Lucknow : भारत पशुधन ऐप पर मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
कार्यक्रम में महानिदेशक पं. दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान एल वेंकटेश्वर लू ने पशुपालन में प्रगति के लिए मजबूत डिजिटल डेटाबेस की जरूरत बताई
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में लखनऊ के राज्य ग्रामीण विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में नेशनल डिजिटल लाइवस्टॉक मिशन के तहत विकसित भारत पशुधन ऐप के सही उपयोग पर एक दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद और पशुपालन विभाग द्वारा चलाया गया।
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि भारत पशुधन ऐप पर पशु और पशुपालक पंजीकरण के साथ पशुओं के प्रजनन एवं स्वास्थ्य आंकड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा रहा है। एआई और मशीन लर्निंग से इनका अध्ययन कर योजनाएं बनाई जा रही हैं। ऐप से पशुओं का चिन्हांकन होगा, जिससे अच्छे जीन वाले पशुओं की जानकारी मिलेगी। साथ ही पशु रोग, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान जैसी गतिविधियों के रियल टाइम आंकड़े उपलब्ध होंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से ऐप पर अंकन के महत्वपूर्ण कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कार्यक्रम में महानिदेशक पं. दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्रामीण विकास संस्थान एल वेंकटेश्वर लू ने पशुपालन में प्रगति के लिए मजबूत डिजिटल डेटाबेस की जरूरत बताई। उन्होंने सभी से ऐप पर आंकड़ों का सही अंकन सुनिश्चित करने के लिए पूरा ध्यान देने को कहा।
प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को भारत पशुधन ऐप और डेटाबेस के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने ऐप पर संबंधित आंकड़ों का अधिक से अधिक अंकन करने को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में एनडीएलएम ग्रुप और एनडीडीबी से आए प्रशिक्षक नवीन सिंह और डॉ. जिगर रावल ने भारत पशुधन ऐप के एडमिन मॉड्यूल, एनिमल ब्रीडिंग मॉड्यूल, एनिमल हेल्थ मॉड्यूल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष सचिव पशुधन देवेंद्र पांडेय ने डिजिटल रिकॉर्डिंग के बारे में बताया।
विभाग के निदेशक, प्रशासन एवं विकास डॉ. योगेंद्र सिंह पवार और मुख्य कार्यकारी, उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों से ऐप पर सूचनाएं समय पर अंकित करने की अपेक्षा की। प्रशिक्षण में प्रदेश के सभी जिलों से नामित नोडल अधिकारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां, एनजीओ आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वीनू पांडे, उपनिदेशक परिषद ने किया।
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