Lucknow : सीमा पर तैनात जवानों को बहनों ने बांधी राखी, पर्यटन को बढ़ावा देने में सुरक्षा की भूमिका पर जोर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘सुरक्षित प्रदेश-समृद्ध पर्यटन’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभा
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक अनूठा आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधकर उनका सम्मान किया। इस पहल का उद्देश्य न केवल जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था, बल्कि यह भी दर्शाना था कि सुरक्षित वातावरण प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने की मजबूत नींव है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग (ग्रामीण) ने इस अवसर पर कई सीमावर्ती जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें महिलाओं ने जवानों को परिवार जैसा स्नेह दिया, मधुर लोकगीत गाए, और हाथों से बनी राखियां बांधीं। यह आयोजन सिद्धार्थनगर के खुनवा, लखीमपुर के चंदन चौकी, महराजगंज के चंडीथान, पीलीभीत के सेल्हा सहित कई अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के कैंपों में हुआ।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन ‘सुरक्षित प्रदेश-समृद्ध पर्यटन’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की पहचान इसके समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव से है। सुरक्षा बलों की सजगता और समर्पण के कारण ही पर्यटक निश्चिंत होकर प्रदेश के ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में भ्रमण कर सकते हैं। यह आयोजन न केवल सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सुरक्षित माहौल पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन स्थानीय समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करते हैं।
प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति, मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि विभाग ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। ‘सुरक्षित प्रदेश-समृद्ध पर्यटन’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। ये कार्यक्रम न केवल स्थानीय समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यटकों को एक सुखद और सुरक्षित अनुभव भी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य हर पर्यटक को उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का अनुभव कराने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह आयोजन ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनूठी पहल है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय महिलाओं ने जवानों के साथ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत किया। महिलाओं ने जवानों को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और समृद्धि की कामना की, जबकि जवानों ने भी उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। स्थानीय समुदाय ने सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सजगता के कारण ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसके तहत होम-स्टे योजनाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल रहे हैं। ग्रामीण संस्कृति, परंपराओं और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए इन क्षेत्रों को आकर्षक पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विभाग ने बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क संपर्क में सुधार, और डिजिटल प्रचार पर विशेष ध्यान दिया है, ताकि देश-विदेश के पर्यटक आसानी से इन क्षेत्रों तक पहुंच सकें। इसके अलावा, ग्रामीण युवाओं को आतिथ्य, मार्गदर्शन, और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे पर्यटन उद्योग में पेशेवर रूप से स्थापित हो सकें।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों ने स्थानीय समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच एक मजबूत रिश्ता स्थापित किया है। जवानों ने इस आयोजन को भावुक और हृदयस्पर्शी बताया। कई जवानों ने कहा कि दूर अपने परिवारों से रहकर देश की सेवा करने के दौरान इस तरह के आयोजन उन्हें अपनापन और प्रेरणा प्रदान करते हैं। स्थानीय महिलाओं ने भी जवानों के समर्पण की सराहना की और कहा कि उनकी सुरक्षा के कारण ही वे निश्चिंत होकर अपने दैनिक जीवन और सांस्कृतिक गतिविधियों को संचालित कर पा रही हैं।
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