Lucknow : पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ में गोवंश संरक्षण केंद्रों का किया निरीक्षण, आत्मनिर्भरता और बेहतर देखभाल के दिए निर्देश

मंत्री ने गोशालाओं में गायों को धूप, गर्मी, बारिश और ठंड से बचाने के लिए टीन शेड को और मजबूत करने तथा खड़ंजा निर्माण के निर्देश दिए। महिजावां गोशाला में 22

By INA News Desk
Sep 5, 2025 - 00:34
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Lucknow : पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ में गोवंश संरक्षण केंद्रों का किया निरीक्षण, आत्मनिर्भरता और बेहतर देखभाल के दिए निर्देश
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ में गोवंश संरक्षण केंद्रों का किया निरीक्षण, आत्मनिर्भरता और बेहतर देखभाल के दिए निर्देश

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में स्थित महिजावां और इन्दारा के अस्थायी गोवंश संरक्षण केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोवंश के लिए उपलब्ध चारा, भूसा, चिकित्सा सुविधाएं, दवाइयां, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण में हरे चारे की कमी पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गोवंश के लिए नियमित रूप से पौष्टिक और हरा चारा उपलब्ध कराया जाए।मंत्री ने गोशालाओं में गायों को धूप, गर्मी, बारिश और ठंड से बचाने के लिए टीन शेड को और मजबूत करने तथा खड़ंजा निर्माण के निर्देश दिए। महिजावां गोशाला में 226 और इन्दारा गोशाला में 162 गोवंश संरक्षित पाए गए। उन्होंने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि गोबर से कंडे और कम्पोस्ट खाद बनाकर बिक्री की जाए। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को गोशालाओं से जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें।धर्मपाल सिंह ने कहा कि गोवंश के संरक्षण और संवर्धन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गोशालाओं में चारा, भूसा, पेयजल और प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोवंश को केला, चना और गुड़ खिलाकर उनकी देखभाल का जायजा लिया। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए गोवंश को रेडियम बेल्ट पहनाने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के बाद बीकेटी ब्लॉक में गोवंश संरक्षण और संवर्धन पर एक समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई। इस बैठक में मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार गोवंश संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ गोमूत्र और गोबर जैसे गो-उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल गोशालाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।उन्होंने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे दूध देना बंद करने वाले गोवंश को निराश्रित न छोड़ें। सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है, जिसमें गो-उत्पादों का उपयोग महत्वपूर्ण है।

बैठक में बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रामेंद्र सिंह, अपर निदेशक गोपेश श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी अजीत सिंह, उपायुक्त मनरेगा सुशील कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी पूजा पांडेय, उपजिलाधिकारी साहिल कुमार, संयुक्त निदेशक प्रक्षेत्र सुनील कुमार राय, सभी उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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