Viral News: अहमदाबाद विमान हादसा: 28 घंटे बाद बीजे मेडिकल कॉलेज की छत पर मिला एयर इंडिया का ब्लैक बॉक्स, जांच में मिलेगा महत्वपूर्ण सुराग?
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के....
अहमदाबाद : गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के 28 घंटे बाद, विमान का डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR), जिसे ब्लैक बॉक्स के रूप में जाना जाता है, मेघानीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास की छत पर बरामद किया गया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने ब्लैक बॉक्स को अपने कब्जे में ले लिया है, और इसे दिल्ली के अत्याधुनिक डीएफडीआर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) लैबोरेटरी में विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। यह ब्लैक बॉक्स हादसे के कारणों को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जिसमें 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित 270 लोगों की मौत हो गई थी।
12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे। टेकऑफ के 30 सेकंड बाद, विमान केवल 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सका और मेघानीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और मेस की इमारत से टकरा गया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई, और 1,25,000 लीटर ईंधन के कारण आग इतनी भीषण थी कि आसपास का इलाका काले धुएं और चीखों से भर गया।
हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बांसवाड़ा के एक परिवार के पांच सदस्य, और मणिपुर की दो केबिन क्रू सदस्य, कोंग्रबाइलटपम नगंथोई शर्मा और लम्नुन्थेम सिंगसन, शामिल थे। इसके अलावा, हॉस्टल में मौजूद कम से कम 20 लोग, जिनमें चार एमबीबीएस छात्र, एक डॉक्टर की पत्नी, और अन्य कर्मचारी शामिल थे, मारे गए। बीजे मेडिकल कॉलेज की डीन, डॉ. मीनाक्षी पारिख, ने बताया कि 50-60 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 19 छात्र शामिल हैं।
चमत्कारिक रूप से, एकमात्र जीवित बचे यात्री, 40 वर्षीय भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश, सीट 11A पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि आपातकालीन निकास द्वार के पास होने के कारण वह बच निकले, लेकिन उन्होंने अपने सामने चालक दल और यात्रियों को मरते देखा।
- ब्लैक बॉक्स की बरामदगी
13 जून 2025 को, हादसे के 28 घंटे बाद, AAIB की 40 सदस्यीय टीम और गुजरात सरकार के कर्मचारियों ने बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की छत पर डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) बरामद किया। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "ब्लैक बॉक्स की बरामदगी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हादसे के कारणों को समझने में मदद करेगा।"
ब्लैक बॉक्स, जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल होते हैं, आमतौर पर विमान के पूंछ वाले हिस्से में होता है, जो हादसों में सबसे अधिक सुरक्षित रहता है। हालांकि, इस हादसे में केवल FDR बरामद हुआ है, और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) अभी तक नहीं मिला है। AAIB ने बताया कि CVR की खोज जारी है, जो विमान के अंतिम क्षणों में पायलटों की बातचीत और कॉकपिट के ध्वनियों को रिकॉर्ड करता है।
दिल्ली में हाल ही में शुरू हुई DFDR और CVR लैबोरेटरी में ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण किया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधा क्षतिग्रस्त ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालने और हादसे के कारणों का विश्लेषण करने में सक्षम है। विशेषज्ञों का कहना है कि FDR विमान की गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, और फ्लैप सेटिंग्स जैसे तकनीकी पहलुओं को प्रकट करेगा, जो हादसे की वजह को समझने में महत्वपूर्ण होगा।
- जांच का दायरा
प्रारंभिक जांच में इंजन विफलता, बर्ड स्ट्राइक, या मानवीय त्रुटि की संभावनाएं शामिल हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक विमानों में दोनों इंजनों के एक साथ विफल होने की संभावना बहुत कम है।
नागरिक उड्डयन निदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया के सभी बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों की अतिरिक्त सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें पावर एश्योरेंस चेक शामिल हैं। बोइंग और जीई एयरोस्पेस के विशेषज्ञों की एक टीम भी जांच में सहायता के लिए अहमदाबाद पहुंच चुकी है।
- हिनाबेन कालरिया का दावा
हादसे से डेढ़ घंटे पहले उसी विमान से लंदन से अहमदाबाद पहुंचीं हिनाबेन कालरिया ने दावा किया कि लैंडिंग के दौरान विमान से खड़खड़ाहट की अजीब आवाजें आ रही थीं। उन्होंने कहा, "एयर कंडीशनिंग सिस्टम और सीटों की डिस्प्ले स्क्रीन काम नहीं कर रही थीं। क्रू ने इसे सामान्य बताया, लेकिन मुझे डर लग रहा था।" यह बयान प्री-फ्लाइट जांच में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।
हादसे के बाद, एनडीआरएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, और रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें बचाव कार्य में जुट गईं। अहमदाबाद, वडोदरा, और सूरत से 60 फायर वाहन और 20 वाटर बोउजर्स आग बुझाने में लगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी गई, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कई लोगों को बचाना संभव नहीं हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जून को घटनास्थल का दौरा किया और सिविल अस्पताल में विश्वास कुमार और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "यह देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।" टाटा समूह ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज का खर्च वहन करने की घोषणा की।
हादसे ने अहमदाबाद और पूरे देश को शोक में डुबो दिया। मेघानीनगर में स्थानीय लोगों ने मृतकों की याद में एक मूक मोमबत्ती जुलूस निकाला। सिविल अस्पताल में शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं, क्योंकि अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके हैं।
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हादसे में मारे गए लोगों में मेडिकल छात्र, डॉक्टरों के रिश्तेदार, और स्थानीय निवासी शामिल हैं। एक स्थानीय निवासी, कल्पेशभाई पटनी, ने अपने 14 वर्षीय भाई को खो दिया, जिसकी मार्मिक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
- विमानन सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का पहला घातक हादसा है, जिसने इस विमान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स का डेटा तकनीकी और मानवीय त्रुटियों को अलग करने में मदद करेगा।
अहमदाबाद विमान हादसा भारत के इतिहास के सबसे दुखद हादसों में से एक है। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो हादसे के सटीक कारणों को उजागर कर सकता है। हिनाबेन कालरिया के दावों ने प्री-फ्लाइट जांच की खामियों की ओर इशारा किया है, जिसे गंभीरता से लिया जा रहा है।
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