पीड़िता को न्याय मिले।” डीएम ने यह भी कहा कि जिले में दहेज के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है और स्थानीय समुदाय से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साझा करने की अपील की है। गोपीगंज थाना प्रभारी ने कहा, “हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया जाएगा।”
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