Lucknow : मलिहाबाद में कवच आम सभा का आयोजन, फ्रूट प्रोटेक्शन बैग बना आकर्षण का केंद्र

इस सभा का मुख्य आकर्षण कवच मैंगो फ्रूट प्रोटेक्शन बैग रहा, जिसे मेटा एग्रीटेक ने विकसित किया है। कंपनी के संस्थापक मयंक सिंह और सुजीत सिंह ने किसानों को इस तकनीक के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि यह बैग आम

Apr 1, 2026 - 22:47
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Lucknow : मलिहाबाद में कवच आम सभा का आयोजन, फ्रूट प्रोटेक्शन बैग बना आकर्षण का केंद्र
AI Image; Lucknow : मलिहाबाद में कवच आम सभा का आयोजन, फ्रूट प्रोटेक्शन बैग बना आकर्षण का केंद्र

लखनऊ के प्रसिद्ध आम क्षेत्र मलिहाबाद के माल इलाके में स्थित ग्राम सभा अटारी में मेटा एग्रीटेक और अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के सहयोग से कवच आम सभा का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रगतिशील आम बागवानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ टी दामोदरन रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ मनीष मिश्रा, डॉ डी के वर्मा और उद्यान निरीक्षक दिलीप कुमार शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील बागवान कुंवर बलबीर सिंह ने की।

इस सभा का मुख्य आकर्षण कवच मैंगो फ्रूट प्रोटेक्शन बैग रहा, जिसे मेटा एग्रीटेक ने विकसित किया है। कंपनी के संस्थापक मयंक सिंह और सुजीत सिंह ने किसानों को इस तकनीक के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि यह बैग आम को कीटों, धूल, धूप और रोगों से बचाता है, जिससे फलों की गुणवत्ता सुधरती है और किसानों को बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं। ये बैग मलिहाबाद में ही बनाए जा रहे हैं और किसान इनका उपयोग दो वर्षों तक कर सकते हैं। कंपनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इन आमों की सीधी खरीद कर किसानों को बड़े बाजार से भी जोड़ रही है।

अवध आम उत्पादक समिति के महासचिव उपेंद्र कुमार सिंह ने किसानों को बैगिंग तकनीक और बाग प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग के सहयोग से किसानों को बैगिंग और पेड़ों की छंटाई पर सब्सिडी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य अतिथि डॉ टी दामोदरन ने किसानों से कहा कि आम की खेती को केवल फसल न मानकर एक उद्योग की तरह विकसित करें। उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कीट प्रबंधन के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मेटा एग्रीटेक एक ऐसा स्टार्टअप है जो संस्थान के साथ मिलकर आम बागवानी में वैज्ञानिक तरीकों को बढ़ावा दे रहा है।

उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ डी के वर्मा ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। प्रगतिशील बागवान डॉ राम गोपाल ने आम की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी पोषक तत्वों के प्रयोग पर अपने अनुभव साझा किए। अंत में कुंवर बलबीर सिंह ने विशेषज्ञों के सामने आम उत्पादन से जुड़ी समस्याओं जैसे नकली कीटनाशक, ईंट-भट्टों के धुएं से होने वाले रोग और पुराने बागों के सुधार में आने वाली दिक्कतों को रखा। किसानों ने इस नई तकनीक की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की।

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