Viral News: पुणे में इंद्रायणी नदी पर पुराना पुल ढहा, वीडियो में दिखी अफरा-तफरी, कई पर्यटक बह गए। 

महाराष्ट्र के पुणे जिले के मावल तहसील में इंद्रायणी नदी पर बना एक पुराना लोहे का पुल रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक...

Jun 16, 2025 - 13:21
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Viral News: पुणे में इंद्रायणी नदी पर पुराना पुल ढहा, वीडियो में दिखी अफरा-तफरी, कई पर्यटक बह गए। 

पुणे, 15 जून 2025: महाराष्ट्र के पुणे जिले के मावल तहसील में इंद्रायणी नदी पर बना एक पुराना लोहे का पुल रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक ढह गया, जिसके बाद कई पर्यटक तेज बहाव वाली नदी में बह गए। यह हादसा कुंडमाला गांव के पास हुआ, जो एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है और मानसून के दौरान भारी भीड़ के लिए जाना जाता है। हादसे का एक 45 सेकंड का वीडियो सामने आया है, जिसमें पुल के ढहने के बाद की अफरा-तफरी और नदी के तेज बहाव में लोगों के बहने की भयावह स्थिति साफ दिखाई दे रही है। इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है, 32 लोग घायल हैं, और कई अन्य लापता हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस, और ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिया।

हादसे का वीडियो, जो सबसे पहले समाचार एजेंसी PTI द्वारा अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया, तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दिखाई देता है कि इंद्रायणी नदी पर बना लोहे का पुल पूरी तरह से ढह चुका है, और इसका मलबा नदी में बिखरा हुआ है। नदी का तेज बहाव कई पर्यटकों को अपने साथ बहा ले गया, जबकि कुछ लोग मलबे में फंसे नजर आए। वीडियो में स्थानीय लोग और बचाव दल नदी के किनारे इकट्ठा होकर बचाव कार्य में जुटे दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय पुल पर करीब 125 पर्यटक मौजूद थे, जिनमें से 20-25 लोग नदी के तेज बहाव में बह गए।

पुणे के कुंडमाला क्षेत्र में यह पुल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है, जहां मानसून के दौरान लोग इंद्रायणी नदी के किनारे और आसपास के झरनों का आनंद लेने आते हैं। रविवार होने के कारण इस क्षेत्र में भारी भीड़ थी, और कई परिवार और युवा इस स्थान पर पिकनिक के लिए आए थे। हादसे के समय पुल पर दोपहिया वाहनों की मौजूदगी और अत्यधिक भीड़ को भी हादसे का एक कारण माना जा रहा है।

पुल के ढहने का प्रारंभिक कारण इसकी जर्जर स्थिति और हाल के दिनों में हुई भारी बारिश को बताया जा रहा है। पुणे और पिंपरी-चिंचवड में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही थी, जिसके कारण इंद्रायणी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। मौसम विभाग ने पुणे और आसपास के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह पुल औपनिवेशिक काल का था और इसकी हालत पहले से ही खराब थी। कई पर्यटकों ने चेतावनी बोर्ड को नजरअंदाज किया, जिसके कारण हादसा और गंभीर हो गया।

पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र दुडी ने बताया कि अब तक 38 लोगों को बचाया जा चुका है, जिनमें से 30 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छह लोगों की हालत गंभीर है, और उन्हें नजदीकी सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आईसीयू में भेजा गया है। हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और दो शव बरामद किए गए हैं। कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं, जबकि 4-5 लोगों के नदी में बहने की आशंका है।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल, और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। NDRF और SDRF की टीमें भी जल्दी से घटनास्थल पर पहुंचीं और नावों, रस्सियों, और ड्रोन की मदद से लोगों को खोजने का प्रयास शुरू किया। बचाव कार्य में 15 से अधिक एम्बुलेंस और विशेष वाहनों को तैनात किया गया। पुणे के पुलिस आयुक्त ने बताया कि बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, और गोताखोरों की एक विशेष टीम नदी में लापता लोगों की तलाश कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। फडणवीस ने पुणे के मंडलायुक्त, जिला कलेक्टर, और पुलिस अधीक्षक से लगातार संपर्क में रहकर स्थिति की निगरानी करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो वर्तमान में साइप्रस की यात्रा पर हैं, ने फ Hawkins टेलीफोन पर मुख्यमंत्री से बात की और बचाव कार्यों की जानकारी ली।

उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि पुल की स्थिति पहले से ही खराब थी, और पर्यटकों की भीड़ के साथ-साथ दोपहिया वाहनों की मौजूदगी ने हादसे को और गंभीर बना दिया। उन्होंने बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने भी हादसे पर दुख जताया और जिला कलेक्टर से बात कर सभी आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी फडणवीस से बात कर स्थिति का जायजा लिया और NDRF की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिसके कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

  • प्रत्यक्षदर्शियों का अनुभव और पीड़ित

हादसे के समय पुल पर मौजूद कुछ पर्यटकों ने भयावह अनुभव साझा किया। लुल्लानगर की 46 वर्षीय चित्रलेखा अनिल कुमार और उनकी 22 वर्षीय बेटी लतिका उस समय पुल पर थीं, जब वह अचानक ढह गया। दोनों को मामूली चोटें आईं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चित्रलेखा ने बताया कि वे रविवार की छुट्टी का आनंद लेने कुंडमाला आए थे, लेकिन यह सैर एक दुखद अनुभव में बदल गई। उन्होंने कहा कि पुल हिल रहा था और भीड़ के कारण स्थिति पहले से ही असुरक्षित लग रही थी।

पुलिस ने बताया कि हादसे में कम से कम 10-15 लोग नदी में बह गए, जिनमें से कुछ को स्थानीय लोगों ने तुरंत बचा लिया। हालांकि, अभी भी कुछ लोग लापता हैं, और उनकी तलाश जारी है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हादसे के बाद लोग चिल्ला रहे थे, और नदी का तेज बहाव बचाव कार्य को और मुश्किल बना रहा था।

इस हादसे ने पुणे में सड़क और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह पुल 30 साल पुराना था और इसकी मरम्मत की आवश्यकता थी। स्थानीय लोगों ने पहले भी प्रशासन से इसकी मरम्मत की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे के बाद, प्रशासन ने क्षेत्र में बैरिकेडिंग और पुलिस तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है। पुणे पुलिस ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मानसून के दौरान खतरनाक स्थानों पर जाने से बचें और चेतावनी बोर्डों का पालन करें।

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पुणे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पुष्टि की कि लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था, जिसने हादसे को और खतरनाक बना दिया। प्रशासन ने क्षेत्र में और अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने और नियमित गश्त की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।

बचाव कार्य रविवार देर रात तक जारी रहा, जिसमें गोताखोरों और विशेषज्ञों की टीमें शामिल थीं। पुणे के सिविल अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है, और दो लोग गंभीर स्थिति में आईसीयू में भर्ती हैं। जिला कलेक्टर ने बताया कि सटीक संख्या का आकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, 20-30 लोग नदी में बह गए थे। बचाव दल ने अब तक 38 लोगों को सुरक्षित निकाला है, और लापता लोगों की तलाश में ड्रोन और नावों का उपयोग किया जा रहा है।

महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल और जिला कलेक्टर जितेंद्र दुडी ने सिविल अस्पताल का दौरा किया और घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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