Lucknow : उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में अगस्त तक 22,337.62 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व, अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई
नितिन अग्रवाल ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के चलते यह उपलब्धि हासिल हुई है। 1 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक प्रदेश में अवैध शराब के निर्मा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अगस्त तक आबकारी विभाग ने 22,337.62 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अगस्त तक प्राप्त 19,316.48 करोड़ रुपये की तुलना में 15.64 प्रतिशत यानी 3,021.41 करोड़ रुपये अधिक है। इस वर्ष अगस्त तक का लक्ष्य 23,400 करोड़ रुपये था। मंत्री ने बताया कि केवल अगस्त 2025 में 3,754.43 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष अगस्त में प्राप्त 3,580.19 करोड़ रुपये की तुलना में 4.86 प्रतिशत यानी 174.24 करोड़ रुपये अधिक है।
नितिन अग्रवाल ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई के चलते यह उपलब्धि हासिल हुई है। 1 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के 10,503 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान लगभग 2.69 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। अवैध शराब के कारोबार में शामिल 1,995 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 351 को जेल भेजा गया। इसके अलावा, तस्करी में उपयोग किए गए 23 वाहनों को जब्त किया गया।
मंत्री ने आगे बताया कि अवैध शराब पर अंकुश लगाने के लिए 28 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक 10 दिनों का तीसरा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 31 अगस्त तक 1,587 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 38,099 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इस दौरान 340 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 83 को जेल भेजा गया। साथ ही, शराब तस्करी में उपयोग किए गए 3 वाहनों को जब्त किया गया।
नितिन अग्रवाल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए आबकारी विभाग, पुलिस, जीएसटी, परिवहन विभाग और रेलवे सुरक्षा बल के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। यह अभियान न केवल राजस्व वृद्धि में योगदान दे रहा है, बल्कि जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग ने नकली शराब के उत्पादन पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी है। शराब और स्प्रिट के टैंकरों में डिजिटल लॉक, डिस्टिलरी में सीसीटीवी कैमरे और वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने जैसे कदमों से पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत किया गया है। यह प्रयास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
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