Trending: राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़- उजाला यादव की एंट्री, सोनम रघुवंशी पर किए सनसनीखेज खुलासे। 

मेघालय में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आया है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले....

Jun 16, 2025 - 13:13
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Trending: राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़- उजाला यादव की एंट्री, सोनम रघुवंशी पर किए सनसनीखेज खुलासे। 

मेघालय में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आया है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली उजाला यादव ने इस हत्याकांड में महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं, जिसने मेघालय पुलिस की जांच को नई दिशा दी है। उजाला ने दावा किया है कि उसने 8 जून 2025 की रात को सोनम रघुवंशी को वाराणसी रोडवेज बस स्टैंड पर देखा था, जहां सोनम दो अज्ञात पुरुषों के साथ गोरखपुर जाने वाली बस की तलाश में थी। इस बयान ने सोनम की उस कहानी पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उसने खुद को अपहरण का शिकार बताया था। मेघालय पुलिस ने उजाला यादव से संपर्क स्थापित किया है और इस मामले में उनकी दी गई जानकारी की जांच कर रही है। यह हत्याकांड, जो पहले ही अपने जटिल और चौंकाने वाले तथ्यों के लिए सुर्खियों में था, अब और रहस्यमयी हो गया है।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड

राजा रघुवंशी (29) और सोनम रघुवंशी (25) की शादी 11 मई 2025 को इंदौर में हुई थी। शादी के नौ दिन बाद, 20 मई को, यह जोड़ा अपने हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग पहुंचा। 23 मई को दोनों सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में लापता हो गए, जिसके बाद मेघालय पुलिस ने खोजबीन शुरू की। 24 मई को उनकी किराए की स्कूटी सोहरा-शिलांग रोड पर एक कैफे के बाहर लावारिस हालत में मिली। 2 जून को, राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले में वेई सॉडोंग वॉटरफॉल के पास एक गहरी खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि राजा के सिर पर धारदार हथियार से दो घातक चोटें लगी थीं, जिससे उनकी हत्या की पुष्टि हुई।

मेघालय पुलिस ने इस मामले को 'ऑपरेशन हनीमून' नाम दिया और विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सोनम रघुवंशी ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा (21) और तीन अन्य व्यक्तियों—विशाल सिंह चौहान (22), आकाश राजपूत (19), और आनंद कुर्मी (23)—के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। 8 जून को, सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने हत्या के लिए 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें से 15,000 रुपये उसने राजा के बटुए से निकाले थे।

  • उजाला यादव की एंट्री के बाद खुलासे

इस हत्याकांड में उजाला यादव की एंट्री ने जांच को एक नया आयाम दिया है। गाजीपुर के सैदपुर की रहने वाली उजाला ने दावा किया कि 8 जून 2025 की रात को वह वाराणसी रोडवेज बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म नंबर 7 से सैदपुर तक सोनम रघुवंशी के साथ बस में यात्रा कर रही थी। उजाला ने एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में बताया कि सोनम दो अज्ञात पुरुषों के साथ थी और गोरखपुर जाने वाली बस की तलाश में थी। उजाला के अनुसार, सोनम ने उसे डांटा जब उसने राजा रघुवंशी की हत्या से संबंधित सोशल मीडिया रील्स देखीं। उजाला ने यह भी कहा कि सोनम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी, और वह बार-बार अपने साथियों से बात कर रही थी।

उजाला ने आगे बताया कि वाराणसी से गाजीपुर तक की यात्रा के दौरान सोनम ने अपने साथियों के साथ फोन पर बात की और बस स्टैंड पर उतरने के बाद वह कहीं चली गई। उजाला का यह बयान सोनम की उस कहानी से पूरी तरह विरोधाभासी है, जिसमें उसने दावा किया था कि उसे मेघालय में अपहरण किया गया था और वह बेहोशी की हालत में गाजीपुर पहुंची। उजाला के इस खुलासे ने सोनम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं और पुलिस को यह जांच करने के लिए प्रेरित किया है कि क्या सोनम ने अपनी गिरफ्तारी से पहले गाजीपुर में किसी और की मदद ली थी।

मेघालय पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि वे उजाला यादव के साथ संपर्क में हैं और उनके बयानों की सत्यता की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोनम के साथ देखे गए दो पुरुष कौन थे और क्या वे इस साजिश में शामिल थे। इसके अलावा, पुलिस वाराणसी और गाजीपुर के बस स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि उजाला के दावों की पुष्टि की जा सके।

