Lucknow : राष्ट्रीय शर्करा संस्थान और उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के बीच समझौता, गन्ना किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि इस समझौते से प्रतिवर्ष लगभग 15,000 क्विंटल अतिरिक्त ब्रीडर सीड किसानों को उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यूपीसीएसआर

Sep 5, 2025 - 00:28
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Lucknow : राष्ट्रीय शर्करा संस्थान और उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के बीच समझौता, गन्ना किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान और उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के बीच समझौता, गन्ना किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज

उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के लिए 4 सितंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। यह समझौता राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई), कानपुर और उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद (यूपीसीएसआर), शाहजहांपुर के बीच हुआ। समझौते पर हस्ताक्षर समारोह लखनऊ में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की मौजूदगी में विधान भवन स्थित उनके कार्यालय में आयोजित हुआ। हस्ताक्षर एनएसआई की निदेशक सीमा परोहा और यूपीसीएसआर के निदेशक वी.के. शुक्ल ने किए।

इस समझौते के तहत एनएसआई अपनी 52 एकड़ कृषि भूमि पर ब्रीडर सीड (अभिजनक बीज) गन्ने का उत्पादन और संवर्धन करेगा। इसमें 20 एकड़ भूमि पर शरदकालीन गन्ना रोपण और शेष क्षेत्र में वसंतकालीन गन्ना रोपण किया जाएगा। भविष्य में एनएसआई अपनी अतिरिक्त भूमि का उपयोग भी बीज उत्पादन के लिए करेगा। यूपीसीएसआर एनएसआई को उन्नत किस्मों के गन्ना बीज सक्षम स्तर से निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराएगा। साथ ही, यूपीसीएसआर के वैज्ञानिक खेतों का निरीक्षण करेंगे और निःशुल्क तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। एनएसआई द्वारा उत्पादित बीज की आपूर्ति गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश के आवंटन आदेश के अनुसार किसानों को की जाएगी।मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि इस समझौते से प्रतिवर्ष लगभग 15,000 क्विंटल अतिरिक्त ब्रीडर सीड किसानों को उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यूपीसीएसआर एनएसआई के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण देगा। यह पहल दोनों संस्थानों के बीच तकनीकी सहयोग और विश्वास को बढ़ाएगी, जिससे गन्ना किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज आसानी से मिल सकेंगे। इससे गन्ना उत्पादकता में वृद्धि होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और चीनी उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि बीज की बिक्री गन्ना विभाग द्वारा निर्धारित मूल्य पर होगी, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके। इस समझौते से गन्ना उत्पादन में गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ किसानों और चीनी उद्योग को मिलेगा।

समारोह में अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास वीना कुमारी, आयुक्त मिनिस्ती एस., और दोनों संस्थानों व विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह समझौता उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्र में एक नई शुरुआत का प्रतीक है, जो किसानों के लिए समृद्धि और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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