  • सोनम की कहानी और पुलिस की जांच

सोनम ने आत्मसमर्पण के बाद दावा किया था कि मेघालय में कुछ लोगों ने उसका आभूषण छीनने की कोशिश की थी, और राजा ने उसकी रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी। उसने यह भी कहा कि उसे बेहोश कर दिया गया था और उसे नहीं पता कि वह गाजीपुर कैसे पहुंची। हालांकि, मेघालय पुलिस ने इस कहानी को पूरी तरह खारिज कर दिया। पुलिस के अनुसार, सोनम ने राज कुशवाहा के साथ मिलकर हत्या की साजिश 11 मई को शादी से पहले ही रच ली थी। इस साजिश में तीन अन्य व्यक्तियों को शामिल किया गया, जो राज के दोस्त और एक चचेरा भाई थे।

पुलिस ने बताया कि हत्या की योजना गुवाहाटी, नोंग्रीट, और मावख्लिएह में तीन बार असफल रही थी। अंततः 23 मई को, वाहकदैत के पास एक पार्किंग स्थल पर, राजा को तीन आरोपियों ने हमला करके मार डाला, जबकि सोनम वहां मौजूद थी। हत्या के बाद, राजा के शव को पास की खाई में फेंक दिया गया। सोनम ने अपना खून से सना रेनकोट आकाश को दे दिया, जिसे बाद में मावक्मा गांव में फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल एक खुकरी, खून से सने कपड़े, और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं।

सोनम ने हत्या के बाद शिलांग से गुवाहाटी तक टैक्सी ली और वहां से ट्रेन के जरिए इंदौर पहुंची। 27 मई को वह इंदौर में राज कुशवाहा से मिली और अगले दिन गाजीपुर के लिए रवाना हो गई। पुलिस का मानना है कि सोनम और राज ने यह योजना बनाई थी कि सोनम खुद को अपहरण का शिकार दिखाएगी ताकि राजा का शव पहचाना न जाए। हालांकि, तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राज ने घबराहट में सोनम को गाजीपुर में आत्मसमर्पण करने की सलाह दी।

  • उजाला यादव की भूमिका और पुलिस की कार्रवाई

उजाला यादव के बयानों ने इस मामले में कई नए सवाल खड़े किए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या सोनम ने गाजीपुर पहुंचने से पहले किसी और की मदद ली थी। उजाला का दावा कि सोनम दो पुरुषों के साथ थी, यह संकेत देता है कि सोनम की गतिविधियां पहले से नियोजित थीं। मेघालय पुलिस ने उजाला से औपचारिक बयान दर्ज करने के लिए गाजीपुर में एक टीम भेजी है। इसके अलावा, पुलिस ने वाराणसी रोडवेज बस स्टैंड और गाजीपुर के आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज की जांच तेज कर दी है।

पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि उजाला का इस मामले में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, और वह एक चश्मदीद के रूप में सामने आई है। उजाला ने बताया कि उसने सोनम को पहचान लिया क्योंकि वह राजा रघुवंशी हत्याकांड से संबंधित खबरें और रील्स देख रही थी। पुलिस उजाला के बयानों को अन्य साक्ष्यों, जैसे फोन रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज, के साथ मिलान कर रही है ताकि इसकी सत्यता सुनिश्चित की जा सके।

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मेघालय पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की है। सभी पांच आरोपियों को 11 जून को शिलांग की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने 42 स्थानों से सीसीटीवी फुटेज, खून से सने कपड़े, एक खुकरी, और आरोपियों के मोबाइल फोन जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। शिलांग के पुलिस अधीक्षक विवेक स्येम ने बताया कि हत्या की साजिश फरवरी 2025 से शुरू हो गई थी, और राज कुशवाहा इस साजिश का मुख्य सूत्रधार था। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि सोनम ने हत्या के बाद राजा के गहने और नकदी लूटने की कोशिश की थी ताकि इसे लूटपाट का मामला दिखाया जा सके।

मेघालय पुलिस ने उजाला यादव के बयानों को गंभीरता से लिया है और इस मामले में और गहराई से जांच करने का फैसला किया है। पुलिस का मानना है कि उजाला के खुलासे सोनम की साजिश को और उजागर कर सकते हैं। इस मामले में अब तक जितेंद्र रघुवंशी का नाम भी सामने आया है, जिसके खाते से हत्यारों को शुरुआती भुगतान किया गया था। हालांकि, सोनम के भाई गोविंद ने दावा किया कि जितेंद्र उनके परिवार के व्यवसाय में एक जूनियर कर्मचारी हैं, और उनका खाता नियमित लेनदेन के लिए इस्तेमाल होता था।

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